बोले भागलपुर: भागलपुर में उच्च न्यायालय खंडपीठ की स्थापना हो
भागलपुर में उच्च न्यायालय खंडपीठ की स्थापना की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अभी तक कोई घोषणा नहीं हुई है। वकीलों का कहना है कि इससे भागलपुर और आसपास के लाखों लोगों को सस्ता और त्वरित न्याय मिलेगा। धरना-प्रदर्शन कर वकील लगातार सरकार से इस मुद्दे पर ध्यान देने की अपील कर रहे हैं।
भागलपुर में उच्च न्यायालय खंडपीठ की स्थापना की मांग लंबे समय से की जा रही है। लेकिन अभी तक खंडपीठ को लेकर कोई घोषणा नहीं हुई है। वकीलों का कहना है कि भागलपुर उच्च न्यायालय खंडपीठ की स्थापना का हकदार है। यहां की भौगोलिक और ऐतिहासिक स्थिति को देखते हुए उच्च न्यायालय खंडपीठ की स्थापना होनी चाहिए। इससे भागलपुर और आसपास के जिले के लाखों लोगों को सस्ता, सुलभ और त्वरित न्याय मिल पाएगा। पटना उच्च न्यायालय पर केस का दबाव भी कम होगा।
भागलपुर में उच्च न्यायालय खंडपीठ की स्थापना के लिए वकीलों द्वारा धरना-प्रदर्शन सहित कई कार्यक्रम किये गये। वर्तमान में भी मंच द्वारा धरना दिया जा रहा है। जिला विधिज्ञ संघ का पुराना इतिहास रहा है। वकीलों का कहना है कि अविभाजित बिहार के समय रांची में उच्च न्यायालय की खंडपीठ हुआ करती थी। झारखंड राज्य बनने के बाद बिहार में कहीं उच्च न्यायालय की खंडपीठ का सर्किट कोर्ट नहीं है। भागलपुर में खंडपीठ की स्थापना से पूर्वी बिहार के अलावा कोसी और सीमांचल के कई जिले के लोगों को लाभ मिलेगा। भागलपुर से पटना जाने में पांच से छह घंटे लग जाते हैं। समय के साथ लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। भागलपुर में खंडपीठ होने से लाखों गरीब लोगों को राहत मिल सकती है।
जिला विधिज्ञ संघ के अध्यक्ष विरेश प्रसाद मिश्रा ने बताया कि भागलपुर खंडपीठ की स्थापना की मांग पुरानी है। काफी समय से यहां के वकील आन्दोलन कर रहे हैं। भागलपुर में उच्च न्यायालय खंडपीठ या सर्किट कोर्ट की स्थापना होनी चाहिए। मुकदमों से जुड़े लोगों को पटना जाने में पांच से छह घंटे लग जाते हैं। आने-जाने में खर्च भी अधिक होता है। उच्च न्यायालय में मुकदमों का बोझ बढ़ता जा रहा है। इससे न्याय मिलने में विलंब होता है। भागलपुर की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए खंडपीठ या सर्किट कोर्ट की स्थापना होनी चाहिए। भागलपुर से सटा झारखंड है। यहां खंडपीठ की स्थापना होने से भागलपुर के अलावा बांका, मुंगेर, लखीसराय, जमुई, खगड़िया, कटिहार, पूर्णिया आदि जिले के लोगों को लाभ मिलेगा। खंडपीठ की स्थापना को लेकर जिला विधिज्ञ संघ और उच्च न्यायालय खंडपीठ स्थापना मंच द्वारा कई बार पत्रचार किया गया। खंडपीठ की स्थापना होने से लोगों को सस्ता और सुलभ न्याय मिल पाएगा। झारखंड राज्य बनने के बाद भागलपुर में खंडपीठ की स्थापना का दावा और मजबूत हुआ है। देश के कई राज्यों में उच्च न्यायालय की खंडपीठ है। बिहार भी देश के बड़े राज्यों में एक है। जनता की हित दो देखते हुए सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
