बोले मुंगेर : महादलित परिवार बेजमीन आवास योजना से भी वंचित
धरहरा प्रखंड के बाहाचौकी पंचायत के वार्ड 2 और 3 की लगभग 1500 की आबादी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। शिक्षा, आंगनबाड़ी, पंचायत भवन, नल-जल योजना और शौचालय जैसी सरकारी योजनाएं विफल हो गई हैं। महादलित...

प्रस्तुति: गौरव कुमार मिश्रा
धरहरा प्रखंड के बाहाचौकी पंचायत के वार्ड - 2 और 3 की लगभग 1500 की आबादी आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। शिक्षा, आंगनबाड़ी, पंचायत भवन, नल-जल योजना और शौचालय जैसी सरकारी योजनाएं यहां नाकाम साबित हुई हैं। इस क्षेत्र के अधिकांश महादलित परिवारों के पास न तो जमीन है, न आवास और न ही राशन कार्ड। गरीबी और बेरोजगारी की वजह से लोगों का जीवन बेहद कठिन हो गया है। रोजगार के साधनों की कमी ने युवाओं को पलायन के लिए मजबूर कर दिया है। वहीं, सफाई व्यवस्था ठप होने से गांव का वातावरण भी प्रभावित है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आजादी के दशकों बाद भी वे विकास की मुख्यधारा से अलग-थलग पड़े हैं।
सात सौ मतदाताओं वाले इस क्षेत्र में विकास की बुनियादी सुविधाओं का अभाव साफ दिखाई देता है। आजादी के दशकों बाद भी वे बुनियादी जरूरतों से वंचित हैं। वार्ड - 2 और 3 में शिक्षा की स्थिति अत्यंत खराब है। यहां एक भी सरकारी विद्यालय मोहल्ले के भीतर उपलब्ध नहीं है। जो विद्यालय है, वह हाईवे के उस पार स्थित है। बच्चों को वहां तक भेजने के लिए अभिभावकों को रोजाना सड़क दुर्घटनाओं के डर से जूझना पड़ता है। कई बार अभिभावक मजबूर होकर बच्चों को विद्यालय भेजना ही बंद कर देते हैं। परिणामस्वरूप बच्चे शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। इसके अलावा, यहां आंगनबाड़ी केंद्र भी नहीं है। बच्चों और गर्भवती महिलाओं को पोषण आहार नहीं मिल पा रहा है। कुपोषण और अशिक्षा का असर सीधा इन परिवारों के भविष्य पर पड़ रहा है। ग्रामीणों की मांग है कि यहां शीघ्र ही एक प्राथमिक विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र की स्थापना की जाए।
ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में सामुदायिक भवन तक नहीं है। इसके कारण गांव में बैठकों, जनप्रतिनिधियों की पंचायत या सरकारी योजनाओं की समीक्षा जैसी गतिविधियां कहीं और करनी पड़ती हैं। पंचायत भवन न होने से प्रशासनिक कार्य में भी दिक्कतें आती हैं। नल-जल योजना के तहत कनेक्शन तो दिए गए हैं, लेकिन अधिकांश पाइपों में पानी आता ही नहीं। परिणामस्वरूप ग्रामीण एकमात्र सरकारी चापाकल पर निर्भर हैं। साफ पानी की अनुपलब्धता से बीमारियों का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों के मुताबिक यहां की सबसे गंभीर समस्या शौचालय का अभाव है। आज भी अधिकांश घरों में शौचालय नहीं बने हैं। महिलाएं और बच्चियां खुले में शौच करने को मजबूर हैं, जो न केवल शर्मनाक है बल्कि स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए भी खतरनाक है। इसके अलावा नालियों का निर्माण नहीं हुआ है और जहां नल लगे हैं वहां निकासी की व्यवस्था न होने के कारण गंदा पानी चारों ओर फैल जाता है। सफाई व्यवस्था लगभग ठप है। गांव की गंदगी से मच्छर और अन्य बीमारियां पनप रही हैं। महादलित बस्ती की स्थिति और भी खराब है। लगभग 50 परिवारों के पास खुद की जमीन नहीं है और न ही तीन डिसमिल सरकारी पर्चा मिला है। इन परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ भी नहीं मिल सका है। लगभग 100 घर ऐसे हैं जिनके लोग अब तक कच्चे मकानों में रहने को मजबूर हैं। बारिश और बाढ़ के समय ये मकान और भी असुरक्षित हो जाते हैं। महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। लगभग 50 परिवार ऐसे हैं जो अब तक राशन कार्ड से वंचित हैं। जिनका नाम जुड़ा है, उन्हें भी डीलर द्वारा पूरा राशन नहीं मिलता। ग्रामीणों ने शिकायत की कि उन्हें कम मात्रा में खाद्यान्न दिया जाता है। इस इलाके में रोजगार के साधन बहुत कम हैं। अधिकांश लोग बेरोजगार हैं और मजबूरी में घर पर खाली बैठे रहते हैं। कृषि योग्य भूमि न होने और स्वरोजगार के अवसर न मिल पाने के कारण युवा पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं। कई वृद्धजन अब तक पेंशन योजना से जुड़े नहीं हैं।
सुनें हमारी बात
सरकारी विद्यालय दूर होने की वजह से बच्चे स्कूल नहीं जा पाते, जिसके कारण वे अशिक्षित रह जाते हैं। यहां विद्यालय की व्यवस्था होनी चाहिए।
