
अररिया:रक्तदान से थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को मिलती है नई जिंदगी
अररिया सदर प्रखंड के अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ताराबाड़ी में शुक्रवार को रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इसमें कई लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। चिकित्सा पदाधिकारी डां मंसूर आलम ने रक्तदान के महत्व को बताया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लोगों को जागरूक किया जा रहा है ताकि जरूरतमंदों को रक्त मिल सके।
अररिया, वरीय संवाददाता। शुक्रवार को अररिया सदर प्रखंड के अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ताराबाड़ी में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इसमें कई लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। जहां ब्लड बैंक से कई स्वास्थ्य कर्मीगण एपीएचसी ताराबाड़ी में मौजूद रहे। जहां स्वेच्छा से रक्तदान देने के लिए आये लोंगों की पहले जांच की गयी। एपीएचसी ताराबाड़ी के चिकित्सा पदाधिकारी डां मंसूर आलम ने खुद रक्तदान करते हुए कहा कि रक्तदान महादान है। 18 साल से अधिक उम्र वाले कोई भी व्यक्ति तीन माह पर अपना रक्तदान कर सकते हैं। जबकि 18 साल से अधिक उम्र वाली महिला चार माह के अंतराल पर रक्तदान कर सकती है।

रक्तदान से जाति धर्म का भेदभाव भी खत्म होता है। दान दिये गये रक्त से थैलेसीमिया पीडित बच्चों को नया जिंदगी मिलता है। वही ब्लड बैंक से पहुंचे काउंसलर नितेश कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के द्वारा लगातार लोगों को जागरूक करके जगह-जगह पर रक्तदान सिविल लगाया जा रहा है। इससे कि जरूरतमंदों के साथ-साथ थैलेसीमिया मरीजों को रक्त मिल सके। मौके पर एलटी दीपू कुमार मिश्रा, डीईओ हेमंत कुमार हीरा, रमन कुमार, एएनएम रोमा पाल, सुभाष यादव, आशा फैसिलिटर रोहिणी देवी, गुनाधर मंडल, लक्ष्मण पासवान समेत दर्जनों स्वास्थ्य कर्मी गण मौजूद रहे।

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