
दशलक्षण महापर्व आत्मिक उत्थान का पर्व है : पंडित गुलाब चंद शास्त्री
नाथनगर में कबीरपुर स्थित श्री चंपापुर दिगंबर जैन सिद्ध क्षेत्र में दशलक्षण महापर्व का समापन भक्तिमय वातावरण में हुआ। भगवान वासुपूज्य निर्वाण महोत्सव मनाया गया, जिसमें 21 फीट ऊँची प्रतिमा का 1008 कलशों...
नाथनगर। हिन्दुस्तान प्रतिनिधि कबीरपुर स्थित श्री चंपापुर दिगंबर जैन सिद्ध क्षेत्र में समारोह पूर्वक दशलक्षण महापर्व भक्तिमय वातावरण में शनिवार को संपन्न हुआ। महापर्व के अंतिम दिन भगवान वासुपूज्य निर्वाण महोत्सव सह उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म पूरी आस्था निष्ठा एवं उल्लास के साथ मनाया गया। सिद्ध क्षेत्र अवस्थित जल मंदिर में भगवान वासुपूज्य की विशाल श्वेत पाशान की खडगासन प्रतिमा 21 फीट ऊंची का श्रद्धालुओं के द्वारा 1008 कलशों से मस्तकाभिषेक किया गया। वहीं सागर, मध्यप्रदेश से पधारे पंडित गुलाब चंद शास्त्री जी ने कहा कि दशलक्षण महापर्व आत्मिक उत्थान का पर्व है। ब्रह्म स्वरूप आत्मा में चर्या का नाम ब्रह्मचर्य है।
सिद्धक्षेत्र मंत्री सुनील जैन ने दशलक्षण महापर्व की सफलतापूर्वक समाप्ति पर सभी को बधाई देते हुए सहयोग के लिए आभार प्रकट किया। मौके पर पदम पाटनी, जय कुमार काला, अशोक पाटनी, पवन गंगवाल, सुमित बड़जात्या, संजय विनायका, सुशील जैन, सुमेर पहाड़िया, डॉ. निर्मल जैन, अजीत बड़जात्या, सरोज जैजानी, अजीत जैन, कमलेश पाटनी आदि मौजूद थे।

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