
बोले पूर्णिया : फाइलों और शिलापट्ट में सिमटीं विकास योजनाएं
-प्रस्तुति : रजनीश भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना श्यामा प्रसाद मुखर्जी रुर्बन मिशन के
प्रस्तुति : रजनीश
भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना श्यामा प्रसाद मुखर्जी रुर्बन मिशन के अंतर्गत वर्ष 2018 में शामिल श्रीनगर प्रखंड का चनका पंचायत आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है। जिस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को शहरी सुविधाओं से जोड़ना था, वही योजना चनका पंचायत में केवल फाइलों और शिलापट्ट तक सिमट कर रह गई है। पंचायत के वार्ड संख्या 05 की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। यहां आज भी कई सड़कें कच्ची हैं, जिससे बरसात के दिनों में ग्रामीणों का घर से निकलना मुश्किल हो जाता है। स्वास्थ्य सुविधाओं की हालत यह है कि उप-स्वास्थ्य केंद्र परिसर में बना सामुदायिक शौचालय वर्षों से उपयोग में ही नहीं आया, उसके भीतर झाड़-झंखाड़ उग आए हैं और भवन पूरी तरह जर्जर होकर पड़ा है। आंगनबाड़ी भवन में न दरवाज़ा है, न खिड़की, जिससे नौनिहालों और सेविकाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े होते हैं। सामुदायिक केंद्र का निर्माण तो हुआ, लेकिन आज भी अधूरा पड़ा है और असामाजिक तत्वों व नशेड़ियों का अड्डा बन चुका है। इससे ग्रामीणों में भय का माहौल बना रहता है। हालांकि पंचायत सरकार भवन बनकर तैयार हो चुका है और दो कर्मी भी नियमित रूप से आते हैं, लेकिन इसी भवन में स्थित आरटीपीएस काउंटर वाले हिस्से में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ चुकी हैं, जो निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। वहीं जल-नल योजना के तहत पानी की आपूर्ति भी समुचित रूप से नहीं हो पा रही है, जिससे ग्रामीणों को आज भी पीने के पानी के लिए जूझना पड़ता है। आवागमन की सबसे बड़ी समस्या चनका गांव से जिला मुख्यालय जाने वाले मार्ग पर संत नगर के समीप 98 आरडी नहर पर पुल का नहीं होना है। पुल के अभाव में ग्रामीणों को रोजमर्रा के काम, इलाज और पढ़ाई के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे समय और संसाधनों की भारी बर्बादी होती है। पंचायत के अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के कई परिवारों को आज तक पक्का मकान नहीं मिल पाया है। रोजगार के अभाव में पंचायत के युवा और पुरुष वर्ग रोज़ी-रोटी की तलाश में दूसरे राज्यों में पलायन करने को मजबूर हैं, जिससे गांवों में खालीपन और सामाजिक असंतुलन बढ़ता जा रहा है। शिक्षा व्यवस्था की स्थिति भी किसी से छिपी नहीं है। चनका वार्ड 05 में गौरी बाबू प्राथमिक विद्यालय के लिए कई वर्ष पूर्व जमीन हस्तांतरित कर दी गई थी, लेकिन आज तक विद्यालय भवन का निर्माण नहीं हो सका है। कुल मिलाकर, रुर्बन मिशन जैसी महत्वाकांक्षी योजना के बावजूद चनका पंचायत का यह हाल प्रशासनिक उदासीनता और योजनाओं के अधूरे क्रियान्वयन को उजागर करता है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि कब तक इन समस्याओं पर संज्ञान लेते हैं और कब चनका के लोगों को वास्तविक विकास का लाभ मिल पाता है।
आवास योजना से वंचित हैं पंचायत के दिव्यांग व विधवा
