बोले भागलपुर: लैलख में रेल ओवरब्रिज का जल्द हो निर्माण
भागलपुर जिले के लैलख में रेलवे ओवरब्रिज की मांग कई दशकों से की जा रही है। ग्रामीणों को रेलवे ट्रैक पार कर सबौर और भागलपुर जाने में खतरों का सामना करना पड़ता है।
भागलपुर शहर और सबौर से लैलख समेत सात पंचायत और दर्जनों गांव को सड़क मार्ग से जोड़ने और लैलख-ममलखा स्टेशन के समीप रेल ओवरब्रिज बनाने के लिए आजादी के पूर्व से ही इलाके के ग्रामीण आंदोलन करते आ रहे हैं, लेकिन उनकी मांग अब तक पूरी नहीं हो सकी। इलाके के दर्जनों गांवों की हजारों की आबादी के आवागमन की समस्या बरकरार है। ग्रामीणों ने जिला और रेलवे प्रशासन से दशकों पुरानी मांग पर विचार करने के लिए गुहार लगाई है।

लैलख-ममलखा में रेलवे ओवरब्रिज नहीं होने से ग्रामीणों को इलाज, शिक्षा, बाजार और रोजमर्रा के काम के लिए सबौर या भागलपुर जाने में रेलवे ट्रैक पार कर जाना पड़ता है। जिससे हमेशा जान का खतरा बना रहता है। आवागमन के विकल्प के अभाव में दर्जनों गांव के ग्रामीणों को रेलवे ट्रैक पार कर जाना उनकी विवशता बनी हुई है। जिला प्रशासन, सांसद, विधायक, केंद्र एवं राज्य सरकार के कई मंत्री समेत रेलवे के पदाधिकारी तक को कई बार लैलख ममलखा रेलवे स्टेशन और ट्रैक के समीप रेल ओवरब्रिज निर्माण की मांग को लेकर कई बार आवेदन दिया जा चुका है। लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिलता आ रहा है। जिससे ग्रामीणों की परेशानी हमेशा की तरह बरकरार है। सबसे अधिक दिक्कत किसी के बीमार पड़ने पर होती है, जब मरीजों को गोद में लेकर या खटिया पर सुलाकर रेलवे लाइन पार कराना पड़ता है। पटरी पर ट्रेन खड़ी होने या ट्रेन क्रॉसिंग के वक्त देरी होने पर मरीजों की हालत गंभीर या मौत तक हो जाती है।
ग्रामीणों की समस्या यहीं खत्म नहीं होती है, बल्कि इस इलाके में रहने वाले युवक युवतियों की शादी में भी काफी परेशानी होती है। वाहन आवागमन की असुविधा और हर छोटे-बड़े जरूरी कार्यों के लिए रेलवे ट्रैक पार कर बाजार, स्कूल, अस्पताल और महत्वपूर्ण जगह पर जाने में होने वाली समस्या के कारण लोग अपने बेटे-बेटियों की शादी इस इलाके में नहीं करना चाहते हैं। इसके कारण कई परिवार के बच्चे न चाहकर भी अपने अभिभावक एवं गांव से दूर शहर में रहने को विवश हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता सनीज कुमार उर्फ गोल्डन मंडल ने बताया कि लैलख ममलखा रेलवे स्टेशन के समीप वर्षों पुरानी आरओबी निर्माण की मांग पूरी नहीं होने से सात पंचायत के दर्जनों गांव की करीब 70 हजार की आबादी को भागलपुर और सबौर आने में रेलवे ट्रैक पार करना पड़ता है। भागलपुर के वर्तमान सांसद अजय मंडल और पूर्व सांसद बुलो मंडल ने भी सबौर दक्षिणी क्षेत्र के कई पंचायत और कहलगांव से कनेक्टिविटी के लिए रेलवे ओवरब्रिज निर्माण कराने की बात कही थी। पूर्व सांसद एवं वर्तमान में गोपालपुर विधायक बुलो मंडल ने इस मुद्दे को संसद में मजबूती से उठाया था। लेकिन अब तक इस दिशा में धरातल पर कोई कार्य नहीं हो सका है। जिससे लोगों की परेशानी कम नहीं हो रही है। इस रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के होने से न सिर्फ रेलवे ट्रैक पार की आबादी को आवागमन में सुविधा होगी, बल्कि कहलगांव, गोराडीह समेत कई इलाके के ग्रामीणों को भी भागलपुर सबौर बाजार, हाई स्कूल, अस्पताल आदि जगहों पर आवागमन में सुविधा होगी। इसके लिए भागलपुर जिला और बिहार सरकार की पहल पर केंद्र सरकार और रेलवे द्वारा सामूहिक प्रयास करना होगा। ताकि आरओबी निर्माण की बाधाओं को दूर किया जा सके।
