bhagalpur: Male Baya Bird makes beautiful nest after fly five hundred times for attract to female baya - मादा बया को रिझाने के लिए पांच सौ बार उड़कर सुंदर घोसला बनाता है नर बया DA Image
10 दिसंबर, 2019|9:54|IST

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मादा बया को रिझाने के लिए पांच सौ बार उड़कर सुंदर घोसला बनाता है नर बया

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वह अपना घोंसला बनाता है तो घर बसाने के लिए, मगर कुछ दिन तक ही उसमें रह पाता है। हालांकि इस दौरान संघर्ष की लंबी दास्तां छोड़ जाता है। सुंदर-से दिखने वाले बया पक्षी को अपने घोंसले के लिए पांच सौ बार उड़ान भरनी पड़ती है। इस काम में उसे 28 दिन लग जाते हैं। पेड़ से बार-बार उड़कर घास और पत्तियों को चुनकर लाता है और चोंच से तिनकों और लंबी घास को बुनकर सुंदर घोंसले का निर्माण करता है।

पक्षियों पर काम करने वाले दीपक कुमार के अनुसार नर पक्षी मादा को रिझाने के लिए सुंदर घोंसला बनाता है। मादा घोंसले का पहले निरीक्षण करती है और जो घोंसला उसे पसंद आता है, उसके नर के साथ ही जोड़ी बनाती है। भागलपुर के अगुवानी, नरकटिया, काजी कोरैया, खैरपुर व रामनगर से लेकर तीनटंगा दियारा तक लगभग एक हजार बया पक्षियों ने घोंसले हैं। अभी इस पक्षी का प्रजनन काल चल रहा है। बया पक्षी जुलाई से अगस्त माह के बीच सिर्फ एक बार कांटेदार बबूल, ताड़, खजूर या नारियल के पेड़ पर घोंसला बनाता है, संपेरे के बीन के आकार का दिखता है। 

पेड़ पर रस्सी की तरह लटका रहता है और इतना मजबूत होता है कि तेज आंधी में भी डाली से नीचे नहीं गिरता। मंदार नेचर क्लब के संस्थापक अध्यक्ष अरविंद मिश्रा ने बताया कि वन और पर्यावरण विभाग के प्रधान सचिव को पत्र लिखकर भागलपुर में अधिक संख्या में खजूर, बबूल और ताड़ के पेड़ लगाने का आग्रह किया गया है, ताकि बया पक्षी को संरक्षण मिल सके। खजूर फल से उसे भोजन भी प्राप्त होगा।

प्रजननकाल में बदल जाता है रंग
नर बया का प्रजनन काल में सिर और छाती पीले रंग का होता है। मादा बया का रंग भूरा होता है। अन्य दिनों में नर और मादा का रंग भूरा ही होता है और गौरैया पक्षी की तरह दिखता है, लेकिन इसका चोंच मोटा होता है। पिछले साल की तुलना में इस बार बया पक्षियों ने भागलपुर में तीन गुना घोंसले बनाए हैं। एक पेड़ पर 15-20 घोंसले हैं। यह पक्षी समूह में रहना पसंद करता है। एशिया और अफ्रीका महाद्धीप के अलावा देश के विभिन्न जगहों पर पाया जाता है।

संघर्ष करने की प्रेरणा देता है बया पक्षी 
तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में एमबीए विभाग के निदेशक डॉ. पवन कुमार पोद्दार कहते हैं कि बया पक्षी संघर्ष करने की प्रेरणा देता है। एक-एक पत्ती को लाने के लिए काफी मेहनत करता है। इंसानों के लिए यह पक्षी प्रेरणा का काम करता है। हिम्मत, लगन व ईमानदारी से कार्य करने पर एक दिन सफलता अवश्य मिलती है।  
 

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