टॉल फ्री नंबर 18003456215 पर करें भूमि समस्या की शिकायत
यहां मिली शिकायतों पर ऑनलाइन कार्रवाई होगी भीड़ बता रही बीमारी पुरानी है, होगा शर्तिया

भागलपुर, मुख्य संवाददाता। ‘भूमि सुधार जनकल्याण संवाद’ के दौरान सोमवार को उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने भागलपुर में भू-माफिया और बिचौलियों को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि अब बिहार में भूमि विवादों के निपटारे के नाम पर ‘द्रव्य (पैसा), दबाव और दलाली’ नहीं चलेगी। सरकार पूरी तरह आम जनता के साथ खड़ी है और माफिया को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। उन्होंने टॉल फ्री नंबर 18003456215 पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी। यहां मिली शिकायतों पर ऑनलाइन कार्रवाई की जाती है। सोमवार शाम टाऊन हॉल में पत्रकारों से बातचीत में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑनलाइन सेवाओं को और सरल बनाने के लिए राज्य के प्रत्येक अंचल कार्यालय में सीएससी केंद्र खोल दिए गए हैं।
अब आम लोगों को साइबर कैफे या दलालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। वहां नियुक्त प्रशिक्षित कंप्यूटर ऑपरेटर मामूली शुल्क पर आवेदन भरने में जनता की मदद करेंगे। कार्यक्रम में उमड़ी भारी भीड़ को देखते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा, यह भीड़ इस बात का प्रमाण है कि समस्याएं गहरी हैं। जहां बीमारी ज्यादा, वहां भीड़ ज्यादा होती है। बीमारी का शर्तिया इलाज किया जाएगा। अब गुंडा राज नहीं, सुशासन का राज है। उन्होंने लोगों से शांतिपूर्ण संवाद की अपील करते हुए भरोसा दिया कि किसी भी असली हकदार के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। सीओ फर्जी कागजात वालों पर करेंगे एफआईआर डिप्टी सीएम ने कहा, राजस्व विभाग ने व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए अंचल अधिकारियों (सीओ) को बड़े अधिकार दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो लोग फर्जी कागजात के आधार पर सरकारी काम में बाधा डालते हैं या जमीन हड़पते हैं, उन पर अब सीधे आपराधिक मुकदमा (एफआईआर) दर्ज किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि माफिया तत्वों के खिलाफ इस शक्ति का बिना किसी दबाव के उपयोग करें। बोले, तीन माह बाद दोबारा आएंगे, फिर समीक्षा करेंगे। प्रमंडल के बाद जिलों में संवाद कार्यक्रम चलाया जाएगा। जनता के हित में 10 क्रांतिकारी बदलावों को गिनाया 1. थाना नहीं, अंचल में सुनवाई : हर शनिवार को अब थाना के बजाय अंचल कार्यालय में जनता दरबार लगेगा। 2. ऑनलाइन नकल : एक जनवरी 2026 से राजस्व अभिलेखों की सत्यापित नकल केवल ऑनलाइन मिलेगी, जो पूरी तरह वैध होगी। 3. लैंड बैंक : सभी जिलों में ‘लैंड बैंक’ बनाने और सरकारी जमीन की गलत जमाबंदी पर तत्काल रोक के आदेश दिए गए। 4. ऑपरेशन भूमि दखल देहानी : अनुसूचित जाति-जनजाति पर्चाधारियों को उनकी जमीन पर शत-प्रतिशत कब्जा दिलाने की शुरुआत। 5. पंचायत में कर्मचारी : राजस्व कर्मचारी अब सीधे अपनी पंचायत में बैठकर जनता का काम करेंगे। 6. समय-सीमा तय : ‘परिमार्जन प्लस’ के तहत मामलों के निपटारे के लिए 15, 35 और 75 दिनों की डेडलाइन तय। 7. मापी रिपोर्ट ऑनलाइन : जमीन की मापी के बाद रिपोर्ट ऑनलाइन अपलोड करना अब अनिवार्य होगा। 8. शिकायत पेटी : हर अंचल में शिकायत पेटी होगी, जिसकी निगरानी सीधे अधिकारी करेंगे। 9. टॉप-3 सीओ होंगे सम्मानित : बेहतर काम करने वाले तीन अंचल अधिकारियों को सम्मानित किया जाएगा। 10. 14 मार्च तक का लक्ष्य :14 मार्च तक अधिकांश पुराने मामलों का समाधान का लक्ष्य दिया गया।

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