Bye 2018: Lost a lot and so many achievements were also named TMBU - अलविदा 2018: उथल-पुथल के बीच बहुत कुछ खोया तो कई उपलब्धियां भी रहीं TMBU के नाम DA Image
18 नबम्बर, 2019|2:49|IST

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अलविदा 2018: उथल-पुथल के बीच बहुत कुछ खोया तो कई उपलब्धियां भी रहीं TMBU के नाम

TMBU

तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय(TMBU) के लिए वर्ष 2018 काफी उथल-पुथल भरा रहा। काफी झंझावतों के दौर से भी गुजरा। 1960 में  बने इस विश्वविद्यालय से इस साल कई कॉलेज छीन गये। 18 मार्च को विश्वविद्यालय का बंटवारा हुआ। इससे कटकर मुंगेर विश्वविद्यालय का जन्म हुआ। ज्यादा कॉलेज मुंगेर के हिस्से में चले गए। यहां के कुलपति प्रो. एनके झा का पद पर रहते निधन हो गया। उन्हें विश्वविद्यालय में सुधार के लिए जाना जाएगा।

सत्र को नियमित करने के लिए उन्होंने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। शिक्षकों की कमियों को दूर करने के लिए अतिथि शिक्षकों की बहाली की प्रक्रिया शुरू की। दो दिन पहले शिक्षकों की बहाली हो गई। एनके झा के निधन के बाद राजभवन ने कार्यवाहक कुलपति एलसी साहा को बनाया। काफी कुछ खोने के बाद भी विश्वविद्यालय के खाते में कई उपलब्धियां भी दर्ज हुईं।

2018 में जो सुधार हुए 

  • पीएचडी में चोरी को रोकने के लिए एंटी प्लेजियरिज्म सॉफ्टवेयर शुरू हुआ।
  • बीपीएड कोर्स शुरू करने का निर्णय लिया गया।
  • एकलव्य प्रतियोगिता में टीएमबीयू दूसरे स्थान पर रहा।
  • तरंग प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय ने चौथा स्थान प्राप्त किया। 
  • बायोमेट्रिक मशीन पर हाजिरी की व्यवस्था शुरू हुई।
  • बीएड एप शुरू हुआ। इसीपर बीएड कॉलेजों को अपनी रिपोर्ट भेजनी है। 


वर्ष 2019 में उम्मीदें 

  • 2019 फरवरी तक स्नातक का और जून तक पीजी का सत्र नियमित हो जाएगा।
  • 2019 में टीएमबीयू को नए कुलपति मिलेंगे।
  • यूएमआईएस (यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट इंफॉरमेशन सिस्टम) शुरू होगा। इसके बाद परीक्षा और सर्टिफिकेट का काम ऑनलाइन हो जाएगा।
     
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