समाजसेवी रामकृष्ण ने बताया कि इलाके के ग्रामीणों की सबसे बड़ी समस्या हजारों की आबादी को रेलवे लाइन के पार जाने के लिए सुविधाओं का अभाव होना है। जिसके कारण न सिर्फ ग्रामीणों को अस्पताल, स्कूल, कार्यालय, बाजार और जिला मुख्यालय जाने में जाम जोखिम में डालकर रेलवे ट्रैक पार करना पड़ता है। रेल ओवरब्रिज के निर्माण से मरीजों को समय पर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाने के साथ एंबुलेंस की सुविधा भी मिल सकेगी। जबकि आगजनी की स्थिति में दमकल समय रहते पहुंच सकता है, जिससे खेती के साथ फसल के नुकसान को कम किया जा सकता है। इस इलाके की बड़ी आबादी धान की खेती पर निर्भर है। लेकिन फसल की उपज और कटनी के बाद धान शहर और बाजारों तक पहुंचाने के लिए रेलवे ट्रैक के पहले वाहन रोकना पड़ता है। इसके बाद ढोकर पूरे अनाज को रेलवे ट्रैक पार कर दूसरे वाहन से शहर या अन्य बाजारों में पहुचाना पड़ता है। जिसमें आर्थिक और शारीरिक रूप से काफी परेशानी होती है।
उप मुखिया रजनीकांत राज ने बताया कि लैलख, बैजलपुर, परघड़ी, कासिल, घिया सालपुर, मुरहन जमीन, सियारगढ़, ममलखा, शंकरपुर, फरका समेत विभिन्न पंचायतों के सभी गांवों के ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी होती है। न चाहकर भी लोगों को रेलवे ट्रैक पार करने के लिए जोखिम उठाना पड़ता है। जिससे कई बार घटना भी हो चुकी है। स्कूली छात्र-छात्राओं को अच्छे विद्यालयों और कॉलेजों में जाने के लिए रेलवे लाइन पार कर सबौर या भागलपुर शहर जाना पड़ता है। इस इलाके में बाढ़ की समस्या बड़ी परेशानी का सबब है और साल में चार महीने तक बाढ़ के कारण पानी में घुसकर नाव से आवागमन करना पड़ता है। इस मांग को लेकर उनके पिता और दादा ने भी आंदोलन किया, लेकिन लड़ाई लड़ने के क्रम में कई बार उनलोगों को पुलिस केस का भी सामना करना पड़ता है। जिसके कारण रोजाना की समस्या के बावजूद चाहकर भी काफी ग्रामीण ओवरब्रिज निर्माण की मांग को लेकर कई बार आगे आने से डरते हैं। बच्चों महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को बिना समपार और ओवरब्रिज के रेलवे ट्रैक पार करना होता है। बाइक चालकों को कई लोगों की मदद से मोटरसाइकिल उठाकर रेलवे लाइन पार कराना पड़ता है। जिसमें हमेशा अनहोनी की संभावना और जान का खतरा बना रहता है।
पूर्व उप मुखिया अशोक कुमार बादल ने बताया कि सबौर जाने के लिए उनलोगों को इस इलाके में सिवाय रेलवे ट्रैक पार करने का दूसरा कोई वैकल्पिक रास्ता नहीं है। जबकि घोघा और गोराडीह से होकर भागलपुर शहर, बाजार, अस्पताल, अच्छे स्कूल कॉलेज और कोर्ट कचहरी जाने वाले रास्ते की दूरी लगभग दोगुनी हो जाती है। जिसके कारण आवागमन में काफी समय लग जाता है और मरीजों की समस्या बढ़ जाती है। इसके लिए जिला प्रशासन और तमाम जनप्रतिनिधियों को अपनी ओर से प्रयास कर हजारों की आबादी की सुविधा के लिए लैलख स्टेशन के समीप रेलवे ओवरब्रिज निर्माण कराया जाय। ताकि सुविधा और समय बचने के साथ ट्रैक पार से होने वाले खतरे को टाला जा सके।
नागेन्द्र निषाद ने बताया कि लैलख ममलखा रेलवे स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव नहीं है, जिसके कारण इस इलाके के लोगों को रोजी रोजगार के लिए गुजरात, दिल्ली, पंजाब समेत कई बड़े शहरों में जाने के लिए भागलपुर और कहलगांव या अन्य रेलवे स्टेशनों पर जाने में काफी समय लगने के साथ परेशानी भी होती है। शाम छह बजे के बाद से सुबह तक भागलपुर से लैलख या इस इलाके के अन्य ग्रामीण क्षेत्रों से आवागमन के लिए कोई लोकल ट्रेन की सुविधा नहीं है।
