
सफाई मजदूरों की हड़ताल टली, नगर आयुक्त के आश्वासन पर काम पर लौटे कर्मचारी
फोटो हड़ताल की वजह से पहले पहर में शहर में सफाई व्यवस्था चरमाई दूसरे
भागलपुर, वरीय संवाददाता। बिहार राज्य सफाई मजदूर संघ द्वारा मंगलवार को अपनी मांगों को लेकर शुरू किया गया औजार बंद आंदोलन, नगर आयुक्त के आश्वासन के बाद स्थगित कर दिया गया है। आंदोलन के कारण सुबह से दोपहर तक शहर की सफाई व्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित रही, लेकिन शाम को मजदूर काम पर लौट गए, जिससे स्थिति सामान्य हुई। सफाई मजदूरों के अचानक औजार बंद करने से शहर के कई इलाकों में कचरे का ढेर लग गया। मुख्य रूप से उर्दू बाजार, लहेरीटोला मोड़, नया बाजार, बूढ़ानाथ चौक, तिलकामांझी और खंजरपुर जैसे क्षेत्रों में सफाई एजेंसी के कर्मचारी काम पर नहीं दिखे, जिसके कारण सड़कों और गलियों में गंदगी जमा हो गई।

हालांकि, दोपहर बाद नगर निगम और सफाई एजेंसी ने अतिरिक्त कर्मियों को लगाकर सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने का प्रयास किया। सफाई मजदूर संघ के सदस्य दोपहर दो बजे नगर निगम कार्यालय पहुंचे और शाम चार बजे नगर आयुक्त से उनकी वार्ता शुरू हुई। संघ के सदस्य गणपत राम ने बताया कि बातचीत में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनी है। बता दें कि दिन में तातारपुर स्थित नगर निगम गोदाम में विरोध प्रदर्शन के दौरान सफाईकर्मियों से वार्ता करने गए उप नगर आयुक्त को सफाईकर्मियों ने घेर लिया। उन्होंने अपनी मांगों पर त्वरित कार्रवाई करने की मांग की। नगर प्रबंधक विनय प्रसाद यादव ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि नगर निगम के उप नगर आयुक्त राजेश कुमार पासवान, नगर प्रबंधक और अन्य अधिकारियों ने विरोध कर रहे मजदूरों से बात की। उन्होंने बताया कि सफाई एजेंसी से भी वार्ता की गई और मजदूरों की मांगों को सुलझा लिया गया है। सफाई मजदूर संघ ने नगर आयुक्त के आश्वासन पर बुधवार से होने वाली प्रस्तावित हड़ताल को स्थगित कर दिया है। इस आंदोलन में राजेश हरि, शेखर हरि और शाखा सहित सैकड़ों सफाई मजदूर शामिल रहे। मजदूरों की प्रमुख मांगें और वार्ता ईपीएफ घोटाला: संघ द्वारा ईपीएफ स्टेटमेंट जमा किए जाने के बाद ईपीएफ कार्यालय द्वारा एक कैंप लगाया जाएगा। इस कैंप में प्रतिदिन चार वार्डों के मजदूरों के ईपीएफ खातों की जांच की जाएगी, ताकि घपले-घोटालों का पता लगाया जा सके और बकाया राशि को अपडेट किया जा सके। अंतर राशि का भुगतान: पिछले छह महीनों की बकाया अंतर राशि का भुगतान दो किस्तों में किया जाएगा। पहली किस्त दुर्गा पूजा से पहले मजदूरों को दे दी जाएगी। बंद ईपीएफ खातों की जांच: बंद पड़े ईपीएफ खातों की भी जांच की जाएगी और बकाया भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। वेतन कटौती पर रोक: सफाई एजेंसी द्वारा एक दिन का वेतन काटे जाने की शिकायत पर यह तय हुआ है कि मजदूर जितने दिन काम करेंगे, उन्हें उतने दिन का पूरा वेतन मिलेगा। उन्हें जबरन छुट्टी पर नहीं भेजा जाएगा।

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