उच्च न्यायालय खंडपीठ स्थापना मंच के सचिव संजीव कुमार ने बताया कि 2023 से प्रत्येक महीने के अंतिम शनिवार को खंडपीठ की स्थापना की मांग को लेकर मंच के माध्यम से धरना और प्रदर्शन किया जा रहा है। खंडपीठ की स्थापना को लेकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, बिहार के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के अलावा कई मंत्रियों को मांग पत्र भेजा गया था। भागलपुर में खंडपीठ या सर्किट कोर्ट की स्थापना की मांग कई सालों से हो रही है। खंडपीठ की स्थापना होने से पूर्वी बिहार, कोसी और सीमांचल के लोगों को सुलभता से न्याय मिल पाएगा। उच्च न्यायालय पटना पर मुकदमों का बोझ भी कम होगा। मुकदमों के संबंध में लोगों को उच्च न्यायालय पटना जाने में समय के साथ पैसे भी अधिक खर्च होते हैं। खंडपीठ की स्थापना होने से गरीब लोगों को राहत मिलेगी। 70 के दशक से ही इसकी मांग की जा रही है।
उच्च न्यायालय खंडपीठ स्थापना मंच के कोषाध्यक्ष चक्रपाणि प्रसाद ने बताया कि पटना उच्च न्यायालय में मुकदमा अधिक होने से न्याय मिलने में देरी होती है। भागलपुर में खंडपीठ की स्थापना होने से लोगों को त्वरित न्याय मिल सकता है। भागलपुर और आसपास के लोगों को काफी लाभ मिलेगा। सरकार को इसके लिए पहल करनी चाहिए। मंच के अंकेक्षक चंदन कुमार चौधरी ने बताया कि भागलपुर पुरानी कमिश्नरी है। आबादी लगातार बढ़ रही है। लोगों को पटना आने-जाने में काफी परेशानी होती है। भागलपुर शहर का भी लगातार विस्तार हो रहा है। यहां खंडपीठ या सर्किट कोर्ट की स्थापना होनी चाहिए। अधिवक्ता प्रतिभा कुमारी ने बताया कि भागलपुर में खंडपीठ की स्थापना होने से जिला विधिज्ञ संघ के सदस्यों को भी लाभ मिलेगा। अधिवक्ता राजेश रौशन उर्फ राजू यादव ने बताया कि खंडपीठ की स्थापना की मांग 1967 से की जा रही है। खंडपीठ स्थापना की मांग को सरकार को पूरा करना चाहिए। मुकदमों से जुड़े लोगों को इससे बड़ी राहत मिलेगी।
खंडपीठ के लिए सरकार गंभीरता से प्रयास करे
अधिवक्ता रमण साह ने बताया कि लोगों को न्याय सुलभ तरीके से मिलना चाहिए। भागलपुर शहर का गौरवशाली इतिहास रहा है। उच्च न्यायालय खंडपीठ की स्थापना जरूरी है। बिहार सरकार को इसके लिए गंभीरता से प्रयास करना चाहिए। अधिवक्ता दयानंद झा ने कहा कि खंडपीठ की स्थापना होने से पीड़ित लोगों को सस्ता और सुलभ न्याय मिल सकता है। अधिवक्ता धर्मेन्द्र कुमार ने कहा कि खंडपीठ नहीं तो कम से कम सर्किट कोर्ट की स्थापना होनी चाहिए। आर्थिक तंगी के चलते गरीब परिवारों को उच्च न्यायालय पटना आने-जाने में परेशानी होती है। त्वरित न्याय के लिए खंडपीठ की स्थापना होनी चाहिए।
बोले जिम्मेदार
भागलपुर में उच्च न्यायालय खंडपीठ की स्थापना होनी चाहिए। इसकी मांग लंबे समय से की जा रही है। खंडपीठ की स्थापना होने से भागलपुर के अलावा आसपास के जिलों के लोगों को भी सस्ता, सुलभ और त्वरित न्याय मिल पाएगा। इसके लिए गंभीरता से प्रयास किया जाएगा। प्रक्रिया के बारे में कानूनविदों से जानकारी लेने के बाद मुख्यमंत्री और विधि मंत्री से मिलकर उच्च न्यायालय खंडपीठ की स्थापना की मांग की जाएगी। उचित मंच पर भी इस मामले को उठाया जाएगा।
-रोहित पाण्डेय, विधायक, भागलपुर
इनकी भी सुनिए