चनका पंचायत के निवासी दिव्यांग अकलू विश्वाश, शक्लु विश्वाश और प्रकाश ऋषि ने बताया कि वे वर्षों से आवास योजना के लिए आवेदन करते आ रहे हैं, लेकिन आज तक उन्हें सरकार की किसी भी आवास योजना का लाभ नहीं मिल सका है। पीड़ितों का कहना है कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद उनकी बात सुनने वाला कोई नहीं है। आशा देवी ने बताया कि उनके पुत्र की मानसिक स्थिति बचपन से ही खराब है। परिवार के पास न तो खेती योग्य भूमि है और न ही आजीविका का कोई स्थायी साधन। इसके बावजूद उन्हें भी अब तक आवास योजना का लाभ नहीं दिया गया है। वार्ड 05 के आदिवासी टोला से वार्ड 04 के यादव टोला को जोड़ने वाली सड़क आज भी कच्ची है। स्थानीय लोगों के अनुसार बरसात के दिनों में सड़क की हालत इतनी खराब हो जाती है।
शिकायत
1. बरसात के मौसम में पंचायत क्षेत्र में जलजमाव की गंभीर समस्या रहती है, जिससे लोगों को दैनिक आवाजाही में काफी परेशानी होती है।
2. पंचायत में रोजगार के स्थायी साधन उपलब्ध नहीं होने के कारण यहां के युवा हर साल दूसरे राज्यों में काम की तलाश में पलायन करते हैं।
3. पंचायत सरकार भवन में जनप्रतिनिधि व पदाधिकारी उपस्थित नहीं रहते, जिससे ग्रामीणों के काम समय पर नहीं हो पाते। उन्हें भटकना पड़ता है।
4. पंचायत क्षेत्र की विभिन्न नहरों में समय पर पानी नहीं छोड़े जाने से किसानों को हर फसल सत्र में सिंचाई की समस्या झेलनी पड़ती है।
5. भूमि उपलब्ध होने के बावजूद अब तक विद्यालय का अपना भवन नहीं बन पाया है,बच्चों को असुविधाजनक व्यवस्था में पढ़ाई करनी पड़ रही है।
सुझाव
1. चनका पंचायत के सभी वार्डों में योजनाबद्ध तरीके से नाला निर्माण कराया जाए, ताकि बरसात के मौसम में जलजमाव की समस्या न हो।
2. जी राम जी योजना के तहत पंचायत स्तर पर युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए ठोस पहल की जाए, जिससे स्थानीय स्तर पर काम मिले।
3. पंचायत सरकार भवन में संबंधित पदाधिकारी व जनप्रतिनिधि नियमित रूप से उपस्थित रहें, ताकि ग्रामीणों की समस्याओं का समय पर समाधान हो।
4. पंचायत क्षेत्र की सभी प्रमुख नहरों में समय पर पानी छोड़ा जाए, जिससे किसानों को सिंचाई में परेशानी न हो व फसल उत्पादन प्रभावित न हो।
5. स्कूल के लिए जमीन उपलब्ध होने के बावजूद भवन निर्माण शुरू नहीं होने के मामले में अधिकारी संज्ञान लें और शीघ्र निर्माण कार्य प्रारंभ कराएं।
हमारी भी सुनें
चनका पंचायत विकास के मामले में काफी पिछड़ा हुआ है। विकास के लिए लोग तरस रहे हैं। लोग रोजगार की तलाश में पलायन कर रहे हैं। लोगों को स्थानीय स्तर पर रोजगार सुनिश्चित किया जाना चाहिए। तभी यहां से पलायन रुकेगा। -योगेन्द्र
चनका पंचायत में बने पंचायत सरकार भवन में एक महीने से दो कर्मी खानापूर्ति कर निकल जाते हैं। पंचायत सरकार भवन बनने के बाद भी लोगों को पंचायत सरकार भवन की सुविधाएं नही मिल रहा है। नियमित यहां बैठना सुनिश्चित हो।-जयप्रकाश शर्मा
चनका पंचायत जानें के लिए दस नंबर सड़क से चनका के बीच 98 आरडी नहर पर पुल नहीं बनने से लोगों को आवाजाही में काफी दिक्कत होती है। एंबुलेंस नहीं आ पाती है, जिससे मरीज समय पर अस्पताल नहीं पहुंचते। इसका समाधान जरूरी है।-टुनटुन ठाकुर
98 आरडी नहर पर पुल नहीं बनने से लोगों को आवाजाही में काफी दिक्कत होती है। इस नहर पर लोगों का चंदा के पैसा के सहयोग से चचरी पुल बनाकर आवाजाही करना पड़ता है। यह देखकर प्रतिनिधि और अधिकारी चुप हैं।-राजु महलदार
