टीबी जांच के लिए छह साल के मासूम को लेकर भटका पिता
डॉक्टर खेलते रहे विभाग-विभाग का खेल अंत में निजी जांच घर में जाकर कराई

भागलपुर, वरीय संवाददाता अगर आपके घर के किसी मासूम बच्चे को टीबी की जांच करानी है तो आप या तो जुगाड़ खोज लीजिए या फिर निजी जांच घर चले जाइए। क्योंकि यहां पर सामान्य मरीजों की टीबी जांच नहीं की जाती है। गुरुवार को इसी तरह का एक मामला मायागंज अस्पताल में देखने को मिला। छह साल के मासूम को लेकर परिजन टीबी जांच के लिए सैंपल निकलवाने के लिए कॉलेज से लेकर अस्पताल तक भटकते रहे और डॉक्टर विभाग-विभाग का खेल खेलते हुए परिजनों को परेशान करते रहे। अंत में परिजन निजी जांच घर जाकर मासूम की टीबी जांच कराई।
भीखनपुर से आई एक छह साल की बच्ची की तबीयत खराब होने पर 17 फरवरी को मायागंज अस्पताल के शिशु रोग के ओपीडी में परिजन डॉक्टर को दिखाये थे। इस दौरान डॉक्टर ने बच्ची का टीबी जांच कराने की सलाह दी। इसके बाद गुरुवार को मायागंज अस्पताल पहुंचे परिजन बच्ची को लेकर सबसे पहले कल्चर एंड डीएसटी लैब पहुंचे, जहां पर लैब टेक्नीशियन ने बताया कि बच्ची की उम्र छोटी है, ऐसे में वह सैंपल नहीं निकाल पाएगा। ये सैंपल बच्चों का डॉक्टर या फिर विशेषज्ञ डॉक्टर ही निकाल सकता है। इसके बाद परिजन पीजी शिशु रोग विभाग गये तो वहां डॉक्टर ने सैंपल निकलवाने के लिए परिजनों को मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबॉयोलॉजी विभाग भेज दिया। वहां पर परिजन पहुंचे तो विभाग के एचओडी डॉ. अमित कुमार ने बताया कि उनके पास इस जांच की सुविधा नहीं है। इसके बाद परिजन बच्ची को एक निजी लैब ले गये, जहां पर बच्ची का जांच हुआ। सही बात है कि छोटे बच्चों की टीबी जांच के लिए सैंपल डॉक्टर ही निकाल सकता है। लेकिन विभाग का कोई डॉक्टर सैंपल नहीं निकाला ये गलत है। इस मामले में शुक्रवार को एचओडी पैथोलॉजी, माइक्रोबॉयोलॉजी, बॉयोकेमिस्ट्री, शिशु रोग विभाग व अस्पताल अधीक्षक से बात की जाएगी। - डॉ. अविलेश कुमार, प्राचार्य, जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज भागलपुर
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