-वकील महतो
मोहल्ले में नाले का निर्माण नहीं हुआ है, जिसके कारण महादलित बस्ती में नल का गंदा पानी सड़क पर बहता रहता है। सफाई की कोई उचित व्यवस्था नहीं है।
-अनुज कुमार
मोहल्ले में आंगनबाड़ी की व्यवस्था नहीं है। आंगनबाड़ी दूर होने के कारण यहां के बच्चे कुपोषण के शिकार हो रहे हैं। मोहल्ले में ही आंगनबाड़ी की व्यवस्था होनी चाहिए।
-छिमल सदा
पंचायत भवन यहां नहीं है। पंचायत भवन दुर्गापुर में बना है, जिससे महादलित बस्ती के लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। जिम्मेदार ध्यान दें।
-भिखारी सदा
नल-जल योजना की स्थिति यहां खराब है। कनेक्शन तो दे दिया गया है, लेकिन घरों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। इसके कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
-लुरो सदा
बाढ़ पीड़ितों को सरकार की ओर से कोई मदद नहीं मिल रही है, जिससे लोग अधिक परेशान हैं। जबकि अभी आने वाले समय में पर्व-त्योहार भी है।
-पिंकी देवी
प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ यहां के लोगों को नहीं मिल पाया है। लोग छोटी-छोटी झोपड़ियों में रहने को मजबूर हैं। इस समस्या का समाधान हो।
-कविता देवी
स्लम एरिया के लोगों को अबतक जमीन का पर्चा नहीं मिला है, जिसके कारण वे सरकारी योजनाओं से वंचित हैं। इन्हें चिह्नित कर योजना का लाभ दें।
-कंचन
मोहल्ले में कई लोगों को अबतक राशन कार्ड का लाभ नहीं मिला है। ब्लॉक दूर होने से वे वहां नहीं जा पाते हैं। इसके कारण सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है।
-सजनी
घनी आबादी होने के बावजूद यहां नल-जल योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। पूरी आबादी एकमात्र सरकारी चापाकल पर निर्भर है। जिससे परेशान हैं।
-गुजी देवी
महादलित बस्ती के कई परिवारों के पास अपनी जमीन भी नहीं है, जबकि सरकार द्वारा भूमिहीन परिवारों को पर्चा देने का प्रावधान है। जिम्मेदार ध्यान दें।
-कविता देवी
सबसे शर्मनाक बात यह है कि महिलाओं को आज भी लोटा और बोतल लेकर खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है। उन्हें शौचालय निर्माण की राशि उपलब्ध नहीं हो पाई है।
-रेनु देवी
पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। मोहल्ले में कहीं भी नाले का निर्माण नहीं हुआ है और जहां बना है, वहां सफाई नहीं हो पाती।
-मैना देवी
बरसात के बाद मोहल्ले में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव नहीं हुआ, जिससे मच्छरों और संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है।
-रंजू देवी
नल-जल योजना के तहत कनेक्शन तो सभी घरों में कर दिया गया है, लेकिन अबतक पानी की एक बूंद भी नहीं मिली है। इसकी जांच कर कार्रवाई हो।
-सादो देवी
महादलित बस्ती में सरकार की योजनाएं नहीं पहुंच रही हैं। अशिक्षा के कारण यहां के लोग योजनाओं से वंचित रह जाते हैं। हमलोगों को भी योजनाओं का लाभ मिले।
-सोनी देवी
बोले िजम्मेदार
बाहाचौकी महादलित बस्ती में सरकार की सारी योजनाएं पहुंचाई जा रही हैं। सरकार द्वारा तीन डिसमिल जमीन देने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। जहां तक नालों की समस्या है तो उसे आम सभा में रखा जाएगा और वहां से पारित कर योजना में शामिल किया जाएगा। बाकी बची समस्याओं को भी बारी-बारी से दूर किया जाएगा। सरकार और प्रशासन इसके लिए दृढसंकल्पित है। सभी जरूरतमंदों तक योजना का लाभ पहुंचाया जाएगा।
-राकेश कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी, धरहरा, मुंगेर
शिकायत
1. यहां नजदीक में विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र नहीं होने से बच्चे शिक्षा और पोषण से वंचित हैं।
2. नल-जल योजना विफल है। एक मात्र सरकारी चापाकल पर लोगों की निर्भरता है तथा शौचालय और नाले की भी कमी है।
3. यहां के महादलित परिवारों के पास न तो जमीन है और न ही उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिल रहा है।
सुझाव
1. वार्ड में ही प्राथमिक विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र की तत्काल व्यवस्था की जाए।
2. नल-जल योजना के पानी की आपूर्ति नियमित हो, हर घर में शौचालय की सुविधा हो और नाले का निर्माण किया जाए।
3. महादलित परिवारों को तीन डिसमिल जमीन का पर्चा और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ जल्द दिलाया जाए।
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