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जानलेवा बने हैं शहर में लगे विज्ञापन होर्डिंग

शहर के प्रमुख चौक-चौराहों से लेकर पतली सड़कों तक, जिधर नजर जाती है उधर होर्डिंग्स ही दिखती है। कोई आड़ा तो कोई तिरछा, कोई फ्लैंक को छेके है तो कोई तीखे चौराहे पर। सड़क ही नहीं, मकान की छतों पर भी सैकड़ों होर्डिंग हैं। इसमें वैध-अवैध का आंकड़ा तो अलग है, लेकिन सबसे खतरनाक पहलू यह है कि ये होर्डिंग्स जानलेवा बन गए हैं। सोमवार को आई आंधी और बारिश के दौरान तातारपुर में एक मकान पर लगी होर्डिंग एक सिरे से उखड़कर नीचे आ गया। उस रास्ते से दिन में भी गुजर रहे लोग सशंकित थे कि सड़क पर न गिर जाए। 15-20 दिन पहले आई आंधी में भी यही स्थिति दिखी थी। विश्वविद्यालय रोड में और नाथनगर रोड में तीखे मोड़ पर होर्डिंग का चैनल इस तरह मुड़कर गिरा था कि अगर कोई रहता तो जान पर बन सकती थी। नगर निगम के कर्मचारी बताते हैं कि मकानों पर लगी होर्डिंग में 99 प्रतिशत ऐसे हैं जिसकी अनुमति निगम प्रशासन से नहीं ली गई है। जिनका मकान है उन्हें किराया देकर होर्डिंग एजेंसियों के द्वारा छत पर बिना मानक होर्डिंग लगा दी गई। सोमवार को तातारपुर में हुई दुर्घटना के बाद अब नगर निगम उन मकान मालिकों को नोटिस जारी करने की तैयारी कर रहा है, जिनके मकानों पर होर्डिंग लगे हैं। हालांकि होर्डिंग के मामले में नगर निगम अब तक सुस्त रहा है। कदम-कदम पर होर्डिंग के खूंटे, गिनती मात्र 278 कदम-कदम पर होर्डिंग के खूंटे गड़े हैं, लेकिन नगर निगम के रजिस्टर में अब भी सिर्फ 278 होर्डिंग ही हैं। दो साल पहले थोड़ी सख्ती हुई तो 150 से बढ़कर 278 तक पहुंची है। हालांकि वास्तविक संख्या इससे कई गुना अधिक है। नगर निगम के कर्मचारी ही मानते हैं कि शहर में होर्डिंग की संख्या 1000 से अधिक है।1500 से अधिक होर्डिंग हैं शहर में278 होर्डिंग ही रजिस्टर्ड हैं नगर निगम में18 होर्डिंग एजेंसियां निबंधित हैं निगम मेंहोर्डिंग लगाने के लिए मानदंडकोई भी होर्डिंग बिना निगम की अनुमति के नहीं लगाए जा सकते हैंसड़क के फ्लैंक (पगडंडी) के बाद लगाना हैतोरण द्वार और बिजली के पोल पर होर्डिंग लगाने के लिए अनुमति जरूरीऐसी जगहों पर होर्डिंग नहीं लगना है, जिससे आवागमन में परेशानी होकिसी ऐतिहासिक भवन या स्मारक के पास होर्डिंग नहीं लगना हैनिजी मकानों पर भी होर्डिंग के लिए निगम की अनुमति चाहिए निजी मकानों पर लगे होर्डिंग का रॉयलिटी लेगा निगममकान या सड़क पर निगम द्वारा निर्धारित आकार का ही होर्डिंग लगाना हैऐसी जगहों पर होर्डिंग नहीं लगना है जिससे शहर का सौंदर्यीकरण प्रभावित हो कोटबेतरतीब होर्डिंग अब व्यवस्थित किए जाएंगे। खुद से कोई एजेंसी होर्डिंग नहीं लगाएगी। नगर निगम खुद होर्डिंग बनाकर टेंडर करेगा। घर की छतों पर लगाने वाले होर्डिंग के लिए अनुमति लेनी पड़ेगी। नई व्यवस्था की ब्लू प्रिंट तैयार की जा रही है।श्याम बिहारी मीणा, नगर आयुक्त

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  • Web Title:Becoming a life-threatening advertising billboard in the city