उपेन्द्र मंडल ने बताया कि लैलख ममलखा रेलवे स्टेशन के समीप आरओबी निर्माण नहीं होने के कारण अब तक 50 से अधिक लोगों की मौत उनकी जानकारी में हो चुकी है। आरओबी निर्माण होने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ आसपास के किसानों एवं ग्रामीणों को भी सुविधा होगी। लैलख और आसपास के सभी पंचायत के ग्रामीणों के लिए लैलख रेल ओवरब्रिज निर्माण नहीं होने से समस्या बनी हुई है। जबतक आरओबी निर्माण नहीं होगा तबतक कठिनाई दूर नहीं होगी। सरकार उनकी समस्या का समाधान अविलंब करे।
इनकी भी सुनिए
लैलख ममलखा स्टेशन सबौर दक्षिणी क्षेत्र के लिए काफी महत्वपूर्ण है। यहां रेलवे और केंद्र सरकार से आरओबी निर्माण की मांग काफी पुरानी है। जिससे दर्जनों गांव की हजारों की आबादी को सबौर बाजार और शहर जाने में सहूलियत होगी।
-सनीज कुमार उर्फ गोल्डन मंडल
कई बार प्रशासनिक पदाधिकारी और जनप्रतिनिधियों को लैलख आरओबी के लिए आवेदन देने और नापी कराने के बावजूद काम आगे नहीं बढ़ा है। आजादी के 78 वर्षों के बाद आज भी हजारों की आबादी को रेलवे ट्रैक पार करना पड़ता है।
-रजनीकांत राज, उप मुखिया
लैलख रेलवे ओवरब्रिज निर्माण की मांग ग्रामीण वर्षों से करते आ रहे हैं। बीमार पड़ जाने पर रोगियों को एंबुलेंस या किसी वाहन से समय पर अस्पताल लेना जाना मुश्किल हो जाता है। जुलाई से नवंबर तक बाढ़ के कारण आवागमन करने में परेशानी होती है।
-फुल चरण शर्मा, समाजसेवी
लैलख में आरओबी निर्माण अविलंब कराया जाय। ओवरब्रिज नहीं होने से भागलपुर और कहलगांव जाने के लिए ग्रामीणों को दोगुनी दूरी तय करनी पड़ती है। इससे अधिक समय लगने के साथ शारीरिक और मानसिक रूप से परेशानी होती है।
-राम कृष्ण, समाजसेवी
लैलख ममलखा रेलवे स्टेशन से दूर टिकट काउंटर होने से यात्रियों को परेशानी होती है। प्लेटफार्म से दूरी के कारण ग्रामीण चाहकर भी टिकट नहीं कटा पाते हैं। कई बार यात्रियों की ट्रेन छूट जाती है। शाम 6 बजे के बाद कोई लोकल ट्रेन नहीं है।
-अशोक कुमार बादल, पूर्व उप मुखिया
रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण लैलख स्टेशन पर हो जाने के बाद लैलख के समीप दक्षिणी तरफ बन रहे फोरलेन सड़क से संपर्क सीधा हो जाएगा। ग्रामीणों को अपना सामान इस पार से उस पार ले जाने या आवागमन में सुविधा होगी।
-विनोद कुमार मंडल, समाजसेवी
रेलवे द्वारा इलाके की बड़ी आबादी की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए एक्सप्रेस ट्रेन का ठहराव लैलख स्टेशन के पास सुनिश्चित करायी जाय। शाम छह बजे के बाद भागलपुर से आने जाने के लिए वनांचल एक्सप्रेस का ठहराव लैलख स्टेशन पर हो।
-रामस्वरूप मंडल, ग्रामीण
आरओबी निर्माण को लेकर सांसद, विधायक, मंत्री एवं रेलवे विभाग को पत्राचार के अलावा मौखिक रूप से कहने एवं मांग करके वे सभी थक गए है। लेकिन रेलवे से उनलोगों की मांग पूरी करने के लिए सिर्फ आश्वासन ही मिलता रहा है।
-प्रभात मंडल, समाजसेवी
लैलख पंचायत में सामुदायिक शौचालय की व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को परेशानी होती है। बाढ़ आने पर परेशानी काफी बढ़ जाती है। चार महीना तक पानी के कारण इलाके में समस्या और अधिक बढ़ जाती है।
-संजय मंडल, पूर्व वार्ड सदस्य
लैलख ममलखा रेलवे स्टेशन के पश्चिमी तरफ रेलवे ओवरब्रिज या रेलवे फुट ओवरब्रिज का निर्माण कराया जाना जरूरी है। जिससे दर्जनों गांवों सहित तीन प्रखंड की हजारों की आबादी को आवागमन में सुविधा हो। सरकार इस ओर ध्यान दे।
-रत्नेश कुमार, ग्रामीण
आरओबी निर्माण नहीं होने के कारण सभी ऑटो-टोटो चालकों को काफी घूमकर भागलपुर शहर जाना पड़ता है। जिससे काफी समय लग जाता है। यात्रियों को भी परेशानी होती है। रेलवे द्वारा आरओबी निर्माण कार्य कराया जाय।
