
बारिश थमते ही हवा में बढने लगी सूक्ष्म धूलकण की मात्रा
- शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक 15 दिन में 50 से बढ़कर 150 के
भागलपुर, वरीय संवाददाता जिले से मॉनसून के लौटने के बाद बारिश का सिलसिला पूरी तरह थम गया है। बारिश के अभाव में अब हवा में सूक्ष्म धूलकण की मात्रा धीरे-धीरे बढ़ने लगी है। साथ-साथ शहर में वायु प्रदूषण भी बढना शुरू हो गया है। एक से 15 अक्टूबर के दौरान शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक या एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 50 से बढ़कर 150 के करीब पहुंच गया है। केंद्रीय पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड द्वारा जारी फॉरकास्ट के अनुसार बुधवार तड़के भागलपुर शहर का अधिकतम एक्यूआई 153 रिकॉर्ड किया गया। हवा की गुणवत्ता पूअर कैटेगरी में रहने का मुख्य कारण हवा में सूक्ष्म धूलकण की मात्रा अधिक रहना है।

शहर में कचहरी चौक, स्टेशन चौक, तिलकामांझी व मायागंज इलाके की आबोहवा ज्यादा खराब रही। हवा की गुणवत्ता बिगड़ने से श्वसन रोग से पीड़ित लोगों को सांस लेने में तकलीफ हुई। ट्रैफिक का दबाव बढ़ने के कारण सुबह 10 से दोपहर 12 बजे के बीच वायु प्रदूषण अधिक रह रहा है। सांस के रोगी बाहर निकलने के दौरान मास्क का प्रयोग करें। तापमान में कमी के कारण बढ़ता है प्रदूषण जैसे-जैसे दिन व रात का तापमान कम होता जाएगा। धुंध का असर भी बढ़ता जाएगा। धरती की सतह के पास हवा का दबाव बढ़ने से हवा में धूलकण की मात्रा बढ़ती जाएगी। बता दें कि सर्दी के दौरान दुनियाभर के 100 सबसे प्रदूषित शहरों में भागलपुर का नाम शुमार रहता है। पछिया हवा चलने के कारण पश्चिम भारत के बढ़े औद्योगिक शहरों की प्रदूषित हवाएं बिहार में प्रवेश करती है। वहीं भागलपुर के आसपास कहलगांव व बाढ़ के थर्मल पावर व बरौनी रिफाइनरी से निकल रहे धुंए की वजह से भी पूर्व बिहार में प्रदूषण बढ़ता है। आने वाले समय में भागलपुर का एयर क्वालिटी इंडेक्स 300 के पार पहुंच जाएगा। इससे एलर्जी समेत सामान्य बीमारी से पीड़ित लोगों को सांस लेने में कठिनाई होने लगेगी।

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