Bhagalpur News: कोरोना की दस्तक के बाद भी दो ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट चालू नहीं
Bhagalpur News: हिन्दुस्तान पड़ताल फोटो जेएलएनएमसीएच में दो ऑक्सीजन प्लांट पीएम केयर फंड व राज्य

Bhagalpur News: भागलपुर, वरीय संवाददाता। जिले में कोरोना संक्रमित दो मरीजों के मिलने के बावजूद मरीजों के इलाज के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी नहीं हुई है। मायागंज अस्पताल (जेएलएनएमसीएच) में इलाजरत दो कोविड मरीजों के स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है। वहीं कोविड संक्रमण के एकाएक बढ़ने की स्थिति में मरीजों को ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत पड़ेगी। लेकिन अस्पताल में स्थापित दो ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट बीते तीन वर्षों से बंद पड़ा हुआ है। मेंटनेंस के अभाव में दोनों प्लांट से मरीजों के बेड तक ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं हो रही है।
स्वास्थ्य विभाग की तयारी
इस समय स्वास्थ्य विभाग द्वारा हर माह लिक्विड ऑक्सीजन का छह टैंकर भेजा जा रहा है। इसकी खरीदारी पर विभाग को हर माह लाखों रुपये खर्च हो रहा है। लेकिन अस्पताल परिसर में उपलब्ध दो प्लांट की मरम्मत नहीं कराई जा रही है। बता दें कि कोविड के गंभीर मरीजों के लिए सबसे जरूरी ऑक्सीजन थेरेपी की जरूरत है। कोविड मरीजों के रक्त में ऑक्सीजन का स्तर 92 से 96 प्रतिशत के बीच होना चाहिए। यदि ऑक्सीजन का स्तर 92 प्रतिशत नीचे चला जाए तो तत्काल ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत पड़ने लगती है। 2020-2022 के बीच कोविड संक्रमण के तीन लहर के दौरान कई मरीजों की जान ऑक्सीजन की कमी से हो गई थी। बता दें कि बंद पड़े पहले प्लांट को पीएम केयर फंड व दूसरे प्लांट को सीएम केयर फंड से स्थापित किया गया था।
फैब्रिकेटेड वार्ड से जुड़ी समस्याएँ
मायागंज अस्पताल में मेडिसिन इमरजेंसी विभाग का संचालन 100 बेड के फैब्रिकेटेड वार्ड में किया जाता है। कोविड के संदिग्ध मरीजों को इलाज के लिए सबसे पहले इसी वार्ड में लाया जाएगा। जब जांच में कोविड कंफर्म होगा तब संक्रमित को एमसीएच भवन में संचालित कोविड वार्ड में भर्ती कराया जाएगा। लेकिन इस वार्ड में ऑक्सीजन की सप्लाई जंबो सिलिंडर के माध्यम से किया जा रहा है। जबकि बीते कई माह से अस्पताल के ऑक्सीजन सप्लाई से जुड़े मेन पाइप लाइन का कनेक्शन के लिए कई बार पत्र लिखा गया गया है। लेकिन अबतक यह काम पूरा नहीं हुआ है। मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. राजकमल चौधरी ने बताया कि बीते दो वर्षों से यह काम अटका हुआ है। इधर, अस्पताल के अधीक्षक डॉ. एचपी दुबे द्वारा हाल ही में एजेंसी को कई बार निर्देश दिया गया, लेकिन अधीक्षक कह रहे वह मेरी सुनता नहीं है। अस्पताल की निजी एजेंसियों के सामने अस्पताल प्रशासन लाचार दिख रहा है।
फंड की आवश्यकता
कोट - पीएम व सीएम केयर फंड से स्थापित दोनों ऑक्सीजन प्लांट के मेंटनेंस में 25 लाख रुपये खर्च आएगा। फंड के लिए कई बार स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा गया है। लेकिन कोई जवाब नहीं मिला है। अस्पताल में इस समय लिक्विड ऑक्सीजन की आपूर्ति विभाग कर रही है। ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।
डॉ. एचपी दुबे, अधीक्षक, जेएलएनएमसीएच


