Hindi NewsBihar NewsBhagalpur NewsCelebrating Diwali 14 Temples of Maa Kali in Champanadi to Host Ritual Worship
चंपानदी के किनारे वार्ड एक में मां काली के 17 मंदिर, पूजन की तैयारी

चंपानदी के किनारे वार्ड एक में मां काली के 17 मंदिर, पूजन की तैयारी

संक्षेप:

भागलपुर के चंपानदी के तट पर मां काली के 17 मंदिर हैं, जिनमें से 14 मंदिरों में दीपावली की रात पूजा की जाएगी। इन मंदिरों की स्थापना बंगाली समुदाय के लोगों ने की थी। ठाकुर काली और बुढ़िया काली मंदिर...

Oct 19, 2025 01:44 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, भागलपुर
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भागलपुर, वरीय संवाददाता। चंपानदी के तट पर मां काली के 17 मंदिर हैं। इनमें से 14 मंदिरों में दीपावली की रात मां काली की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाएगी। सभी मंदिर वार्ड एक में स्थित हैं। इनमें ठाकुर काली मंदिर, बुढ़िया काली मंदिर, चक्रवर्ती काली मंदिर, सरखेल काली मंदिर, फुदकी काली मंदिर, घोष काली मंदिर, मसकन बरारीपुर की रक्षा काली मंदिर, श्यामा काली मंदिर, उपाध्याय काली मंदिर, सिन्हा काली मंदिर, चटर्जी काली मंदिर, भैरव काली मंदिर, गोपीनाथ घोष लेन काली मंदिर व हाड़ी टोला काली मंदिर हैं। वार्ड एक के पूर्व पार्षद व समाज सेवी देवाशीष बनर्जी ने बताया कि महाशय ड्योढ़ी राज में यहां बसे बंगाली परिवार व स्थानीय लोगों ने इन मंदिरों की स्थापना की है।

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इनमें ठाकुर काली मंदिर व बुढ़िया काली मंदिर तंत्र साधना का केंद्र था। शेष मंदिरों की स्थापना दूसरी जगह यहां आकर बसे बंगाली समुदाय के लोगों ने अपनी कुलदेवी के रूप में स्थापित किया था। उन्होंने बताया कि यहां की 14 मंदिरों में दीपावली के दिन प्रतिमा स्थापित कर पूजा की जाएगी। अन्य तीन मंदिरों में अन्य अवसरों पर मां काली की आराधना होती है। इनमें अगहनी काली की पूजा चंपा व गंगा नदी के मुहाने पर की जाती है। वहीं रास या कृष्ण काली की प्रतिमा की स्थापना कार्तिक पूर्णिमा के दिन होगी। इस अलावा माघी अमावस्या के दिन वामा खेपा द्वारा स्थापित माघी काली मंदिर में पूजा पाठ किया जाता है। माघी काली मंदिर में तारापीठ के संस्थापक व प्रकांड तांत्रिक वामा खेपा ने 125 वर्ष पहले तंत्र साधना की थी। यहां पर पंच मुंड आसन को स्थापित किया था। इसके अलावा महाशय ड्योढ़ी परिसर स्थित मंदिर में प्राचीन भैरव की प्रतिमा का पूजन होता है।