-मंटू मंडल, ऑटो चालक
टिकट काउंटर का निर्माण प्लेटफार्म के पास कराया जाना चाहिए। ताकि अंतिम समय में पहुंचने वाले यात्री भी टिकट कटाकर यात्रा कर सकें। इससे रेलवे को राजस्व की प्राप्ति होगी और यात्री टिकट चेकिंग के भय से मुक्त होकर अपनी यात्रा कर सकेंगे।
-महेन्द्र मंडल, किसान
लैलख आरओबी निर्माण कार्य के साथ इस इलाके में पानी की निकासी के लिए नाला निर्माण कराया जाय। ताकि बाढ़ और बारिश के पानी से जलजमाव की समस्या दूर हो। बिजली के सभी पोल पर स्ट्रीट लाइट लगाई जाय। रोजगार के अवसर विकसित हो।
-किशन मंडल, दुकानदार
लैलख वालों के लिए सबसे बड़ी समस्या रेलवे ओवरब्रिज निर्माण नहीं होना है। आजादी के पहले से इस इलाके के लोगों को इस समस्या से जूझना पड़ रहा है। लेकिन अब तक आरओबी निर्माण नहीं हो सका। आबादी बढ़ने से समस्या बढ़ती जा रही है।
-लक्ष्मण मंडल, ग्रामीण
रेलवे ओवरब्रिज नहीं बनने से महिलाओं और बच्चों को अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बच्चों को गोद में उठाकर रेलवे ट्रैक पार कराना पड़ता है। ओवरब्रिज के अभाव में खतरे की आशंका से कई बच्चे अच्छे स्कूल में नहीं जा पाते हैं।
-डोली देवी
बाजार में खरीदारी करने, या किसी अन्य जरूरी कार्य के लिए लैलख से बड़ी आबादी को रेलवे लाइन पार कर आना-जाना पड़ता है। कई बार ट्रैक पर गिरने से घटना हो जाती है। कई पीढ़ी आंदोलन कर थक गई है। लेकिन आरओबी का निर्माण नहीं हुआ है।
-कंचन देवी
समस्या
1. लैलख ममलखा रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ओवरब्रिज निर्माण की मांग दशकों पुरानी है। मांग पूरी नहीं होने से हजारों की आबादी को आवागमन में परेशानी होती है।
2. वर्षों से आंदोलन करने के बावजूद लैलख स्टेशन के पास आरओबी निर्माण कार्य अब तक नहीं कराया गया। इलाज के लिए शहर आने में दिक्कत होती है।
3. स्टेशन के समीप आरओबी निर्माण नहीं होने से सबौर दक्षिणी क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक पंचायत के ग्रामीणों को शहर आने के लिए रेलवे ट्रैक पार करना पड़ता है।
4. नाला के पानी निकासी की व्यवस्था नहीं है। पोखर या गड्ढे में पानी बहाना पड़ता है। बाढ़ के पानी से जलजमाव हो जाता है। नाव के सहारे आवागमन करते हैं।
5. एंबुलेंस और अग्निशमन वाहन लैलख, बैजलपुर, परघड़ी, मुरहन जमीन, घिया सालपुर, कासिल पंचायत एवं सियारगढ़ पंचायत के दर्जनों गांव तक नहीं पहुंच सकता है।
सुझाव
1. रेलवे और केंद्र सरकार द्वारा लैलख रेलवे ओवरब्रिज निर्माण कार्य को स्वीकृति प्रदान कर बड़ी आबादी की समस्या को देखते हुए अविलंब आरओबी निर्माण कराया जाय।
2. सबौर प्रखंड दक्षिणी क्षेत्र के दर्जनों गांव के लोगों को बेहतर मेडिकल सुविधा का लाभ मिले, इसके लिए आरओबी निर्माण के साथ पानी निकासी के लिए नाला बने।
3. लैलख ममलखा रेलवे स्टेशन के समीप वर्षों पुरानी आरओबी निर्माण की मांग पूरी होनी चाहिए। जिससे सात पंचायत के दर्जनों गांव की आबादी को सहूलियत होगी।
4. भागलपुर जिला प्रशासन और बिहार सरकार की पहल पर केंद्र सरकार और रेलवे को लैलख आरओबी निर्माण की जरूरतों से अवगत कराया जाय।
5. सबौर दक्षिणी क्षेत्र के विकास के लिए अस्पताल निर्माण के साथ चिकित्सकों की नियुक्ति सुनिश्चित हो। ताकि बीमार पड़ने पर लोगों को परेशानियों राहत मिल सके।
प्रस्तुति: रविशंकर/पीतांबर शुक्ला, फोटोग्राफ: कान्तेश

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Yogendra Raiलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




