जिनके विवि आने पर रोक, उन्हें विवि दे रहा संरक्षण
एसएसएआई के आरोपों का अभाविप ने दिया जवाब टीएमबीयू के अधिकारियों पर संरक्षण देने का

भागलपुर, वरीय संवाददाता अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने एसएसएआई द्वारा लगाए गए आरोपों का जवाब दिया है। अभाविप के प्रदेश सह मंत्री कुणाल पांडेय और राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य हैप्पी आनंद ने कहा कि हमारे आंदोलन का जो तरीका था, हमने उसी लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया।
आंदोलन की प्रक्रिया
उन्होंने कहा कि पहली बार विवि में यह देखा जा रहा है कि कुछ छात्र संगठनों को जरिया बनाकर विवि अधिकारियों द्वारा विद्यार्थी हित में आंदोलनों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। आखिर किस अधिकार से यह पूछा जा रहा है कि आंदोलन से पहले सूचना दी गई थी या नहीं? आज सवाल वही लोग पूछ रहे हैं, जिन्होंने विवि शिक्षक की पिटाई के आरोप में विवि प्रवेश पर रोक लगी है।
कुलसचिव पर सवाल
परिषद ने कुलसचिव को आड़े हाथों लेते हुए सवाल किया है कि जिस व्यक्ति पर विवि आने से प्रतिबंध लगाया गया है, उसने कुलसचिव के समक्ष छात्रों के साथ ‘खून से होली खेलने’ जैसी धमकी दी है, उस पर विवि प्रशासन ने अब तक क्या कार्रवाई की? ऐसे लोगों पर कुलपति को अविलंब संगठनात्मक और प्रशासनिक कार्रवाई करनी चाहिए, अन्यथा विवि में कभी भी किसी विद्यार्थी के साथ अनहोनी हो सकती है।
डॉ. निर्लेश पर आरोप
आरोप लगाया है कि छात्र एसएसएआई को उकसाने के पीछे डॉ. निर्लेश की भूमिका है। जबकि उनके ऊपर कई समितियां भी बनीं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। हाल ही में कर्मचारी नेता सुशील मंडल के साथ हुआ मामला भी सामने आया। इन मामलों में पहले ही डॉ. निर्लेश ने आरोपों से इनकार किया है। परिषद का प्रतिनिधि मंडल जिलाधिकारी, आईजी, एसएसपी और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों से मिलकर विवि में शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने एवं आरोपितों पर कार्रवाई की मांग करेगा।
कुलसचिव का बयान
कुलसचिव डॉ. रामाशीष पूर्वे ने कहा कि जो छात्र संगठन विवि आते हैं, अपनी मांग करते हैं। उनकी बातों को वरीय अधिकारियों से अवगत कराया जाता है。
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