
बोले भागलपुर
वीरेन्द्र कुमार, रविशंकर, पीतांबर शुक्ला फोटो शहरी क्षेत्र के नजदीक में स्थित है
वीरेन्द्र कुमार, रविशंकर, पीतांबर शुक्ला फोटो शहरी क्षेत्र के नजदीक में स्थित है लोदीपुर पंचायत का बसंतपुर गांव। गांव में नई -नई कॉलोनियां बस रही है। लेकिन सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं है। खेतों में शहरी क्षेत्र के नाला के पानी से किसान परेशान हैं। दूसरी तरफ गांव में जलापूर्ति और नाला की स्थिति अच्छी नहीं है। नई कॉलोनियों में सड़क नहीं होने से लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी होती है। गांव के लोगों का कहना है कि शहर के सटे रहने के बावजूद किसी तरह की सुविधाएं नहीं मिल रही है। प्रशासन को सड़क और नाला का निर्माण कराते हुए जलापूर्ति की व्यवस्था करनी चाहिए।
सबौर के बसंतपुर में सड़क, जलापूर्ति और नाला की व्यवस्था हो भागलपुर-गोराडीह सड़क के उत्तर में स्थित बसंतपुर गांव में अधिकांश लोग खेती और मजदूरी से जुड़े हुए हैं। रोजगार नहीं मिलने से युवा दूसरे शहरों में पलायन कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही है। सड़क नहीं रहने से लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कत होती है। लोगों के घरों में पानी नहीं पहुंच रहा है। निजी बोरिंग से लोग पानी का काम चला रहे हैं। शहरी क्षेत्र के नाला के पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं होने से गांव के आसपास गंदा पानी जमा रहता है। लोगों की खेती प्रभावित हो रही है। नाला की व्यवस्था नहीं रहने से लोग इधर-उधर गंदा पानी गिराते हैं। बसंतपुर सड़क किनारे स्थित कॉलोनियों में सरकारी स्कूल नहीं है। बच्चों को पढ़ने के लिए दूर भेजना पड़ता है। अस्पताल भी आसपास के इलाके में नहीं रहने से मरीजों को परेशानी होती है। मरीजों को सदर अअस्पताल भागलपुर या मायागंज अस्पताल जाना पड़ता है। सड़क किनारे स्कूल, अस्पताल और खेल मैदान की व्यवस्था होनी चाहिए। बसंतपुर के श्रमदेव मंडल ने बताया कि पानी निकासी की व्यवस्था नहीं है। बारिश होने पर पानी घरों में घुस जाता है। शहरी क्षेत्र के नाला का पानी खेत में जमा होने से आसपास के गांव के किसानों को परेशानी हो रही है। सड़क किनारे नई-नई कॉलोनी बन गयी है। लेकिन वहां जलापूर्ति और सड़क की व्यवस्था नहीं है। लोगों को पानी खरीदकर पीना पड़ता है। सड़क नहीं रहने से आने-जाने में परेशानी होती है। नई कॉलोनियों में कोई सरकारी स्कूल नहीं है। बच्चों को पढ़ने के लिए लोदीपुर जाना पड़ता है। छोटे बच्चों को दूर जाने से परेशानी होती है। सरकारी अस्पताल भी सड़क किनारे नहीं है। इलाज कराने के लिए भागलपुर जाना पड़ता है। रतन सिंह ने बताया कि भागलपुर-गोराडीह सड़क के आसपास दूसरे जगहों से लोग आकर बसे हैं। लेकिन यहां बसे लोगों को किसी तरह की सुविधाएं नहीं मिल रही है। बसंतपुर बजरंगबली स्थान के पास एक पोल तीन महीना से टूटा हुआ है। शिकायत करने के बाद भी पोल को अभी तक नहीं बदला गया है। कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। पोल पर स्ट्रीट लाइट नहीं रहने से रात में लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। नल-जल योजना के तहत पाइप बिछाया गया है। लेकिन जलापूर्ति नहीं हो रही है। कॉलोनी में पानी निकासी के लिए नाला का निर्माण नहीं कराया गया है। लोग खुद के खर्च से पानी निकासी की व्यवस्था कर रहे हैं। प्रशासन को सड़क और नाला का निर्माण कराना चाहिए। मनोज भगत ने बताया कि बसंतपुर में बाढ़ का पानी जमा हो जाता है। पानी निकासी की व्यवस्था