
बोले मुंगेर : प्रशासन जल्द आगे बढ़ाए कदम बांक में प्रखंड कार्यालय जरूरी
मुंगेर जिले के जमालपुर प्रखंड की बांक पंचायत के लोग कई समस्याओं का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों की मांग है कि यहां प्रखंड कार्यालय बनाया जाए, क्योंकि यह पंचायत क्षेत्र के बीच में स्थित है। इसके अलावा,...
प्रस्तुति : नवीन कुमार झा

मुंगेर जिले के जमालपुर प्रखंड अंतर्गत बांक पंचायत के लोगों के समक्ष कई समस्याएं बनी हुई हैं, जिनसे वे परेशान हैं। बांक पंचायत कभी मुंगेर विधानसभा में था, अब जमालपुर विधानसभा में शामिल है। ग्रामीणों की मांग है कि बांक पंचायत प्रखंड के बीचोंबीच स्थित है, इसलिए यहां प्रखंड कार्यालय बनना चाहिए। इसके लिए जमीन भी उपलब्ध है। साथ ही पंचायत के अंदर बस अड्डा बनाए जाने की सख्त जरूरत है, क्योंकि बांक हाईवे तीन बटिया पर बड़ी गाड़ियों के ठहरने से जाम की स्थिति बन जाती है। बांक पंचायत में विकास के कार्य जरूर हुए हैं, लेकिन सोलर स्ट्रीट लाइट, स्वास्थ्य केंद्र, स्कूल भवन की कमी, कच्ची गलियों जैसी कई छोटी समस्याएं अभी भी बनी हैं।
जमालपुर प्रखंड की बांक पंचायत के लोग वर्षों से विकास और सुविधाओं की उम्मीद में हैं, लेकिन कई महत्वपूर्ण मुद्दे हल होने से अभी भी दूर हैं। बांक पंचायत, जो इस क्षेत्र का बीचोंबीच स्थित है, यहां प्रखंड कार्यालय निर्माण की मांग लंबे समय से जोर पकड़ रही है। इस मांग के लिए पंचायत में जमीन भी उपलब्ध है और प्रखंड कार्यालय के निर्माण का नक्शा भी तैयार किया गया था, लेकिन प्रशासनिक उदासीनता और अनदेखी के कारण अबतक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इस कारण ग्रामीणों में निराशा व्याप्त है। बांक पंचायत की 18 हजार से अधिक आबादी को इस प्रखंड कार्यालय की बहुत जरूरत है, क्योंकि इससे न केवल स्थानीय लोगों को सुविधा होगी, बल्कि प्रखंड की अन्य पंचायतों के लोगों को भी कार्यालय पहुंचने में सहूलियत होगी। पंचायत क्षेत्र में विकास कार्य जरूर हुए हैं और इसे आदर्श पंचायत का दर्जा भी मिला है, लेकिन छोटी-छोटी कई ऐसी समस्याएं हैं जिनके कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा की जिंदगी में कई दिक्कतें झेलनी पड़ती हैं।
सबसे पहली जरूरत सोलर स्ट्रीट लाइट की है। पंचायत के अधिकांश हिस्सों में सोलर स्ट्रीट लाइट की कमी के कारण रात में अंधेरा पसरा रहता है जिससे लोगों को सुरक्षा और आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। खासतौर पर बांक हाईवे के तीन बटिया के इलाके में हाई मास्क लाइट की सख्त जरूरत है, जहां अंधेरा और जाम की स्थिति बनी रहती है। बांक पंचायत में बस स्टैंड की भी गंभीर कमी है। तीन बटिया पर बड़े वाहनों के ठहराव से जाम लग जाता है, जिससे स्थानीय लोगों का आवागमन प्रभावित होता है। लोग लगातार बस स्टैंड की स्थायी स्थापना की मांग कर रहे हैं ताकि जाम की समस्या को खत्म किया जा सके और यातायात व्यवस्थित हो। शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ी कमी देखी जा रही है। पंचायत के स्कूलों में भवन की असमानता और कमियों के कारण बच्चे पढ़ाई में बाधित हो रहे हैं। साथ ही, अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्रों को अपना भवन नहीं मिला है, जिससे केंद्रों पर राज्य और केंद्र सरकार की योजनाएं सही तरीके से नहीं संचालित हो पातीं। इससे बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा और पोषण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। स्वास्थ्य सेवा भी बांक पंचायत में कमजोर स्थिति में है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की सुविधाएं अपर्याप्त हैं, जिससे ग्रामीणों को इलाज में दिक्कतें होती हैं। स्वास्थ्य व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए जरूरी है कि केंद्रों को बेहतर संसाधन और स्टाफ दिया जाए। पंचायत में बेरोजगारी भी एक बड़ी समस्या है। स्थानीय रोजगार के अभाव के कारण यहां के युवा रोजगार की तलाश में दूसरे प्रदेशों की ओर पलायन करते हैं।