भागलपुर में उच्च न्यायालय खंडपीठ की स्थापना की जानी चाहिए। इसके लिए लंबे समय से भागलपुर के अधिवक्ताओं द्वारा आंदोलन किया जा रहा है। सरकार को गंभीरता से इस मुद्दे पर विचार करना चाहिए।
-विरेश प्रसाद मिश्रा, अध्यक्ष जिला विधिज्ञ संघ
हाईकोर्ट में चलने वाले मुकदमे की सुनवाई के लिए पटना जाने-आने में समय और खर्च भी लगता है। भागलपुर में खंडपीठ की स्थापना होने से लोगों को राहत मिलेगी। आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को पटना आने-जाने में परेशानी होती है।
-उमेश कुमार साह
भागलपुर में उच्च न्यायालय खंडपीठ की स्थापना होने से लोगों को सस्ता और सुलभ न्याय मिल सकेगा। भागलपुर बिहार के पुराने शहरों में शामिल है। भौगोलिक स्थिति को देखते हुए भागलपुर में खंडपीठ की स्थापना होनी चाहिए।
-दयानंद झा
भागलपुर में उच्च न्यायालय खंडपीठ की स्थापना होने से भागलपुर के अलावा पूर्वी बिहार के अन्य जिलों के लाखों लोगों को राहत मिलेगी। मुकदमों की सुनवाई में खर्च कम लगेगा। उच्च न्यायालय पटना में मुकदमों का बोझ भी कम होगा।
-रमन साह
वर्षों से भागलपुर में उच्च न्यायालय खंडपीठ की स्थापना की मांग वकीलों द्वारा सरकार से की जा रही है। खंडपीठ की स्थापना होने से सस्ता और सुलभ न्याय मिलेगा। भागलपुर और आसपास के हजारों केस हाई कोर्ट में सुनवाई के लिए लंबित हैं।
-संजय कुमार झा
हर महीने के अंतिम शनिवार को हाईकोर्ट खंडपीठ स्थापना मंच भागलपुर के बैनर तले धरना-प्रदर्शन किया जाता है। वकील इस मांग से जुड़कर अपना समर्थन व सहमति दे रहे हैं, ताकि भागलपुर में खंडपीठ की स्थापना सरकार द्वारा जल्द की जा सके।
-संजीव कुमार
भागलपुर काफी पुरानी कमिश्नरी है। जिसका क्षेत्र कभी काफी विस्तृत और बड़ा हुआ करता था। लेकिन समय के साथ भागलपुर न्यायिक क्षेत्र का दायरा कम होकर कटता चला गया। यहां हाईकोर्ट खंडपीठ की सख्त जरूरत है।
-चंदन कुमार चौधरी
हाईकोर्ट खंडपीठ की मांग लंबे समय से की जा रही है। इसके लिए धरना- प्रदर्शन व आंदोलन किया जा रहा है। भागलपुर में खंडपीठ की स्थापना जल्द होनी चाहिए। ताकि भागलपुर और आसपास के जिले के लोगों को न्याय के लिए पटना नहीं जाना पड़े।
-अमित कुमार झा
उच्च न्यायालय खंडपीठ स्थापना की मांग 1967 से की जा रही है। इसके लिए वकीलों द्वारा काफी संघर्ष किया गया। लेकिन सरकार द्वारा कोई पहल नहीं हुई। सरकार को तत्काल खंडपीठ की स्थापना के लिए पहल करनी चाहिए।
-राकेश रौशन उर्फ राजू यादव
भागलपुर में उच्च न्यायालय खंडपीठ की स्थापना के लिए देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, बिहार के राज्यपाल और मुख्यमंत्री समेत कई मंत्रियों को आवेदन दिया गया। लेकिन सफलता नहीं मिल सकी है।
-सुनील कुमार मंडल
उच्च न्यायालय खंडपीठ स्थापना संघर्ष समिति द्वारा भागलपुर में काफी दिनों से खंडपीठ स्थापना की मांग जारी है। खंडपीठ की स्थापना से हाईकोर्ट में लंबित केस की संख्या में कमी आएगी। वकीलों और वादियों को पटना नहीं जाना पड़ेगा।
-नीलम कुमारी
लंबित केस की संख्या काफी है। उच्च न्यायालय में सुनवाई के लिए समय मिलने में काफी इंतजार करना पड़ता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार को काफी परेशानी होती है। खंडपीठ की स्थापना के लिए अधिवक्ताओं का संघर्ष जारी रहेगा।
