aao rajneeti karein: Demand for woman that need Swavalamban and fearless atmosphere - आओ राजनीति करें: आधी आबादी की मांग, 'हमें चाहिए स्वावलंबन और भयमुक्त माहौल' DA Image
8 दिसंबर, 2019|8:35|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

आओ राजनीति करें: आधी आबादी की मांग, 'हमें चाहिए स्वावलंबन और भयमुक्त माहौल'

aao rajneeti karein  demand for woman that need swavalamban and fearless atmosphere

भागलपुर के मिरजानहाट में महिलाओं-किशोरियों के साथ हिंदुस्तान संवाद हुआ। इस दौरान महिलाओं ने अपने वोट के जरिये जहां स्वस्थ लोकतंत्र चुनने पर जोर दिया तो वहीं अपने सरकार से स्वावलंबन के लिए रोजगार व भयमुक्त माहौल की चाह की।
 
शनिवार को सिलाई प्रशिक्षण ले रहीं प्रीति कुमारी, गुड़िया देवी, रूपा शर्मा ने कहा कि उन्हें अपने वोट की वैल्यू मालूम है। हर चुनाव में महंगाई, किसान, जवान यहां तक धर्म व राष्ट्रवाद मुद्दा बनता है। लेकिन चुनाव में आधी भागीदारी निभाने वाली आधी आबादी का मुद्दा कहीं खो जाता है। रोमा कुमारी, राखी कुमारी, विद्या भारती ने कहा कि अब हमें अपने हक को वोट की ताकत से हासिल करना है, तभी हम महिलाएं चुनाव में न केवल मुद्दा बनेंगी, बल्कि सरकार बनने के बाद हमारी हितों की अनदेखी नहीं हो सकेगी। अब हमें बेहतर शिक्षा के बाद रोजगार चाहिए ताकि हम अपने बच्चों को बेहतर भविष्य दे सकें। हमें ऐसा माहौल चाहिए, जिसमें भय न हो। इस अवसर पर रूपा देवी, राजनंदिनी, लक्ष्मी कुमारी थीं।

सरकारी स्तर पर एक ऐसा फंड बनाने की जरूरत है। ताकि हर गरीब बेटी को बेहतर शिक्षा से लेकर रोजगार तक हासिल हो सके। दहेज जैसी सामाजिक बुराई को समाप्त करने के लिए कड़े प्राविधान किए जाएं। - पिंकी देवी

हमें ऐसा परिवार, समाज व देश बनाना होगा, जिसमें बेटों के समान हम बेटियों को भी समान रूप से आगे बढ़ने का अवसर हासिल हो। साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में भी मौका मिले। ये हमें अपनी वोट से ही हासिल करना होगा।  -ज्योति देवी

हम अपनी वोट से ऐसा प्रतिनिधि चुनेंगी, जो हमारी बातों को न केवल सुने बल्कि उस पर अमल भी करे। काबिल प्रतिनिधि ही आधी आबादी के अधिकारों, मजबूती व आत्मनिर्भरता के लिए बेहतरीन काम कर सकेगा।   -अनीता देवी

ऐसा जनप्रतिनिधि होना चाहिए, जो महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा कर सके। इसके लिए क्षेत्र में कल-कारखाने लगने चाहिए। क्योंकि रोजगार नहीं मिलने के कारण बड़ी संख्या में हम महिलाएं घर में कैद होने को मजबूर हैं। 
-किरन देवी 

हमारा वोट पढ़ा-लिखा, काबिल व संवेदनीशील प्रतिनिधि चुने। इसके लिए हमें जागरूक होना होगा। चुनाव के दौरान उठे मुद्दे चुनाव के बाद हकीकत का रूप धारण करें। महिलाओं के लिए बेखौफ व भेदभावरहित माहौल सृजित हो। 
-साधना शुक्ला

सिर्फ महिला सशक्तीकरण की बात करने से कुछ नहीं होगा। हमें घर से बाहर ऐसा माहौल चाहिए जहां हम लड़कों की तरह बेखौफ होकर अपनी जिम्मेदारियों-दायित्वों का निर्वहन करते हुए अपने लक्ष्य को हासिल कर सकें।  -वर्षा कुमारी 
 

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:aao rajneeti karein: Demand for woman that need Swavalamban and fearless atmosphere