किसानों को योजनाओं का लाभ दिलाने की मांग
पंचायत का आधा हिस्सा बार-बार बाढ़ की चपेट में आता है, जिससे किसानों को हर साल भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इसे नियंत्रित करने के लिए बाढ़ से बचाव के उपयुक्त प्रबंध किए जाना आवश्यक हैं ताकि किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके। वर्षा प्रभावित किसानों को सहायताएं और राहत योजनाओं का लाभ दिया जाना चाहिए ताकि उनका जीवन यापन सुरक्षित हो। इस प्रकार स्पष्ट है कि बांक पंचायत के लोगों की मांगें जायज हैं और उनका जल्द समाधान उनकी आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिक प्रगति के लिए अनिवार्य है।
नगर निगम में शामिल करने का किया विरोध
इन सब समस्याओं के बीच बांक पंचायत को लेकर एक और बड़ा विवाद भी उभर रहा है। पहले यह पंचायत मुंगेर विधानसभा का हिस्सा था, लेकिन परिसीमन के बाद जमालपुर विधानसभा में शामिल कर दिया गया। अब एक बार फिर से इस पंचायत को मुंगेर नगर निगम में शामिल करने की योजना बन रही है, जिसका स्थानीय लोग पुरजोर विरोध कर रहे हैं। पंचायत के प्रमुख प्रतिनिधि जयराज गौतम ने बताया कि बांक पंचायत के लोगों ने इसे फुटबॉल की तरह इस्तेमाल किया जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता इस प्रस्ताव को कभी भी स्वीकार नहीं करेगी और इसके खिलाफ वे आंदोलन करने को तैयार हैं।
मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन करेंगे लोग
ग्रामीणों का यह भी मानना है कि प्रखंड कार्यालय के निर्माण की मांग को नजरअंदाज करना उनकी आवाज को दबाने जैसा है, जबकि दूसरी ओर पंचायत को नगर निगम में शामिल करने के प्रयास उनके हितों के खिलाफ हैं। इसलिए वे इस प्रस्ताव के खिलाफ ऐतिहासिक विरोध आंदोलन की योजना बना रहे हैं ताकि अपनी पंचायत के अधिकार और पहचान की रक्षा कर सकें। समस्या की जड़ में प्रशासन की उदासीनता है, जो ग्रामीणों को न्याय दिलाने और विकास को आगे बढ़ाने में ठोस कदम नहीं उठा पा रही। ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द से जल्द बांक पंचायत में प्रखंड कार्यालय का निर्माण किया जाए।
जनता की आवाज
पहले यह पंचायत मुंगेर विधानसभा का हिस्सा था। और अब जमालपुर विधान सभा का हो गया है। उसी तरह इस पंचायत को मुंगेर नगर निगम में शामिल करने का साजिश चल रहा है।
-जयराज गौतम
बांक पंचायत जमालपुर प्रखंड की बीचोंबीच है। इसे देखते हुए बांक पंचायत में ही प्रखंड कार्यालय का निर्माण होना चाहिए। जमालपुर के नयागांव में भाड़े के मकान में अभी चल रहा है।
-मनोज कुमार
बांक पंचायत में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र नहीं रहने के कारण लोगों को प्राथमिक उपचार के लिए भी मुंगेर जाना पड़ता है। बांक पंचायत में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खुले।
-नंदलाल कुमार
बांक पंचायत में विकास के कई कार्य हुए हैं। जिससे कि पंचायत को आदर्श पंचायत का दर्जा मिला है। लेकिन अभी समस्याएं मुंह बाए खड़ी है।
-विवेका यादव
बांक पंचायत का अधिकांश बहियार प्रति वर्ष बाढ़ के पानी में डूबा रहता है। जिसके कारण यहां के किसानों को हर साल आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
-मो. हैदर अली
आंगनबाड़ी केन्द्रों को अपना भवन नहीं रहने से केंद्र तथा राज्य सरकार से चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का सही रूप में लाभ नहीं मिल पाता है।
