
भागलपुर-अमरपुर वाया कजरैली पथ में वन क्षेत्र के बदले मांगी जमीन
स्टेट हाईवे संख्या 25 के अलाइनमेंट में 15.80 हेक्टेयर में फैला हुआ है वन क्षेत्र
भागलपुर, मुख्य संवाददाता। भागलपुर-अमरपुर वाया कजरैली पथ में वन क्षेत्र के बदले दूसरी जमीन ली जाएगी। इसको लेकर पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता अरविंद कुमार गुप्ता ने जिला पदाधिकारी को पत्र लिखा है। कार्यपालक अभियंता ने बताया कि मुख्यमंत्री की प्रगति यात्रा के दौरान भागलपुर-अमरपुर पथ, जो स्टेट हाईवे 25 कहलाती है, के चौड़ीकरण योजना में टू-लेन के भागलपुर-अमरपुर-बांका पथ के लिए काम किया जाना है। यह पथ 44.30 किमी है और इसके चौड़ीकरण की योजना 2024-25 में ली गई है। इस पथ का 16 किमी क्षेत्र पथ प्रमंडल भागलपुर के क्षेत्राधीन है। इस योजना के तहत चौड़ीकरण के लिए उपयोग में लाए जाने वाले वन क्षेत्र के समतुल्य जमीन दी जानी है।

इसलिए भागलपुर में वन क्षेत्र 15.80 हेक्टेयर के बदले समतुल्य जमीन वन विभाग को उपलब्ध कराया जाएगा। पथ निर्माण विभाग के पत्र को लेकर राजस्व विभाग ने एसएच के दायरे में आने वाले अंचलाधिकारियों से जमीन संबंधित रिपोर्ट मांगी है। जानकारों ने बताया कि वन क्षेत्र के बदले जमीन मांगने का नियम, वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980 और वन अधिकार अधिनियम, 2006 जैसे कानूनों पर आधारित है। जिसमें ग्रामसभा की मंजूरी, केंद्र सरकार की अनुमति (यदि आवश्यक हो) और पर्यावरण पर प्रभाव का आकलन जरूरी है। अक्सर, इसके बदले में पर्यावरण को हुए नुकसान की भरपाई के लिए वन विभाग को दूसरी भूमि देनी होती है या वनीकरण करना होता है। खासकर जब वन भूमि का उपयोग गैर-वन उद्देश्यों (जैसे सड़क, उद्योग) के लिए किया जा रहा हो, और इस प्रक्रिया में भूमि के वास्तविक हकदारों के अधिकारों का सम्मान करना महत्वपूर्ण है।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