नहीं रहने से कई दिनों तक पानी जमा रहता है। शहरी क्षेत्र के नाला का गंदा पानी भी खेतों में महीनों जमा रहता है। जनप्रतिनिधि और अधिकारियों से शिकायत करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। कॉलोनी में जाने के लिए सड़क नहीं है। सड़क और नाला की व्यवस्था होनी चाहिए। डा. भवेश सिंह कुशवाहा ने बताया कि घनी आबादी वाला इलाका है। भागलपुर-गोराडीह सड़क की चौड़ाई बढ़ाई जाए। व्यस्त सड़क है। दिन-रात वाहनों का आवागमन होते रहता है। आए दिन सड़क दुर्घटना होते रहती है। सड़क के दोनों तरफ नाला नहीं है। पानी की निकासी नहीं होने के चलते बारिश होने पर पानी लोगों के घरों में घुस जाता है। खेतों में शहरी क्षेत्र के नाला का पानी आता है। इसके चलते किसान खेती नहीं कर पाते हैं। शहरी क्षेत्र के गंदा पानी की निकासी की व्यवस्था होनी चाहिए। बसंतपुर के आसपास अस्पताल नहीं है। मरीज को इलाज कराने के लिए सदर अस्पताल भागलपुर या मायागंज अस्पताल जाना पड़ता है। तार जर्जर है। कवर वायर लगाने की व्यवस्था होनी चाहिए। कई लोगों के घरों के सामने से तार गुजर रहा है। हमेशा करंट लगने का खतरा बना रहता है। पोल पर रोशनी की व्यवस्था नहीं है। चोरी और छिनतई की घटनाएं होते रहती है। कुछ युवा नशा का सेवन भी करते हैं। पुलिस की नियमित गश्ती होनी चाहिए। ताकि असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर रोक लग सके। वाहनों से अवैध वसूली करने वालों के विरुद्ध भी कार्रवाई होनी चाहिए। सुबोध कुमार ने बताया कि टूटे पोल को शिकायत करने के बाद भी नहीं बदला जा रहा है। पाइप बिछाने के दौरान सड़क को काटा गया था। बाद में उसकी मरम्मति ठीक से नहीं करायी गयी। जर्जर सड़क होने के चलते लोगों को परेशानी होती है। गांव में पोल पर रोशनी की व्यवस्था होनी चाहिए। बसंतपुर में एक हाईस्कूल होने से बच्चों को दूर जाने से राहत मिलेगी। नंदु कुमार ने बताया कि बरसात में पानी जमा हो जाता है। पानी निकासी की व्यवस्था होनी चाहिए। बसंतपुर से कोहड़ा जाने वाली सड़क कच्ची है। इसके चलते लोग गिरकर घायल हो जाते हैं। बारिश होने पर सड़क पर कीचड़ हो जाता है। सड़क का पक्कीकरण होना चाहिए। लोदीपुर पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि मो. तसलीम ने बताया कि पीएचईडी को जलापूर्ति की जिम्मेदारी दी गयी है। लेकिन सभी घरों में पानी नहीं पहुंच रहा है। सभी जगह नाला का भी निर्माण नहीं हुआ है। पंचायत की आबादी अधिक है। रखरखाव के लिए पंचायत को कम राशि मिल रही है। नया कॉलोनी बसा है। वहां सड़क, नाला और जलापूर्ति की व्यवस्था होनी चाहिए। बोले जिम्मेदार बसंतपुर में कई कॉलोनियां बस रही है। वहां अभी सड़क और नाला नहीं बन पाया है। विभाग और पंचायत स्तर से सड़क और नाला का निर्माण कराया जाएगा। जलापूर्ति की समस्या का समाधान करने के लिए पीएचईडी को पत्र भेजा जाएगा। पीएचईडी द्वारा इसको लेकर सर्वे भी कराया जा रहा है। बसंतपुर गांव की अन्य समस्याओं का समाधान कराया जाएगा। स्थानीय लोग भी सड़क, नाला और जलापूर्ति की समस्या की जानकारी दें तो संबंधित विभाग को भेजकर समस्या का समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा। प्रभात रंजन, प्रखंड विकास पदाधिकारी,सबौर बातचीत 1. नाला का निर्माण नहीं होने से पानी निकासी में समस्या होती है। बसंतपुर गांव के पास मुख्य सड़क काफी व्यस्त हैं। सड़क की चौड़ाई कम होने से अक्सर सड़क दुर्घटना होती रहती है। सड़क का चौड़ीकरण कराया जाय। ताकि वाहनों के आवागमन में सुविधा हो और सड़क दुर्घटना से राहत मिले। अरूण साह 