
व्यायामशाला स्थानांतरण पर पुनर्विचार करने की खिलाड़ियों ने की मांग
बिहार के बिछियां गांव में एकलव्य आवासीय कुश्ती प्रशिक्षण केंद्र को स्थानांतरित करने की मांग की गई है। खिलाड़ियों का कहना है कि यह व्यायामशाला उनकी पहचान है और इसे स्थानांतरित करने से उनकी प्रतिभा...
कहा, खिलाड़ियों को पहचान दिलाती है व्यायामशाला, कई पहलवान राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचे राज्यस्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता में ओवरऑल चैम्पियन बने थे इस व्यायामशाला के पहलवान (बोले भभुआ) दुर्गावती, एक संवाददाता। प्रखंड के बिछियां गांव स्थित एकलव्य आवासीय कुश्ती प्रशिक्षण केंद्र सह कैमूर व्यायामशाला को स्थानांतरित करने पर पुनर्विचार करने की मांग यहां के खिलाड़ियों ने बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के निदेशक से की है। खिलाड़ियों का कहना है कि यह व्यायामशाला दुर्गावती की पहचान है। यहां अभ्यास करनेवाले आदर्श नुआंव के निरज पासवान ने राष्ट्रीय स्तर पर पहलवानी में नाम कमाकर सरकारी नौकरी पाई। आदर्श नुआंव की महिला अन्नू गुप्ता का भी देश में खूब डंका बजा है।

राज्य स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता में शुभम कुमार के साथ व्यायामशाला के पहलवानों की टीम ओवरऑल चैम्पियन बनी थी। इसलिए हम खिलाड़ी सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाते हैं कि वह ऐसी पहल करें कि व्यायामशाला दूसरी जगह शिफ्ट नही की जा सके। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह व्यायामशाला पिछले 35 वर्ष से जन सहयोग से संचालित हो रही है। इसका उद्घाटन वर्ष 1998 में तत्कालीन मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने किया था। वर्ष 2010 में राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए इस एकलव्य आवासीय कुश्ती प्रशिक्षण केंद्र को अधिग्रहित किया गया। तभी से एकलव्य राज्य आवासीय कुश्ती प्रशिक्षण केंद्र के रूप में संचालित हो रहा है। खिलाड़ियों रंजय कुमार व पीयुष कुमार ने बताया कि इस व्यायामशाला के पहलवान जिले ही नहीं राज्य व राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता से सैकड़ों मेडल जीतकर नाम रोशन किया है। उनका कहना था कि राज्य सरकार द्वारा इसके आधारभूत संरचना पर करोड़ों रुपए खर्च किया है। खेल सामग्री उपलब्ध कराई है। बताया कि बिहार केशरी हो या खेलो इंडिया यहां के पहलवान अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाए हैं। स्थानीय पहलवानों द्वारा भी इसमें नियमित अभ्यास किया जाता है। शत्रुहरण प्लस टू स्कूल कल्याणपुर से संचालित होता है व्यायामशाला एकलव्य आवासीय कुश्ती प्रशिक्षण केंद्र सह कैमूर व्यायामशाला बिछिया के शत्रुहरण प्लस टू स्कूल कल्याणपुर से संचालित होता है। व्यायामशाला में कुश्ती का प्रशिक्षण ले रहे छात्रों का नामांकन शत्रुहरण प्लस टू स्कूल में होता है। स्कूल के हेडमास्टर की देखरेख में पहलवानों को सरकार से मिलने वाली सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती है। राज्य सरकार द्वारा छात्रों को कुश्ती के लिए प्रशिक्षण के साथ-साथ भोजन, पढ़ाई, दवा आदि सुविधाएं मिलती हैं। इलाके के कई पहलवानों को कुश्ती में सफलता पाने पर सरकारी नौकरी मिली है, जिससे उनके परिवार की परवरिश हो रही है। अगर व्यायामशाला स्थानांतरित हो गया, तो यहां की प्रतिभाएं कुंठित होंगी। फ़ोटो 13 मोहनिया 01 फोटो परिचय: एकलव्य आवासीय कुश्ती प्रशिक्षण केंद्र सह कैमूर व्यायामशाला बिछिया का प्रवेश द्वार। बाइट 1-व्यायामशाला को दूसरे स्थान पर स्थानांतरित करने का निर्णय यहां के पहलवानों के हित में नहीं है। सरकार खेल को बढ़ावा देने के लिए ही दुर्गावती के बिदिया में व्यायामशाला स्थापित की है। सरकार इसपर विचार करे। शशिकांत यादव 2- कैमूर जिले की यह व्यायामशाला दुर्गावती को खास पहचान देती है। इसे स्थानांतरित करना ठीक नहीं है। इससे ग्रामीण प्रतिभाएं कुंठित होंगी। इस व्यायामशाला से कई पहलवान राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर नाम रौशन किए हैं। श्रीनिवास सिंह 3- एकलव्य आवासीय कुश्ती प्रशिक्षण केंद्र सह कैमूर व्यायामशाला बिछियां को स्थानांतरित कर रामगढ़ ले जाना खिलाड़ियों के हित में नहीं है। इसपर विचार करने की जरूरत है। पहलवानों के लिए यह व्यायामशाला सुखद है। जयप्रकाश सिंह 4- जिस स्थल पर व्यायामशला है, वहां कोई तकनीकी दिक्कत है तो इस शत्रुहरण प्लस टू स्कूल के कैम्पस में शिफ्ट कर देना चाहिए। यहां एथलीट, कुश्ती सहित अन्य खेलकूद गतिविधियों को संचालित किया जा सकता है। चिंटू सिंह 5- एकलव्य आवासीय कुश्ती प्रशिक्षण केंद्र सह कैमूर व्यायामशाला को स्थानांतरित करना अच्छी बात नहीं है। इससे यहां के पहलवान निराश होंगे और उन्हें अभ्यास करने में भी दिक्कत होगी। क्योंकि इसमें सुविधाएं उपलब्ध हैं। संजू सिंह कुशवाहा 6- स्थानीय सांसद व विधायक को चाहिए कि वह इस मुद्दे पर खेल प्राधिकरण के अधिकारी से बात करके इस व्यायामशाला को स्थानांतरित करने पर रोक लगवाएं, ताकि यहां के पहलवानों का भविष्य सुरक्षित रह सके। राजू खान 7- बिछिया व्यायामशाला को दुर्गावती प्रखण्ड से अन्यत्र ले जाना न्यायसंगत नहीं है। जब यह व्यायाशाला स्थानांतरित हो जाएगी तो यहां के पहलवान कहां अभ्यास करेंगे। यहां दूसरे जिले के भी पहलवाने अभ्यास करते हैं। सौरभ सिंह 8- हमलोग बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के निदेशक व विभागीय मंत्री से मिलकर अपनी मांग रखेंगे। उन्हें बताएंगे कि इस व्यायामशाला को स्थानांतरित करने से यहां के पहलवानों को किस तरह की दिक्कत हो सकती है। निर्मल सिंह

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