Bhagalpur: seven children have died till now from chamki fever at Mayaganj hospital and four new patient admitted - चमकी बुखार से मायागंज अस्पताल में अब तक 7 बच्चों की मौत, 4 नये भर्ती DA Image

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चमकी बुखार से मायागंज अस्पताल में अब तक 7 बच्चों की मौत, 4 नये भर्ती

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भागलपुर के जेएलएनएमसीएच(मायागंज अस्पताल) में सोमवार को एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) यानी चमकी बुखार से पीड़ित जमालपुर निवासी सियाराम के सात वर्षीय पुत्र सतीश कुमार की मौत हो गई। जिले में अब तक एईएस की चपेट में आकर सात बच्चों की मौत हो चुकी है। 

इसमें पांच बच्चों की मौत सरकारी व दो की निजी अस्पताल में हुई है। उधर, अस्पताल अधीक्षक डॉ. रामचरित्र मंडल ने बताया कि इस बीमारी को लेकर नौ केस सामने आए हैं। इसमें चार की मौत हुई है। जमालपुर के सतीश कुमार की मौत एईएस से नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि सोमवार को चार बच्चे यहां भर्ती हुए हैं। 

इसमें बिहपुर जयरामपुर निवासी अनुराग कुमार का डेढ़ साल के बेटा प्रेम राजकुमार, एकचारी रसलपुर निवासी पूरण कुमार की डेढ़ साल की बेटी निशा कुमारी, बांका निवासी मुन्ना दास की दो वर्षीय बेटी चांदनी कुमारी और नाथनगर दुधैला निवासी ब्रजेश कुमार का बेटा गोलू कुमार शामिल हैं। 

उधर, सियाराम ने बताया कि शनिवार रात को अचानक सतीश की तबीयत बिगड़ने लगी थी। इसके बाद जमालपुर के  स्थानीय चिकित्सक से उसका इलाज कराया गया। रविवार सुबह तक बुखार कम नहीं हुआ। इसके बाद उसे मायागंज अस्पताल लाया गया। बुखार के दौरान सतीश के शरीर में चमकी उठ रहा था। पहले शिशु विभाग में भर्ती किया गया। रात में सतीश की हालत जब ज्यादा बिगड़ने लगी तो उसे आइसीयू में भर्ती कराया गया। सोमवार को उसकी मौत हो गई। 

दो घंटे के बाद आईसीयू में भर्ती किया 
दूधौला के नरूउद्दीनपुर गांव के ब्रजेश कुमार मंडल के पुत्र दो वर्षीय गोलू को दोपहर 12 बजे अस्पताल में भर्ती कराया गया। गोलू के बड़े चाचा राजेश कुमार ने बताया कि रविवार को अचानक गोलू को बुखार आया फिर शरीर में जकड़न की शिकायत की। इसके बाद साहेबगंज स्थिति डॉ. कमरान फैजल के यहां लाया गया। वहां प्रारंभिक जांच के बाद सोमवार को मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया गया। अस्पताल में इमरजेंसी में सीनियर डॉक्टर के देखने के लिए उसे शिशु वार्ड में भर्ती कराया गया। उसके बाद कोई भी शिशु रोग विशेषज्ञ उसे देखने नहीं पहुंचे। इलाज नर्स के भरोसे किया गया। रिश्तेदार राजेश कुमार ने बताया कि दो घंटे के बाद उसे गोलू को आईसीयू में भर्ती किया गया। जानकारी हो कि अस्पताल प्रबंधन ने ऐसे बच्चों के इलाज के लिए आईसीयू, पीकू, नीकू वार्ड भी बनाया है। 
  
आईसीयू में चार नर्स की हुई तैनाती
भागलपुर। मायागंज अस्पताल के आईसीयू में सोमवार को चार नर्स की तैनाती की गई है। अस्तपाल अधीक्षक डॉ. रामचरित्र मंडल ने बताया कि चमकी से पीड़ितों की बढ़ती संख्या को देखते हुए नर्स की तैनाती की गई है। अब यहां 27 नर्स हो गई हैं। इससे मरीजों को अधिक सुविधाएं होंगी।  
 

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