भागलपुर में मंजर से लदा पेड़, आम का होगा बंपर उत्पादन

Mar 03, 2026 01:10 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, भागलपुर
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भागलपुर में इस साल आम के पेड़ों पर बंपर मंजर आए हैं, जिससे जर्दालू आम सहित अन्य किस्मों के उत्पादन की प्रबल संभावना है। अनुकूल मौसम के कारण किसानों को राहत मिली है। जर्दालू आम की खेती में वृद्धि हो रही है, और अगर मौसम ठीक रहता है, तो किसानों को अच्छी आय होगी।

भागलपुर में मंजर से लदा पेड़, आम का होगा बंपर उत्पादन

भागलपुर, मुख्य संवाददाता। भागलपुर में इस साल आम के पेड़ों पर बंपर मंजर (फूल) आए हैं। जिससे जर्दालू सहित अन्य किस्मों के बंपर उत्पादन की प्रबल संभावना है। अनुकूल मौसम के कारण बगीचे लदे हुए हैं, जो किसानों के लिए राहत दे रही है। भागलपुर का प्रसिद्ध जर्दालू आम (जीआई टैग प्राप्त) अपनी अनूठी सुगंध और रसीलेपन के लिए फिर से बंपर फसल देने को तैयार है। आम के किसान बताते हैं कि अनुकूल मौसम और उचित तापमान के कारण, इस बार आम के पेड़ों पर काफी अच्छी संख्या में फूल (मंजर) देखे जा रहे हैं। भागलपुर अपने खास जर्दालू और दुधिया मालदा किस्मों के लिए प्रसिद्ध है।

आठ साल पहले इसे ग्लोबल आईडेंटिफिकेशन (जीआई) टैग मिला हुआ है। विदेशों तक आम के निर्यात और किसानों को अच्छी आमदनी होने से वैज्ञानिक तरीके से खेती की जा रही है। आम के पेड़ों में अच्छी उत्पादकता के लिए, फूल आने से पहले कीटनाशकों का प्रबंधन किया गया है। जिससे फल की गुणवत्ता बेहतर होने की उम्मीद है। आम उत्पादक एवं निर्यातक मनीष कुमार सिंह बताते हैं, इस बार यदि मौसम अनुकूल रहता है और ओलावृष्टि या भारी आंधी नहीं आती है, तो इस वर्ष बंपर उत्पादन होने की उम्मीद है। जिससे किसानों को अच्छी आय होगी। यह स्थिति भागलपुर के प्रसिद्ध आम उत्पादकों के लिए बहुत उत्साहजनक है, जो अपनी फसलों को सीधे देश भर में निर्यात करने की योजना भी बनाते हैं। आम के मंजर पर छिड़काव भी किया जा रहा है। ताकि टिकोले टिक सके। टिकोले टिकने के बाद ही फल की सुरक्षा हो सकेगी। जिला कृषि पदाधिकारी प्रेमशंकर प्रसाद बताते हैं कि भागलपुर में जर्दालू आम का रकबा बढ़ा है। भागलपुर में आम (विशेषकर जीआई-टैग प्राप्त जर्दालू) की खेती एक प्रमुख व्यवसाय है। जो हजारों एकड़ में फैली हुई है। प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में करीब 1,000 एकड़ से अधिक में जर्दालू आम की खेती होती है। भागलपुर में मुख्य रूप से जरदालू, मालदह, गुलाबखास और आम्रपाली किस्मों की बागवानी की जाती है। धीरे-धीरे जर्दालू का रकबा बढ़ रहा है और किसान जर्दालू के नये पौधे लगा रहे हैं। ----- उल्लेखनीय है कि वर्ष 2022-23 के भारत के बागवानी फसलों के किये गये आकलन के अनुसार, बिहार में एक लाख 62 हजार 990 हेक्टेयर जमीन पर आम की खेती हुई और 15 लाख 76 हजार 60 मीट्रिक टन आम की पैदावार हुई। सरकार ने उत्तर बिहार के दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी, समस्तीपुर, पश्चिम चंपारण, मधेपुरा व सुपौल और दक्षिण बिहार के भागलपुर, मुंगेर, पटना, बक्सर को आम उत्पादक जिलों के रूप में चिह्नित किया है। हालांकि अपनी गुणवत्ता व स्वाद की वजह से भागलपुर के आम की विशिष्ट पहचान है और भागलपुरी आम बोलने से उसकी विशिष्टता का बोध होता है।

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