Devotees went to Devghar with Kanwar - सामान्य और डाक बमों से पटा रहा सुल्तानगंज DA Image
6 दिसंबर, 2019|8:48|IST

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सामान्य और डाक बमों से पटा रहा सुल्तानगंज

सावन की अंतिम सोमवारी को लेकर रविवार (एकादशी) को श्रावणी मेला क्षेत्र में माहौल भक्तिमय रहा। सामान्य और डाक बम से सुल्तानगंज रेलवे स्टेशन से लेकर गंगा घाट तक पटा रहा। गंगा स्नान और अजगैवीनाथ की पूजा के बाद कांवर लेकर श्रद्धालु बाबा नगरी रवाना हो रहे थे।

कांवरिये रविवार को कड़ी धूप एवं भीषण गर्मी से परेशान हो रहे थे। वे जहां छांव देख रहे थे, वहीं कुछ देर के लिए रुक जा रहे थे। इसके बाद फिर बोल बम का नारे लगाते बाबाधाम बढ़ते जा रहे थे। कृष्णगढ़ नियंत्रण कक्ष के समीप पीएचईडी की ओर लगाए गए झरने में कांवरिये पैर को पानी में भिंगाकर आगे बढ़ते जा रहे थे। कई जगहों पर शिव भक्तों ने कांवरियों के लिए पानी की व्यवस्था सड़क किनारे कर रखी है। कांवरिया को गंगा घाट पर शेड का अभाव रविवार को भी खला। सुल्तानगंज में गंगा के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है। अनुमान लगाया जा रहा है की सावन पूर्णिमा तक मां गंगा पक्की सिढ़ी घाट पर दस्तक दे कांवरियों को पक्की सीढ़ी पर स्नान करने की सुविधा प्रदान कर सकती हैं।

प्रमाणपत्र लेने के लिए लगी रही भीड़ : डाक बमों को डाक प्रमाणपत्र नर्गित करने के लिए जहाज घाट, सिढ़ी घाट, कृष्णगढ़ मुख्य नियंत्रण कक्ष व प्रखंड परिसर नियंत्रण में व्यवस्था की गई है। सर्वाधिक भीड़ डाक बमों की कृष्णगढ़ नियंत्रण कक्ष मैं डाक प्रमाणपत्र लेने के लिए लगी रही। डाक प्रमाणपत्र प्रात करते ही बच्चे हाथ में स्टेप्लर, प्लास्टिक की पन्नी लिए बमों को घेर ले रहे थे। डाक बम प्रमाणपत्र पानी से भिंगने के डर से बच्चों को पांच रुपये देकर पिंच करवाते दिखे। कुछ डाक पर्ची काटने वाले कर्मचारी अपना आदमी इस कार्य के लिए रखते हैं। उनकी जब ड्यूटी समाप्त हो जाती है तो वे बच्चे द्वारा डाक प्रमाणपत्र पिंच करने से हुई कमाई को आपस में बांट लेते हैं।

कृष्णा बम का इंतजार करते रहे लोग : श्रावणी मेला प्रारंभ होने के साथ हर रविवार को सोमवारी डाक जल चढ़ाने जाने वाली कृष्णा बम (माता बम) सावन के अंतिम सोमवारी पर डाक बम जाने के लिए सुल्तानगंज नहीं आईं। उनके आने का इंतजार कंट्रोल रूम में बैठकर जहां उनके अनुयायी करते रहे, वहीं रास्ते में भी महिला-पुरुष खड़ा हो उनके आने का इंतजार करते रहे। कृष्णा बम के आगमन पर लोग उनका पैर छूकर आशीर्वाद लेते हैं। उनके दर्शन का इंतजार क्षेत्रवासियों के अलावा कांवरियों को भी रहता है। डॉ. राम कुमार गुप्ता जिनके आवास पर माता बम ठहरती हैं, उन्होंने बताया की माता बम नहीं आई हैं।

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  • Web Title: Devotees went to Devghar with Kanwar