Bhado Poornima fair of Bateshwar becomes the center of tantric activities - बटेश्वर का भादो पूर्णिमा मेला तांत्रिक गतिविधियों का केंद्र बना DA Image
12 दिसंबर, 2019|4:38|IST

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बटेश्वर का भादो पूर्णिमा मेला तांत्रिक गतिविधियों का केंद्र बना

बटेश्वर का भादो पूर्णिमा मेला तांत्रिक गतिविधियों का केंद्र बना

प्रसिद्ध व प्राचीन शैव स्थल बटेश्वर स्थान में भादो पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई है। शुक्रवार को व्रत के दिन करीब 50 हजार श्रद्धालु बटेश्वर पहुंचे तथा भक्तों के पहुंचने का सिलसिला देर रात तक जारी रहा। शनिवार को पूर्णिमा के दिन करीब एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं के बटेश्वर पहुंचने की संभावना है। मेला में जुटनेवाली भीड़ को लेकर प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किये गये हैं।

बटेश्वर प्रक्षेत्र में वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण पाबंदी लगा दी गई है।तांत्रिक, भगत और आदिवासी बड़ी संख्या में शुक्रवार को बटेश्वर पहुंचे और तांत्रिक व अध्यात्मिक गतिविधियों में लीन हो गये। बिहार और झारखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों से पहुंचे आदिवासियों के जत्थे ने उत्तरवाहिनी गंगा में सामूहिक स्नान कर गंगा पूजा की। स्नान और गंगा पूजन के बाद लोटे में जल भरकर आदिवासियों का जत्था अपने-अपने गुरुओं के नेतृत्व में तंबुओं में पहुंचे तथा तांत्रिक और पारंपरिक पूजन करने में जुट गये। इस दौरान महिलाएं समूह गीत गाती रहीं और गीतों की धुन पर थिरकती रहीं। वहीं तात्रिकों और भगतों ने गंगा किनारे और श्मशान घाट किनारे क्रियाएं कीं। इस दौरान धूप, धुपौड़ी, बेंत आदि लेकर भगत झूमते रहे। शनिवार को बटेश्वर से कुछ दूरी पर बांस के घने जंगलों में अवस्थित बांसुरी देवी मंदिर परिसर में तांत्रिकों और भगतों की साधना की विशेष विधि के तहत परीक्षा ली जाती है, जिसके कुछ विशेष नियम हैं। उक्त स्थल धार्मिक न्यास बोर्ड के अधीन है और वहां दंडाधिकारी के साथ पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई है।

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  • Web Title: Bhado Poornima fair of Bateshwar becomes the center of tantric activities