2. भागलपुर -गोराडीह रोड काफी व्यस्त है। गंगटा पोखर बसंतपुर के पास मुख्य सड़क के दोनों ओर नाला का निर्माण नहीं हुआ है। पानी निकासी की व्यवस्था नहीं होने से जलजमाव की समस्या होती रहती है। खेत में गंदा पानी जमा रह जाता है। सूखा नशा करने वालों पर पुलिस लगाम लगाये। डॉ भवेश सिंह कुशवाहा 3. शहर से नाला का पानी बसंतपुर और आसपास के खेत में जमा हो जाता है, जिससे खेती प्रभावित होती है। किसानों को आर्थिक क्षति होती है। खेत से नाला का पानी निकासी हो। किसानों को खेत की सिंचाई के लिए अनुदानित दर पर बिजली का कनेक्शन उपलब्ध कराया जाय। श्रवण ठाकुर 4. बसंतपुर गांव और आसपास में चोरी की गतिविधियां बढ़ गई है। इलाके में पुलिस गश्ती बढ़ाकर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाय। ताकि असामाजिक तत्वों एवं नशेड़ियों की गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके। गांव के खेतों में शहर के पानी से जलजमाव की समस्या का समाधान हो। सूरज कुमार 5. बसंतपुर में पानी की आपूर्ति के लिए पीएचईडी द्वारा सभी जगहों पर पाइपलाइन बिछाई जाय। ताकि हर-घर नल का जल योजना के तहत सभी घरों तक पानी की आपूर्ति सुनिश्चित हो। बाढ़ और बारिश के समय इलाके में जलजमाव हो जाता है। इससे कई तरह की परेशानी होती है। श्रमदेव मंडल 6. पानी की निकासी की व्यवस्था होनी चाहिए। बसंतपुर इलाके के कई खेतों में शहर के नाला का पानी जमा हो जाता है। कई महीनों तक गंदा पानी खेत में जमा रह जाने से खेत के मिट्टी की उर्वरा शक्ति पर बुरा प्रभाव पड़ता है। जलजमाव से किसान अपने खेतों में खेती नहीं कर पाते हैं। प्रीतम कुमार 7. सड़क किनारे नाला नहीं है। इसके कारण पानी निकासी नहीं हो पाती है। बिजली का पोल काफी दिनों से टूटकर झूल रहा है। लेकिन अब तक टूटे पोल को नहीं बदला गया। जिससे हादसा होने की आशंका बनी रहती है। नाला एवं कूड़ा सफाई की नियमित व्यवस्था हो। दीपक कुमार 8. पानी की पाइपलाइन बिछाने के बाद काफी घरों में कनेक्शन नहीं किया गया है। जिससे पानी की समस्या होती है। कई परिवार के लोगों को पानी ढ़ोकर लाना पड़ता है। पीने का पानी खरीदना पड़ता है। सरकार द्वारा बसंतपुर के आसपास स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कराया जाय। मन्टू मंडल 9. बसंतपुर मुख्य सड़क के पास बिजली का खंभा तीन टूकड़ों में होने के बाद भी करीब तीन महीने से लटका पड़ा है। बिजली विभाग को शिकायत करने के बावजूद पोल नहीं बदला गया है। जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। सड़क किनारे नाला का निर्माण कराया जाए। रतन सिंह 10. शिक्षित बेरोजगार युवकों के लिए सरकार रोजगार की व्यवस्था करे। ग्रामीण इलाकों में कृषि आधारित उद्योग की स्थापना की जाय। जिससे मजदूरी करने वालों के साथ शिक्षित वर्ग के लिए रोजगार का अवसर पैदा हो। कारखाना खुलने से पलायन की समस्या पर भी रोक लगेगी। बबलू कुमार 11. सरकार की ओर से खेत की सिंचाई के लिए बोरिंग की व्यवस्था नहीं है। किसानों को अनुदानित दर पर खाद बीज उपलब्ध कराया जाय। खेत की सिंचाई के लिए बिजली कनेक्शन और उर्जा शुल्क पर रियायत का प्रावधान किया जाय। आंगनबाड़ी केंद्र के भवन का निर्माण हो। मनोज भगत 12. बसंतपुर में जरूरतमंद परिवारों को आवास और शौचालय निर्माण राशि का लाभ सुनिश्चित किया जाय। साल में करीब पांच महीना तक खेत में बाढ़ का पानी जमा रहता है। शहरी क्षेत्र के नाला का पानी आने से किसानों की समस्या बढ़ जाती है। पानी निकासी की व्यवस्था होनी चाहिए। प्रियंका कुमारी 13. बसंतपुर समेत आसपास के इलाके की