लखीसराय: बिहार में पंचायत सचिवों की हड़ताल पांचवें दिन भी जारी
बिहार राज्य पंचायत सचिव संघ द्वारा पांच सूत्री मांगों की पूर्ति के लिए अनिश्चितकालीन हड़ताल आज पांचवे दिन भी जारी रही। कार्य बहिष्कार के कारण पंचायतों में कामकाज ठप है, जिससे जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। संघ ने सरकार से मांगों की पूर्ति तक हड़ताल जारी रखने की चेतावनी दी है।

लखीसराय से मनोज कुमार की रिपोर्ट बिहार राज्य पंचायत सचिव संघ द्वारा अपनी पांच सूत्री मांगों की पूर्ति के लिए बुलाई गई अनिश्चितकालीन हड़ताल आज पांचवें दिन भी जारी रही। बीते आठ अप्रैल से जारी कार्य बहिष्कार के कारण राज्य भर की पंचायतों में कामकाज पूरी तरह ठप पड़ा है, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। संघ के जिला अध्यक्ष पप्पु कुमार ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती, तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। संघ की प्रमुख मांगों में पंचायत सचिवों को उनके गृह जिला में पदस्थापित किया जाए।
शैक्षणिक योग्यता को स्नातक माना जाए और पदनाम में परिवर्तन किया जाए। ग्रेड पे 4200 रुपये निर्धारित किया जाए। परिवहन भत्ता-2000 रुपये मासिक निर्धारित हो। प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी के पद पर प्रोन्नति के लिए 55 वर्ष की उम्र सीमा को समाप्त किया जाए। महासंघ ने सरकार से की हस्तक्षेप की मांग इस बीच, बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ (सेवांजलि) ने पंचायत सचिव संघ की मांगों को जायज बताते हुए राज्य सरकार से अविलंब वार्ता करने और हड़ताल समाप्त कराने का अनुरोध किया है। पंचायत सचिवों के हड़ताल पर जाने से जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, वंशावली, वृद्धावस्था पेंशन और आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र जैसे जरूरी कार्यों के लिए ग्रामीणों को निराशा हाथ लग रही है।
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