भागलपुर में लगेगी भगवान शंकर की 112 फीट ऊंची मूर्ति, आध्यात्मिक हब बनेगा 100 एकड़ का योग केंद्र

Apr 06, 2026 05:46 pm ISTJayendra Pandey लाइव हिन्दुस्तान, भागलपुर
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सद्गुरु की संस्था ईशा फाउंडेशन ने भागलपुर में 112 फीट ऊंची आदियोगी प्रतिमा और योग केंद्र बनाने का प्रस्ताव दिया है। इसके लिए जिला प्रशासन से 100-120 एकड़ जमीन मांगी गई है। यह प्रोजेक्ट उत्तर भारत के लोगों को आध्यात्मिक सुविधाएं देने और बिहार में पर्यटन व रोजगार बढ़ाने के मकसद से शुरू किया जा रहा है।

भागलपुर में लगेगी भगवान शंकर की 112 फीट ऊंची मूर्ति, आध्यात्मिक हब बनेगा 100 एकड़ का योग केंद्र

Bihar News: बिहार के भागलपुर जिले को जल्द ही एक बड़ी आध्यात्मिक सौगात मिलने वाली है। दक्षिण भारत के मशहूर आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव की संस्था 'ईशा फाउंडेशन' भागलपुर में एक बड़े योग केंद्र और आदियोगी शिव मंदिर की स्थापना करने जा रही है। इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यहां स्थापित होने वाली भगवान शिव की 112 फीट ऊंची विशाल प्रतिमा होगी, जो कोयंबटूर और बेंगलुरु के आदियोगी की तरह ही भव्य होगी।

DM से मांगी गई 100 एकड़ जमीन

इस परियोजना के लिए ईशा फाउंडेशन ने भागलपुर जिला प्रशासन को पत्र लिखकर 100 से 120 एकड़ जमीन मुहैया कराने का आग्रह किया है। फाउंडेशन के इस प्रस्ताव के बाद बिहार का पर्यटन विभाग भी सक्रिय हो गया है। विभाग के सचिव निलेश रामचंद्र देवरे ने भागलपुर के डीएम को पत्र लिखकर जमीन की उपलब्धता पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। एडीएम दिनेश राम ने बताया कि जमीन की तलाश के लिए सभी सीओ को निर्देश दिए जा रहे हैं। बता दें कि ईशा फाउंडेशन के कोयंबटूर और बेंगलुरु स्थित केंद्रों पर उत्तर भारतीयों की भारी भीड़ उमड़ती है। इसी भीड़ को कम करने और उत्तर भारत के लोगों को उनके नजदीक ही आध्यात्मिक केंद्र उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भागलपुर का चयन किया गया है।

योग केंद्र में क्या-क्या होगा खास?

यह सिर्फ एक मंदिर नहीं, बल्कि एक पूर्ण आध्यात्मिक और कल्याण केंद्र होगा, जहां भगवान शिव की 112 फीट ऊंची विशाल प्रतिमा मुख्य आकर्षण का केंद्र होगी। इसके साथ ही, लोगों के मानसिक सुकून के लिए एक मेडिटेशन हॉल बनाया जाएगा और केंद्र में आने वालों के लिए मेडिकल के रूप में स्वास्थ्य सुविधाओं का भी पुख्ता इंतजाम रहेगा। साथ ही, यहां योगा साइंस और से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम नियमित रूप से चलाए जाएंगे, जो लोगों के लिए समर्पित होंगे।

99 वर्षों की लीज पर मिलेगी जमीन

पर्यटन विभाग के अनुसार, इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन 99 वर्षों की लीज पर दी जाएगी, जिसे आगे बढ़ाने का भी प्रावधान होगा। गौरतलब है कि इससे पहले पटना के बांस घाट पर भी ऐसी ही योजना बनाई गई थी, लेकिन वहां सफलता नहीं मिली। अब भागलपुर में इसे धरातल पर उतारने की तैयारी युद्ध स्तर पर चल रही है। इस केंद्र के बनने से बिहार में धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाई मिलेगी। जानकारों का मानना है कि केंद्र की स्थापना के बाद यहां सालाना करोड़ों पर्यटकों के आने की संभावना है। इससे न केवल स्थानीय स्तर पर बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होंगे, बल्कि भागलपुर की वैश्विक पहचान भी बदलेगी।

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Jayendra Pandey
अदम गोंडवी के शहर गोण्डा से ताल्लुक रखने वाले जयेंद्र पाण्डेय मेनस्ट्रीम मीडिया में अपनी अलग पहचान बना रहे एक ऊर्जावान युवा पत्रकार हैं। वर्तमान में ’हिन्दुस्तान’ (Hindustan Times Group) के साथ जुड़कर जनसरोकार की खबरों को कवर कर रहे जयेंद्र ने नोएडा के प्रतिष्ठित संस्थान जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता की बारीकियां सीखीं और अपने करियर का आगाज ‘जी न्यूज’ की नेशनल टीम में इंटर्नशिप से किया। इसके बाद उन्होंने ’दैनिक भास्कर’ में बतौर ट्रेनी फीचर और स्पेशल स्टोरीज पर काम करते हुए कंटेंट की बारीकियों को समझा। अपनी पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग में अपना लोहा मनवाया, जिसमें नोएडा ट्विन टावर डिमोलिशन से लेकर बृजभूषण शरण सिंह बनाम पहलवानों के धरने तक कई हाई-प्रोफाइल इवेंट्स की ग्राउंड रिपोर्टिंग और अन्य कई स्पेशल स्टोरीज शामिल हैं। मीडिया के साथ-साथ जयेंद्र का रुझान पॉलिटिकल कंसल्टेंसी की ओर भी है। वे चुनावी समीकरणों और रणनीतिक प्रबंधन की अच्छी समझ रखते हैं। और पढ़ें
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