भागलपुर स्पिनिंग मिल के परिसमापन की प्रक्रिया शुरू, सदन में गूंजा कर्मियों के बकाये का मुद्दा
बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान भागलपुर को-ऑपरेटिव स्पिनिंग मिल का मामला उठाया गया। विधायक रोहित पांडेय ने कर्मियों के वेतन और बकाये का मुद्दा उठाया। सरकार ने बताया कि मिल का परिसमापन शुरू हो चुका है और पटना उच्च न्यायालय में मामले विचाराधीन हैं।

भागलपुर, वरीय संवाददाता। बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सोमवार को भागलपुर को-ऑपरेटिव स्पिनिंग मिल लिमिटेड का मामला जोर-शोर से उठा। स्थानीय विधायक रोहित पांडेय द्वारा पूछे गए प्रश्न के जवाब में सरकार ने स्पष्ट किया कि मिल के परिसमापन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विधायक ने सदन में मिल के वर्तमान एवं सेवानिवृत्त कर्मियों के वेतन, भविष्य निधि (पीएफ), ग्रेच्युटी और अन्य वैधानिक बकाये के भुगतान का मुद्दा उठाया था। सरकार ने उत्तर में बताया कि वर्ष 2000 से बंद पड़ी इस मिल के निस्तारण के लिए पटना जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक को परिसमापक नियुक्त किया गया है।
विभाग अब मिल की परिसंपत्तियों और देनदारियों का नियमानुसार आकलन कर रहा है। सरकार ने यह भी साफ किया कि यह मिल किसी राज्य निगम की इकाई नहीं है और इससे जुड़े मामले वर्तमान में पटना उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। कोर्ट के अंतिम फैसले के बाद ही बकाये भुगतान की अग्रिम कार्रवाई संभव हो सकेगी। विधायक रोहित पांडेय ने कहा कि सरकार के जवाब से प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद जगी है और वे कर्मियों के हक के लिए निरंतर प्रयास जारी रखेंगे।
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