-चक्रपाणि प्रसाद
भागलपुर का न्यायिक क्षेत्र काफी पुराना और बड़ा रहा है। इस जिले का गौरवशाली इतिहास रहा है। भागलपुर में हाईकोर्ट खंडपीठ की स्थापना होने से आसपास के जिलों के लोगों को न्याय सस्ता और सुलभ हो सकेगा। सरकार को ध्यान देना चाहिए।
-राजकुमार उर्फ चुन्नू
उच्च न्यायालय पटना में मुकदमों की सुनवाई के क्रम में कई बार महिलाओं को भी जाना पड़ता है। पटना आने-जाने में महिलाओं को परेशानी होती है। भागलपुर में उच्च न्यायालय खंडपीठ की स्थापना होने से महिलाओं को भी राहत मिलेगी।
-बबीता कुमारी
जिला विधिज्ञ संघ और उच्च न्यायालय खंडपीठ स्थापना मंच भागलपुर की ओर से ज्ञापन देकर भागलपुर में उच्च न्यायालय खंडपीठ की स्थापना करने की मांग की जाती रही है। सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
-मो. शमशीर हसन
बिहार के किसी जिले में उच्च न्यायालय की खंडपीठ नहीं है। उच्च न्यायालय खंडपीठ के लिए भागलपुर उपयुक्त जगह है। खंडपीठ की स्थापना होने से पूर्वी बिहार,कोसी और सीमांचल के कई जिले के लाखों लोगों को लाभ मिलेगा।
-रिशांत कुमार गुप्ता
समस्या
1. पिछले कई वर्षों से भागलपुर में उच्च न्यायालय खंडपीठ स्थापना की मांग अधिवक्ताओं द्वारा की जा रही है। लेकिन सरकार द्वारा अब तक इस मांग को लेकर कोई पहल नहीं की गई।
2. भागलपुर में उच्च न्यायालय के खंडपीठ की स्थापना नहीं होने से उच्च न्यायालय पटना में लंबित मामले की संख्या बढ़ती जा रही है।
3. खंडपीठ की स्थापना नहीं होने से पटना हाईकोर्ट में सुनवाई वाले केस के लिए पटना जाना खर्चीला होता है। आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को पटना आने-जाने में परेशानी होती है।
4. उच्च न्यायालय खंडपीठ की स्थापना भागलपुर में नहीं होने से सस्ता और सुलभ न्याय पाने में परेशानी होती है। अधिवक्ताओं को भी केस के निबटारे में परेशानी होती है।
5. भागलपुर में उच्च न्यायालय खंडपीठ की स्थापना नहीं होने से खंडपीठ की स्थापना नहीं होने से लोगों को पटना जाना पड़ता है। आने-जाने में समय की बर्बादी होती है।
सुझाव
1. भागलपुर में लंबे समय से अधिवक्ताओं द्वारा उच्च न्यायालय खंडपीठ की स्थापना मांग की जा रही है। सरकार को इसपर ध्यान देना चाहिए। ताकि भागलपुर में ही केस का निष्पादन हो सके।
2. उच्च न्यायालय खंडपीठ की स्थापना भागलपुर में होने से पूर्वी बिहार के अलावा आसपास के जिले के लोगों को राहत मिलेगी।
3. उच्च न्यायालय पटना में मुकदमों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। उच्च न्यायालय खंडपीठ की स्थापना होने से लाखों लोगों को लाभ मिलेगा।
4. भागलपुर में उच्च न्यायालय खंडपीठ की स्थापना होने से लोगों को पटना आने-जाने से छुटकारा मिलेगा। भागलपुर के अधिवक्ताओं को भी इससे लाभ मिलेगा।
5. भागलपुर में उच्च न्यायालय खंडपीठ की स्थापना होने से पटना उच्च न्यायालय में मुकदमों का बोझ कम होगा। लोगों को सस्ता और सुलभ न्याय मिल पाएगा।
प्रस्तुति: वीरेन्द्र कुमार, रविशंकर, फोटोग्राफ: संजीव

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Yogendra Raiलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