चनका पंचायत के विभिन्न नहरों में पानी नहीं छोड़ने के कारण किसानों को सिंचाई करने में काफी दिक्कत होती है। किसानों को नहर के अलावा अन्य विकल्प से पटवन करना पड़ता है, जिससे खेती करना आसान नहीं रह गया है। सुधार हो। -बिंदेश्वरी साह
चनका में स्कूल के लिए जमींदार ने दस साल पहले जमीन दिया जिसपर आज तक स्कूल भवन नहीं बनने से बच्चों को स्कूल जाने में दिक्कत होती है। शिक्षा को लेकर पढ़े-लिखे जिम्मेदार कितने लापरवाह है इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है।-जगदीश शर्मा
चनका पंचायत में एससी-एसटी वर्ग के विकास के लिए समुचित योजना को धरातर पर उतारना चाहिए। एससी एसटी के लोगों के लिए कई महत्वपूर्ण काम किया जाना चाहिए। तभी यह लोग मुख्य धारा से जुड़ सकेंगे, लोगों में विश्वास बढेगा।-रुदल विश्वास
स्कूलों में पठन पाठन को लेकर अधिकारियों द्वारा लगातार जांच किया जाना चाहिए। बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले इसके लिए अधिकारी नियमित जांच कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करें। -अशोक विश्वास
चनका पंचायत में बने उप स्वास्थ्य केन्द्र में लोगों को समुचित लाभ सुनिश्चित किया जा सके। इसके लिए स्वास्थ्य अधिकारी को लाभ दिलाने की दिशा में पहल करनी चाहिए। तभी लोगों को लाभ मिलेगा।-झाड़ीलाल विश्वास
चनका पंचायत में जी राम जी योजना के तहत रोजगार मिल सके इसके लिए काफी काम किया जाना चाहिए। रोजगार उपलब्ध कराकर पलायन रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाना चाहिए।-रेशम लाल विश्वास
चनका पंचायत में विभिन्न नहरों एवं सार्वजनिक स्थानों पर वृक्षारोपण कार्य किया जाना चाहिए। चनका पंचायत को फिर से हरियाली लाने के लिए पौधरोपण को लेकर अभियान चलाया जाना चाहिए। -अरुण रजक
चनका पंचायत में बरसात में जल जमाव से लोगों को आवाजाही में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। चनका पंचायत के विभिन्न गांवों में नाला निर्माण कार्य होना चाहिए।तभी बदलाव संभव है। -वकील मंडल
किसानों को समय-समय पर प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। किसानों को कम रसायनिक खाद उपयोग करने के लिए सरकार की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित कर जागरूक किया जाना चाहिए। -श्रवण कुमार
पीएम आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ मिलना चाहिए। आवास सहायक, पंचायत सचिव राजस्व कर्मचारी, रोजगार सेवक, किसान सलाहकार हरसंभव मदद करें। -राणा कुमार
बोले जिम्मेदार
चनका पंचायत में कई विकास कार्य किए जा चुके हैं और अनेक योजनाओं पर कार्य प्रगति पर है। जनप्रतिनिधि एवं पदाधिकारी विकास कार्यों को लेकर लगातार सक्रिय हैं। पंचायत के सर्वांगीण विकास के लिए समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं। विकास की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी।
-गनौर पासवान, प्रखंड विकास पदाधिकारी, श्रीनगर।
चनका पंचायत में कई विकास का काम किया गया है। जो विकास कार्य अभी तक नहीं हो पाया है, उसे अतिशीघ्र पूरा किया जाएगा। चनका पंचायत में रुर्बन मिशन के तहत कई महत्वपूर्ण काम किया गया है।
-शहनवाज आलम, प्रखंड प्रमुख।

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