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गंगा, बूढ़ी गंडक और कोसी खतरे के निशान से ऊपर, चारों ओर दिखने लगा बाढ़ का मंजर

bhagalpur: water level of rivers now crossed danger zone in kosi and seemanchal area

1 / 2भागलपुर के आसपास इलाकों में गंगा का पानी गांवों में फैलने लगा, गांव से पलायन करते लोग।

water level of rivers now crossed danger zone in kosi and seemanchal area

2 / 2पूर्वी तटबंध के 78.30 किमी ई-2 स्पर के अपस्ट्रीम में 400 मीटर में हो रहे दबाव एवं किए जा रहे बचाव के उपाय।

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कोसी, सीमांचल और पूर्व बिहार की नदियों का पानी दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है। गंगा, बूढ़ी गंडक, कोसी और बरंडी नदियों में बढ़ते जलस्तर ने लोगों की परेशानी बढ़ दी है। 

सुल्तानगंज में सोमवार को गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं, खगड़िया जिले गंगा 108 तो बूढ़ी गंडक खतरे के निशान से 80 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। वहीं, मुंगेर में गंगा का जलस्तर 38. 97 मीटर तक पहुंच गया। कटिहार में गंगा में छह सेमी. वृद्धि हुई, जबकि कोसी और बरंडी नदी में तीन-तीन सेमी. की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
सुल्तानगंज स्थित गंगा में पानी बढ़ने से बहियार जलमग्न हो गया है। बाढ़ से किसान सबसे ज्यादा परेशान हैं। मवेशियों के चारे की समस्या भी लोगों के सामने खड़ी हो गई है। सीओ शशिकांत कुमार ने बताया, गनगनिया पंचायत के लोगों ने नाव की मांग की है। मोतीचक, कल्याणपुर व तिलकपुर में पानी का दबाव बढ़ रहा है। 

घरों में बाढ़ का पानी घुसा
उधर, खगड़िया में गंगा ओर बूढ़ी गंडक में जलस्तर बढ़ने से रामपुर व बोरना के घरों में बाढ़ का पानी घुसा हुआ है। बाढ़ में छोटी बोरना का सबसे अधिक वार्ड दस प्रभावित है। महेशखूंट के बन्नी पंचायत के लोगों ने जीएन बांध पर डेरा जमा लिया है। लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से सुध नहीं ली गई है। 

नेपाल में हो रहा भारी बारिश, अररिया में बाढ़ को लेकर अलर्ट
अररिया में सोमवार को जब नेपाल के विराट नगर व धरान में भारी बारिश होने की सूचना लोगों तक पहुंची तो एक बार फिर लोग सहम गये हैं। हालांकि जिला प्रशासन ने संभावित बाढ़ के मद्देनजर सभी को अलर्ट रहने को कहा है। जिलाधिकारी हिमांशु शर्मा ने कहा कि रविवार की देर रात नेपाल के विराटनगर व धरान में करीब 70 एमएम बारिश होने की सूचना मिली है। इसको लेकर महानंदा के जलस्तर में वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि इससे जिले के परमान व बकरा सहित अन्य नदियों के जलस्तर में वृद्धि हो सकती है। ऐसे में सभी अलर्ट रहे। प्रशासनिक स्तर संभावित बाढ़ को लेकर सभी सीओ व बीडीओ आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये हैं। 

ई 2 स्पर पर दबाव जारी, लोगों की बढ़ी चिंता
नवहट्टा(सहरसा) में पूर्वी कोसी तटबंध के 7830 किमी ई-2 स्पर के अप स्ट्रीम दबाव का कहर बढ़ते जा रहा है। इससे इंजीनियरों एवं लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है। जानकारी के मुताबिक ई-2 स्पर के अपस्ट्रीम में दबाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। एक दिन पूर्व मस्जिद एवं मो. अब्बास के घर के पास करीब 40 मीटर लंबाई में बैकरोल पानी का दबाव हो रहा था कि रविवार को दबाव बढ़कर करीब 400 मीटर लंबाई में जा पहुंचा है। सोमवार को भी दबाव बरकरार था। इस बीच बैकरोल दबाव की आक्रमकता को देखते हुए चीफ इंजीनियर प्रकाश दास के निर्देश पर कटाव को कारगर रोक के उपाय हेतु परकोपाईन नाव से गिराना शुरू कर दिया गया है। चीफ इंजीनियर श्री दास के अलावे चेयरमैन महेंद्र चौधरी, एसई ओम प्रकाश, ईई महेश प्रसाद सिंह, एई ओमप्रकाश सिंह, जेई किशोर कुणाल तथा भागलपुर बौसी से आए करीब आधा दर्जन संविदा जेई दिन-रात नदी से संघर्ष कर बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। इंजीनियरों ने बताया कि रिटायर पुराना पूर्वी तटबंध के कट इंड नोज के पास से करीब 400 मीटर में यह दबाव हो रहा है। 

मुंगेर के छह प्रखंडों में बाढ़ का पानी फैला
मुंगेर जिले के छह प्रखंडों में बाढ़ का पानी कम नहीं हो रहा है। सोमवार को कई सड़कों पर बाढ़ का पानी आ गया। जिले के गंगा पार दियारा क्षेत्र की जाफरनगर, कुतलुपुर, टीकारामपुर व झौवा बहियार पंचायत के कई घरों में बाढ़ का पानी घुसने से लोगों की समस्या बढ़ गई है। सोमवार को गंगा का जलस्तर 38.97 मीटर तक पहुंच गया। जिसके कारण स्थिति बिगड़ने लगी है। जिला प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों के बीच अबतक कोई राहत कार्य नहीं शुरू किया गया है। जिला प्रशासन अब भी लाल निशान पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं। केन्द्रीय जल आयोग के अनुसार फिलहाल तो गंगा का जलस्तर स्थिर है लेकिन कल के बाद जलस्तर में और भी वृद्धि होने के आसार हैं।

कटिहार में 12 से अधिक गांव में बाढ़ का पानी घुसा
इसके अलावा कटिहार जिले गंगा का जलस्तर अमदाबाद, बरारी व कुरसेला में बढ़ने से करीबन एक दर्जन से अधिक गांव में बाढ़ का पानी घुस गया। बाढ़ का पानी गांव के चारों ओर आंगन में प्रवेश कर चुका है। 
मनिहारी में पानी फैलने के कारण पूजा करने के लिए भी श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार को गंगा नदी का जलस्तर काढागोला में छह सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है।

कटिहार के कुरसेला ब्रिज के पास बढ़ा पानी
वहीं, कटिहार जिले में कोसी नदी का जलस्तर कुरसेला ब्रिज के पास तीन सेंटीमीटर बढ़ा है। बरंडी नदी के जलस्तर में भी तीन सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है, जबकि महानंदा नदी का जलस्तर स्थिर है। पानी बढ़ने के कारण विभागीय अभियंता लगातार चौकसी बरत रहे हैं। 

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