
जमुई : पुलिस-पब्लिक फ्रेंडली में आदिवासी समाज का डुगडुगी बन रही है विलेन
बरहट । निज संवाददाता आदिवासी समाज की डुगडुगी बजाने की परंपरागत प्रथा अब विवादों
बरहट । निज संवाददाता आदिवासी समाज की डुगडुगी बजाने की परंपरागत प्रथा अब विवादों से जुड़ता जा रहा है। पहले इसे सामाजिक एकजुटता और संदेश देने का माध्यम माना जाता था, लेकिन हाल के वर्षों में इसका उपयोग भीड़ जुटा पुलिस और प्रशासन पर हमले के लिए भी होने लगा है।हाल ही में बरहट थाना क्षेत्र में छापेमारी के दौरान पुलिस टीम पर हुए हमले के बाद फिर यह प्रथा विवादों के रूप में दिखाई देने लगी है । अवैध शराब की सूचना पर बरहट थाना क्षेत्र के कदुआतरी गांव में छापेमारी करने गई पुलिस टीम पर आदिवासी महिलाओं और पुरुषों ने हमला कर दिया।इस

दौरान एक महिला व एक पुरुष एस आई , दो चौकीदार सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस का कहना है कि भीड़ जुटाने के लिए गांव में डुगडुगी बजाई गई थी जिसके बाद हमला हुआ। यह संयोग अच्छा था कि इस हमले में पुलिस वालों की जान नहीं गई अन्यथा परंपरागत हथियार से जान भी जा सकता था। इस तरह कि घटना के बाद पुलिस जवाबी कार्रवाई करते हुए कई नामजद तथा कई अज्ञात पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई में जुट जाती है। जिसमें गांव के कई निर्दोष लोग भी मुकदमे के चंगुल में फंस जाते हैं ।आदिवासी समाज में प्रचलित डुगडुगी प्रथा को लेकर समाज के कई गणमान्य बुद्धिजीवियों ने इस पर चिंता जताते हुए जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत बताई है।

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