बीएयू में जुटे कृषि स्टार्टअप्स, नवाचार व ग्रामीण विकास की प्रगति की समीक्षा
21 स्टार्टअप्स ने अपने तकनीकी नवाचार और भविष्य का रोडमैप प्रस्तुत किया भागलपुर, वरीय संवाददाता।

भागलपुर, वरीय संवाददाता। बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) स्थित सबौर एग्री इन्क्यूबेटर्स में कृषि स्टार्टअप्स की प्रगति को परखने के लिए गुरुवार को उच्चस्तरीय मूल्यांकन सह समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कुल 21 स्टार्टअप्स ने अपने तकनीकी नवाचार, व्यावसायिक प्रगति और भविष्य के रोडमैप का प्रस्तुतीकरण किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्टार्टअप्स को मिलने वाली द्वितीय व तृतीय किस्त तथा एनओसी के लिए उनके कार्यों की समीक्षा करना था।
विशेषज्ञों की समिति की उपस्थिति
इस अवसर पर सीसीएस नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चरल मार्केटिंग और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के विशेषज्ञों की समिति मौजूद रही। समिति ने स्टार्टअप्स द्वारा किए गए वित्तीय उपयोग और उनके द्वारा हासिल किए गए लक्ष्यों की बारीकी से जांच की। विशेषज्ञों ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में इन स्टार्टअप्स के योगदान की सराहना की। अनुसंधान निदेशक सह पीआई (सबौर एग्री इन्क्यूबेटर्स) डॉ. एके सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय स्टार्टअप्स को केवल फंड ही नहीं, बल्कि तकनीकी मार्गदर्शन, अनुसंधान सहयोग और व्यावसायिक परामर्श भी उपलब्ध करा रहा है। इससे युवा उद्यमियों को अपने आइडिया को सफल बिजनेस मॉडल में बदलने में मदद मिल रही है। बैठक में विशेषज्ञों और स्टार्टअप प्रतिनिधियों के बीच भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ, जिससे बिहार में कृषि उद्यमिता के नए द्वार खुलने की उम्मीद है।
कृषि स्टार्टअप्स का महत्व
कोट:
कृषि स्टार्टअप्स ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने की रीढ़ हैं। विश्वविद्यालय नवाचार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सबौर एग्री इन्क्यूबेटर्स से जुड़े ये उद्यमी भविष्य में किसानों की आय दोगुनी करने और रोजगार सृजन में मील का पत्थर साबित होंगे।
- डॉ. डीआर सिंह, कुलपति, बीएयू।
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