-मो. नौसिन अहमद
पंचायत के अंदर बेरोजगारी की भी बड़ी समस्या है। स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध नहीं रहने के कारण दूसरे प्रदेश पलायन करना पड़ता है।
-रंजीत कुमार
पंचायत के अंदर युवाओं के लिए सरकार स्किल डेवलपमेंट को लेकर प्रशिक्षण दे तो युवाओं को रोजगार के लिए कहीं भटकना नहीं पड़ेगा। जिससे राहत मिलेगी।
-अंजनी कुमार
पंचायत के अंदर बहुत कम सोलर स्ट्रीट लाइट लगाई गई है। बांक के हाईवे तीन बटिया पर हाई मास्क लाइट की आवश्यकता है, लेकिन इस ओर भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
-दीपेश कुमार
बस स्टैंड के अभाव में बांक तीन बटिया पर काफी संख्या में अवैध रूप से वाहन खड़ा रहता है। जिसके कारण आए दिन ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना पर करना पड़ता है।
-शंभू यादव
महिलाओं के लिए रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण दिए जाने की व्यवस्था होनी चाहिए। महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में यह रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण अधिक कारगर हो सकती है।
-अमरेन्द्र
पंचायत के अंदर जो भी विद्यालय है, उसमें वर्ग कक्ष की काफी कमी है। इसके कारण बच्चों के पठन-पाठन में काफी समस्याएं आ रही हैं। जिम्मेदारों को विशेष ध्यान देना चाहिए।
-मोहन सिंह
पंचायत के अंदर खेल एवं खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए मजबूत योजना बनाकर काम करना होगा। सरकार की ओर से विशेष व्यवस्था की गई है। -राकेश कुमार
सोलर स्ट्रीट लाइट लगाए जाने को लेकर विशेष पहल होनी चाहिए। पंचायत में अब तक नाम मात्र का ही सोलर स्ट्रीट लाइट लगी है। इसके कारण पंचायत अंधेरे में डूबा रहता है।
-सागर कुमार
पंचायत के अंदर अब तक जो गलियां कच्ची रह गई हैं, उसको पक्कीकरण किया जाने का प्रयास होना चाहिए। गलियां कच्ची रहने से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
-निखिल राज
आगामी पर्व को देखते हुए पंचायत के अंदर साफ-सफाई पर जिम्मेदारों को विशेष ध्यान देना चाहिए। साफ-सफाई रहने से पंचायत में मच्छरों का प्रकोप कम होगा। -सुमीत पासवान
बोले िजम्मेदार
बांक पंचायत की अधिकांश समस्याओं का समाधान किया जा चुका है। बांक पंचायत में प्रखंड कार्यालय के निर्माण को लेकर भी काम प्रगति पर है। शिक्षा, चिकित्सा, आंगनबाड़ी केंद्रों सहित सभी क्षेत्रों की समस्याओं का जल्द समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही, रात में अंधेरे की समस्या को दूर करने के लिए सोलर स्ट्रीट लाइट भी लगाई जाएंगी। मैं सभी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार लगन से प्रयासरत हूं।
डेजी कुमारी, मुखिया, ग्राम पंचायत बांक, जमालपुर
शिकायत
1. प्रखंड कार्यालय जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
2. मुख्यमंत्री सोलर स्ट्रीट लाइट की कमी से लोग परेशान हैं। इसके कारण खासकर महिलाओं को परेशानी होती है।
3. हाईवे तीन बटिया पर हाई मास्क लाइट नहीं रहने से समस्या।
4. पंचायत के अंदर अब भी कई गलियां कच्ची।
5. स्कूलों में वर्ग कक्ष की कमी से पठन-पाठन में होती है दिक्कत।
सुझाव
1. बांक पंचायत में हो प्रखंड कार्यालय का निर्माण, जिससे आसपास के पंचायतों को मिलेगा लाभ।
2. बांक पंचायत में मुख्यमंत्री सोलर लाइट की हो व्यवस्था, जिससे लोगों को रात में मिले राहत।
3. हाईवे तीन बटिया पर लगे हाईमास्क लाइट।
4. पंचायत के अंदर कच्ची गलियों का हो पक्कीकरण।
5. स्कूलों में वर्ग कक्ष की कमी हो दूर, जिससे पठन-पाठन सुचारू चले।

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