
गैर-लाइसेंसी खाद संचालक मनमाने कीमत पर बेच रहे खाद
सन्हौला, संवाद सूत्र। प्रखंड क्षेत्र में रासायनिक खाद के लिए मारामारी चल रही है। किसान
प्रखंड क्षेत्र में रासायनिक खाद के लिए मारामारी चल रही है। किसान धान की फसल की तैयारी में जुटे हैं। वहीं दूसरी तरफ गेहूं, चना, सरसों की बुआई कर रहें हैं। फसल बुआई के लिए डीएपी और यूरिया खाद के अलावे पोटाश आदि खाद की मांग बढ़ी हुई है। सभी गांव में गैर-लाइसेंसी खाद की दुकान खुली हुई है। जहां मनमाने कीमत पर यूरिया, डीएपी खाद बेचा जा रहा है। देहाती क्षेत्र में 323 से 360 प्रति बोरा तक लोगों को बुआई के लिए खाद खरीदना पड़ रहा है। प्रखंड में लाइसेंसधारी खाद की दुकान बहुत कम है। डीएपी खाद के लिए 1500 से 1600 रुपये प्रति बोरा की दर से किसानों को भुगतान करना पड़ता है।

लाइसेंसी खाद विक्रेता नैनो डीएपी और नैनो यूरिया को लेना पसंद नहीं करते हैं। खाद विक्रेताओं को एजेंसी के द्वारा नैनो खाद लेना अनिवार्य कर दिया गया है। लाइसेंसधारी बताते हैं कि एजेंसी वाले बिना नैनो के खाद नहीं देते हैं। लेकिन निचली भूमि में पानी निकल जाने के बाद भौंका मकई की अधिक खेती करते है। जिसमें यूरिया और डीएपी का उपयोग बड़े पैमाने पर किया जाता है। किसानों को मकई की खेती के लिए अधिक खाद की आवश्यकता पड़ती है। बिहार क्षेत्र से किसान यूरिया और डीएपी ले जाकर खेतों में देते हैं। प्रखंड कृषि पदाधिकारी ने बताया कि प्रखंड में खाद की कमी नहीं है, गांवों में बिक रहे खाद की जांच की जाएगी।

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