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चेंबर में आयोजित कार्यशाला में निवेश पैकेज और जीएसटी पर हुई चर्चा

चेंबर में आयोजित कार्यशाला में निवेश पैकेज और जीएसटी पर हुई चर्चा

संक्षेप:

राज्य उद्यमी एवं व्यवसायी आयोग के अध्यक्ष ने किया संबोधित बड़े निवेशकों को मुफ्त भूमि,

Sep 08, 2025 04:25 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, भागलपुर
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भागलपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। इस्टर्न बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज कार्यालय में रविवार को बिहार उद्यमी प्रोत्साहन निवेश 2025 एवं जीएसटी पार्ट-2 विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता चैंबर अध्यक्ष शरद सलारपुरिया ने की, और संचालन महासचिव सीए प्रदीप जैन ने किया। इस कार्यशाला को बिहार राज्य उद्यमी एवं व्यवसायी आयोग के अध्यक्ष सुरेश रुंगटा ने संबोधित किया। उन्होंने चैंबर सदस्यों एवं कारोबारियों से नए जीएसटी सुधार और उद्यमी प्रोत्साहन निवेश पैकेज पर विस्तृत से चर्चा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज-2025 लागू किया है। इसके तहत 100 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करने वाली और 1000 से ज्यादा रोजगार सृजित करने वाली कंपनियों को 10 एकड़ तक भूमि निःशुल्क दी जाएगी।

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वहीं 1000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करने वालों को 25 एकड़ भूमि टोकन मनी पर उपलब्ध कराई जाएगी। फॉर्च्यून 500 श्रेणी की कंपनियों को भी 10 एकड़ तक भूमि प्रतीकात्मक शुल्क पर दी जाएगी। छोटे निवेशकों को बियाडा की भूमि पर 50 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। मौके पर अनिल कड़ेल, प्रदीप जालान, पी आर ओ उज्जैन जैन मालू, गौरव बंसल, नितेश संथालिया, आलोक अग्रवाल, गोविन्द अग्रवाल, सौरव शर्मा, रुपेश वैध, नरेश खेतान, ओमप्रकाश कानोड़िया, राम गोपाल पोद्दार, रमन साह,सुनील बुधिया, विकास झुनझुनवाला, पंकज जालान सहित कई लोग उपस्थित थे। अनुदान मिलने के बावजूद भी भागलपुरी सिल्क की स्थिति में सुधार नहीं भागलपुरी सिल्क के कारोबार पर बिहार राज्य उद्यमी एवं व्यवसायी आयोग के अध्यक्ष सुरेश रुंगटा ने कहा कि काशी और भागलपुर लंबे समय से सिल्क के प्रमुख हब रहे हैं, लेकिन अब सूरत के चाइनीज सिल्क से बाजार प्रभावित है। ग्राहक सस्ते और नकली सिल्क को प्राथमिकता दे रहे हैं, जबकि असली सिल्क की सही कीमत देने से बचते हैं। इसका सीधा असर व्यापार और व्यापारियों पर पड़ रहा है, जिसके कारण व्यापारी शुद्ध सिल्क की खरीदारी नहीं कर पाते हैं। सरकारी अनुदान मिलने के बावजूद भी भागलपुरी सिल्क की स्थिति में सुधार नहीं हो पाई है। उन्होंने पीरपैंती और आसपास के क्षेत्र में बंद पड़े चीनी मिल कारोबार को लेकर कहा कि यदि चैंबर या कारोबारी इस विषय पर कोई ठोस मांग रखते हैं तो उस पर विचार किया जाएगा।