सहरसा : मौसम का उतार-चढ़ाव बना बीमारी की बड़ी वजह
सहरसा में बदलते मौसम का प्रभाव साफ नजर आ रहा है, जिससे बच्चे, युवा और बुजुर्ग प्रभावित हो रहे हैं। सर्दी, खांसी, बुखार और दस्त जैसी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। डॉक्टरों का मानना है कि तापमान में बदलाव, प्रदूषण और दूषित पानी इसके प्रमुख कारण हैं।

सहरसा से मनीश कुमार सिंह की रिपोर्ट इन दिनों बदलते मौसम का असर साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। बच्चे, युवा और बुजुर्ग कोई भी इससे अछूता नहीं है। सर्दी, खांसी, बुखार और दस्त जैसी बीमारियों ने लोगों को अपनी चपेट में ले लिया है। निजी क्लीनिक से लेकर सदर अस्पताल तक मरीजों की लंबी कतारें लगी हैं। डॉक्टरों के अनुसार इस समय सबसे ज्यादा मरीज वायरल संक्रमण और पेट से जुड़ी समस्याओं के सामने आ रहे हैं। सदर अस्पताल के आंकड़ों पर नजर डालें तो जनवरी में 54, फरवरी में 67, मार्च में 189 और अप्रैल में 18 तारीख तक 155 मरीज भर्ती हो चुके हैं।
अभी महीने के 12 दिन बाकी हैं, जिससे स्थिति और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है। चिकित्सकों का मानना है कि सहरसा में दिन और रात के तापमान में तेजी से हो रहा बदलाव इन बीमारियों की मुख्य वजह है। दिन में तेज धूप और रात में हल्की ठंड शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर देती है। इसके अलावा धूल, प्रदूषण और दूषित पानी भी संक्रमण फैलाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। खासकर बच्चों और बुजुर्गों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने के कारण वे जल्दी बीमार पड़ रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में साफ-सफाई की कमी और खुले में खाद्य पदार्थों का सेवन भी स्थिति को बिगाड़ रहा है।
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