पूर्णिया : सीमांचल के पुलिसकर्मियों को सही ढंग से काम करने और सही रास्ते पर चलने की नसीहत
पूर्णिया में अपर पुलिस महानिदेशक पारसनाथ ने पुलिस अधिकारियों को केस की जांच में गुणवत्ता पर ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने अनुसंधान के दौरान सुनी-सुनाई बातों से बचने और एफएसएल प्रयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया। समीक्षा बैठक में लंबित मामलों की बारीकी से जांच की गई, जिससे गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान को बढ़ावा मिले।

पूर्णिया से रंजीत कुमार झा की रिपोर्ट अपराध अनुसंधान विभाग बिहार पटना के अपर पुलिस महानिदेशक पारसनाथ ने सीमांचल के पुलिसकर्मियों को सही ढंग से काम करने एवं सही रास्ते पर चलने की नसीहत दी है। उन्होंने कहा कि केस की जांच में गुणवत्ता बड़ी चीज होती है। चार महीने से गुणवत्ता पर काम कर रहे हैं। इसमें बहुत पहलू पर जोर दिया जा रहा है। एफएसएल के प्रयोग पर जोर दिया गया। अनुसंधान में बहुत काम ऐसा कर रहे जो अच्छा नहीं है, उसे छोड़ने की जरूरत है। कुछ नया काम करने की जरूरत है। उन्होंने पुलिस को पढ़ने-लिखने के साथ नॉलेज को बढ़ाने की भी सलाह दी।
शनिवार को पूर्णिया समाहरणालय स्थित महानंदा सभागार में सीमांचल के पुलिस अफसरों के साथ अपर पुलिस महानिदेशक ने करीब तीन घंटे तक समीक्षा बैठक की। बैठक में सीमांचल के थानों में दर्ज हो रहे सामान्य एवं यूडी से संबंधित 200 से अधिक लंबित कांडों एवं अनुसंधान के तरीकों की बारीकी से समीक्षा की गई। केस की समीक्षा के दौरान एडीजी का गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान पर मुख्य रूप से फोकस रहा। खासकर केस अनुसंधान के दौरान सुनी-सुनायी बातों से कहानी गढ़ने की प्रवृति से बचने की पुलिस अफसरों को सलाह दी। उन्होंने पुलिस पदाधिकारियों से कहा कि अनुसंधान के दौरान सुनी-सुनायी बातों को केस डायरी में लाने की जगह केस से जुड़े फैक्ट एवं आई विटनेस की बातों का उल्लेख होना चाहिए। थानों में लंबित यूडी केस के जल्द निष्पादन पर भी उन्होंने जोर दिया। कहा कि पूर्णिया में बने एफएसएल लैब भवन जल्द ही फंक्शनल होने जा रहा है। पूर्णिया रेंज के अन्तर्गत आने वाले थानों की पुलिस को फॉरेंसिक टेस्ट लैब के लिए लंबी दूरी तय करने से जल्द छुटकारा मिल जाएगा। इसके लिए अफसरों की पोस्टिंग कर दी गई है। पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि एफएसएल के उपयोग के साथ गुणवत्तापूर्ण केस अनुसंधान का पुलिस अफसरों को निर्देश दिया गया है। इसके लिए पुलिस पदाधिकारियों को निर्धारित मानकों का अध्ययन करते हुए कानून सम्मत अनुसंधान के लिए कहा गया है। समीक्षा बैठक के दौरान पूर्णिया के आईजी, चारों जिला के एसपी, रेंज के सभी अंचल पुलिस निरीक्षक, पर्यवेक्षीय पदाधिकारियों सहित 100 से अधिक लंबित केस वाले थानों के थानाध्यक्ष मौजूद थे।
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