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विरोध में उतरे नियोजित शिक्षक, स्कूलों के 450 प्रभारी प्रधानाध्यापक छोड़ना चाहते हैं पद

Cancellation of teachers Transfer Policy

सरकारी स्कूलों के 450 के करीब नियोजित शिक्षक प्रभारी प्रधानाध्यापक का पद छोड़ना चाहते हैं। इसके लिए इन्होंने शिक्षा विभाग को पत्र भेजा है। ये समान काम, समान वेतन नहीं मिलने से नाराज हैं।
 
गर्मी की छुट्टी के बाद स्कूल खुलने पर ये लोग पद छोड़ देंगे। दूसरी जिम्मेदारी वाला पद भी छोड़ेंगे। उनका कहना है कि उनकी बहाली पढ़ाने के लिए हुई है वे केवल अब पढ़ाने का काम करेंगे।

जिले के स्कूलों में 70 प्रतिशत के करीब नियोजित शिक्षक विभिन्न पदों पर कार्यरत हैं। इसमें मुख्य रूप से बीएलओ, बीआरपी, सीआरसीसी, मध्याह्न भोजन सहित कई योजनाओं के क्रियान्वयन में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसी स्थिति में नियोजित शिक्षक अब इससे खुद को दूर रखना चाहते हैं। 
बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के राज्य कार्यकारिणी सदस्य प्रवीण कुमार झा ने बताया कि संगठन की बैठक में यह फैसला हुआ है कि सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ नियोजित शिक्षक अब पढ़ाने के सिवाय सभी तरह के दायित्व छोड़ देंगे। इनमें प्रधानाध्यापक की जिम्मेदारी भी शामिल है। 

शिक्षक संघों की हुई सर्वदलीय बैठक 
बिहार पंचायत-नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ के बैनर तले जिला इकाई भागलपुर के आह्वान पर समान काम समान वेतन को लेकर जीरोमाइल स्थित एक होटल में शुक्रवार को बैठक हुई। विजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में निर्णय लिया गया कि हड़ताल करते हुए स्कूलों में ताला लगाया जाए। उपसचिव सुप्रिया सिंह, विनोद कुमार यादव, राकेश कुमार पांडेय, चंदा सिंह, मो. इरफान सहित कई शिक्षक नेताओं ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि नियोजित शिक्षक एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन पूरे राज्य में करेंगे। 


 

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  • Web Title:Bihar: Employed teacher will protest against government policy