
सुपौल: स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति अब ऑनलाइन होगी कैप्चर
संक्षेप: बिहार के सभी सरकारी विद्यालयों में हाजिरी के लिए चेहरे की पहचान आधारित प्रमाणीकरण प्रणाली लागू की जाएगी। पहले चरण में राज्य के पांच स्कूलों में इसकी शुरुआत की जाएगी, जिससे हाजिरी में फर्जीवाड़ा रोका...
सुपौल, एक प्रतिनिधि। बिहार के सभी सरकारी विद्यालयों में हाजिरी के लिए चेहरे की पहचान आधारित प्रमाणीकरण प्रणाली लागू की जाएगी। पहले चरण में राज्य के पांच सरकारी प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में अब हाजिरी को लेकर सख्ती होगी। इसमें किसी भी तरह का फर्जीवाड़ा नहीं किया जा सकेगा। अब राज्य भर के स्कूलों में चेहरे की पहचान आधारित प्रमाणीकरण प्रणाली से उपस्थिति बनाने की व्यवस्था लागू होने जा रही है। इससे पहले राज्य के पांच जिले के पांच-पांच स्कूलों में तीसरी कक्षा के बच्चों की हाजिरी बनाने से इसकी शुरुआत की गई है। इसमें सफलता मिलने के बाद राज्य भर में इसके रॉलआउट को लेकर तैयारियां शुरू हो गई है।
बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के राज्य परियोजना निदेशक के द्वारा सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को पत्र लिखा है। इस सबंध में डीपीओ प्रवीण कुमार ने बताया की स्कूल में दिए गए टैबलेट के माध्यम से विद्यार्थियों की हाजिरी बनाई जाएगी। इस कार्य के लिए एजेंसी का चयन किया जाना है। एजेंसी की ओर से इसको लेकर जिला स्तर से लेकर अनुमंडल स्तर पर स्कूल के एचएम को प्रशिक्षण दिया जाएगा। टैबलेट में एप्लीकेशन डाउनलोड किया जाएगा। कहा की जिला स्तर पर इससे संबंधित सभी तरह के कार्य के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश भी विभाग द्वारा दिया गया है। इसके अनुश्रवण को लेकर टीम के गठन का भी निर्देश सभी डीईओ को दिया गया है।

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