सभी कच्च्ची सड़क का पक्कीकरण कराया जाय। नाला का निर्माण कराया जाय। ताकि पानी निकासी की समस्या का समाधान हो सके। व्यस्त और सड़क की कम चौड़ाई होने से अक्सर दुर्घटना होते रहती है। सड़क निर्माण के साथ सफाई की व्यवस्था की जाय। चंदन कुमार 14. स्कूल दूर होने के कारण बच्चों को आवागमन में दिक्कत होती है। आबादी के साथ नई कॉलोनी बसती जा रही है। प्रशासन द्वारा आबादी को देखते हुए बसंतपुर गंगटा पोखर के पास विद्यालय का निर्माण कराया जाय। स्वास्थ्य सुविधा के लिए सदर या मायागंज अस्पताल जाने में देरी होती है। मिथुन कुमार यादव 15. सप्लाई पाइप बिछाया गया है। पाइप बिछाने के क्रम में तोड़ी गई सड़क की मरम्मति नहीं कराई गई है। सड़क जर्जर होने से आवागमन में दिक्कत होती है। पानी की आपूर्ति और जर्जर सड़क का निर्माण कराया जाय। रोशनी के लिए बसंतपुर समेत सड़क किनारे सोलर लाइट की व्यवस्था हो। सुबोध कुमार 16. ग्रामीण क्षेत्र के खेत में शहर के नाला का पानी फैलने से किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। जिला प्रशासन इसकी जांच कराकर शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के नाला का पानी निकासी के लिए बड़े नाला का निर्माण कराया जाय। ताकि जलजमाव की समस्या दूर हो। मुख्य सड़क के दोनों तरफ नाला का निर्माण कराया जाए। रंजीत कुमार समस्या 1. लोदीपुर के गंगटा पोखर बसंतपुर के पास मुख्य सड़क की चौड़ाई कम है। इस मार्ग में वाहनों का अत्यधिक दबाव होने के कारण अक्सर सड़क दुर्घटना होती रहती है। जिससे आवगमन में डर बना रहता है। 2. बसंतपुर और आसपास के कॉलोनी में पानी की समस्या के कारण निजी बोरिंग से पानी ढ़ोकर लाना पड़ता है। पीएचईडी की पाइपलाइन से पूरे इलाके में जलापूर्ति नहीं होती है। पीने का पानी खरीदना पड़ता है। 3. भागलपुर -गोराडीह मुख्य सड़क मार्ग में बसंतपुर के पास दोनों तरफ नाला का निर्माण नहीं हुआ है। इससे बसंतपुर और सड़क किनारे पानी निकासी को कोई सुविधा नहीं है। स्वास्थ्य केंद्र की भी व्यवस्था नहीं है। 4. बसंतपुर में डोर-टू-डोर कूड़ा उठाव की व्यवस्था नहीं है। नाला और कूड़ा सफाई के लिए जरूरी संसाधनों और सफाईकर्मियों का अभाव है। जगह-जगह कूड़ेदान नहीं लगा है। आंगनबाड़ी केंद्र का भवन नहीं है। 5. पानी निकासी की व्यवस्था नहीं होने से बाढ़ और शहरी क्षेत्र के नाला के पानी का कई महीनों तक बसंतपुर और आसपास के इलाके में जलजमाव रहता है। किसान खेती छोड़ मजदूरी कर रहे हैं। सुझाव 1. लोदीपुर के गंगटा पोखर बसंतपुर के पास मुख्य सड़क पर वाहनों का काफी दबाव रहता है। सरकार इस व्यस्त सड़क का चौड़ीकरण कराये। ताकि सड़क दुर्घटना पर रोक लग सके। 2. प्रशासन बसंतपुर और आसपास के कॉलोनी में पानी की समस्या के समाधान की व्यवस्था करे। पीएचईडी की पाइपलाइन से सभी घरों तक कनेक्शन और जलापूर्ति सुनिश्चित कराई जाय। 3. भागलपुर गोराडीह मुख्य सड़क मार्ग में स्थित बसंतपुर के पास सड़क के दोनों तरफ नाला का निर्माण कराया जाय। ताकि बसंतपुर समेत सड़क किनारे बसी कॉलोनियों की पानी निकासी हो सके। 4. बसंतपुर में सफाई व्यवस्था को दुरूस्त करने के लिए जगह-जगह कूड़ेदान की व्यवस्था की जाए। डोर-टू-डोर कूड़ा उठाव की व्यवस्था हो। जरूरी संसाधन और सफाईकर्मी की संख्या बढ़ाई जाय। 5. सरकार और जिला प्रशासन बसंतपुर सहित अन्य क्षेत्रों में शहरी क्षेत्र के नाला के पानी की निकासी की व्यवस्था करे। पानी निकासी होने से खेतों में जलजमाव नहीं होगा। इससे किसानों को राहत मिलेगी।

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