सभी खुदरा खाद विक्रेताओं के पॉश मशीनों की होगी जांच
भागलपुर में जिलाधिकारी ने कृषि अधिकारियों को उर्वरक की कालाबाजारी रोकने के लिए छापेमारी करने और विक्रेताओं के लाइसेंस रद्द करने का निर्देश दिया। 156 दुकानों पर छापेमारी में 6 विक्रेताओं की अनियमितता पाई गई। जिलाधिकारी ने उर्वरक की गुणवत्ता की जांच के लिए सैंपलिंग कराने की भी बात कही।

भागलपुर, मुख्य संवाददाता। जिलाधिकारी ने कृषि अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक खुदरा उर्वरक विक्रेताओं के पॉश मशीन में उपलब्ध उर्वरक की मात्रा का सत्यापन उसके भौतिक भण्डार और स्टॉक रजिस्टर से कराई जाय। उर्वरक की कालाबाजारी को रोकने के लिए नियमित रूप से छापेमारी कराई जाय। अनियमितता पाये जाने पर विक्रेताओं के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाय। जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने सोमवार को जिला उर्वरक निगरानी समिति की बैठक में रबी वर्ष 2025-26 में आवश्यकता के विरूद्ध उर्वरक की आपूर्ति और उपलब्धता की समीक्षा की। इस दौरान जिला कृषि पदाधिकारी प्रेमशंकर प्रसाद ने उर्वरक के भंडारण की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में भागलपुर में यूरिया 6079.188 मीट्रिक टन, डीएपी 4757.6 मीट्रिक टन, एनपीके 6225.8 मीट्रिक टन, एमओपी 1464.665 मीट्रिक टन, एसएसपी 2300.825 मीट्रिक टन उपलब्ध है। किसी भी जनप्रतिनिधि अथवा किसानों से यूरिया एवं अन्य उर्वरक की कमी की शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। 156 दुकानों में हुई छापेमारी, 6 का लाइसेंस रद्द जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि रबी 2025-26 में उर्वरक की कालाबाजारी को रोकने के लिए छापेमारी दल गठित करते हुए कुल 156 खुदरा उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की गई है। इसमें 6 उर्वरक प्रतिष्ठानों में अनियमितता पाई गई है। अनियमितता पाये जाने के फलस्वरूप उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 की धाराओं के तहत उनकी उर्वरक अनुज्ञप्ति प्राधिकार ने रद्द कर दिया है। बैठक के दौरान डीएम ने निर्देश दिया कि उर्वरक की गुणवत्ता की जांच के लिए प्रखंड से लेकर जिला स्तर तक के पदाधिकारियों को लगाकर सैंपलिंग करवाई जाय और अमानक पाये जाने पर संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाय। इस पर जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि वर्ष 2025-26 में 126 अकार्बनिक नमूना के लक्ष्य के विरुद्ध 88 उर्वरक नमूना संग्रह कर विश्लेषण के लिए गुण नियंत्रण प्रयोगशाला भेजा गया था। जिसमें 19 उर्वरक नमूना का विश्लेषण प्रतिवेदन मानक पाया गया है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि शीघ्रताशीघ्र लक्ष्य के अनुरूप उर्वरक नमूना संग्रह कर विश्लेषण के लिए प्रयोगशाला भेजी जाय। जिससे उसकी गुणवत्ता की जांच हो सके। इसके बाद ही किसानों के बीच उर्वरक का वितरण किया जाय। जिप अध्यक्ष ने किसानों की समस्याओं को रखा बैठक के दौरान जिप अध्यक्ष प्रणव कुमार ने जिले के किसानों की समस्याओं का रखा। जिप अध्यक्ष ने कहा कि यूरिया की उपलब्धता की विशेष निगरानी की जरूरत है। किसानों को समय पर यूरिया उपलब्ध हो सके, इसके लिए प्रखंडवार मात्रा विवरणी की जांच की जाए। इन केंद्रों पर विभाग के अधिकृत प्रतिनिधि की तैनाती की जाए। ताकि वाजिब किसानों को उर्वरक की आपूर्ति पारदर्शिता से हो सके। कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए समय-समय पर छापेमारी भी कराएं। आवंटन वार यूरिया की आपूर्ति पर भी ध्यान देने की जरूरत है।

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