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21 नवंबर, 2020|11:29|IST

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कैमूर के शोधित बीज से होगी बिहार में गेंहू की खेती

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बिहारशरीफ, पूर्णिया, बेगुसराय, भागलपुर, मोतिहारी, मुजफरपुर, हाजीपुर, बक्सर आदि जिलों में भेजा जा रहा 80 हजार क्विंटल शोधित बीज

पंद्रह नवंबर से शुरू होगी गेहूं की बुआई, शोधित बीज से बढ़ेगी उपज

पिछले वर्ष से इस बार निगम ने दोगुना कर दिया है शोधित बीज का लक्ष्य

ग्राफिक्स

20 दिनों के अंदर सभी केन्द्रों पर भेज दिया जाएगा बीज

08 हजार क्विंटल शोधित बीज भेज चुका है बीज निगम

कुदरा। संजय कुमार सिंह

कैमूर के शोधित बीज से इस बार बिहार में गेहूं की फसल लहलहाएगी। प्रदेश के विभिन्न जिलों के केन्द्रों पर बिहार राज्य बीज निगम कुदरा से गेहूं के शोधित बीज भेजने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई। निगम को बिहार प्रदेश के कुल 10 केन्द्रों पर 80 हजार क्विंटल शोधित बीज भेजने का लक्ष्य है। अभी तक आठ हजार क्विंटल बीज को विभिन्न केन्द्रों पर भेज दिया गया है। 20 दिनों के अंदर सभी केन्द्रों पर बीज की आपूर्ति करा दी जाएगी।

मालूम हो कि केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा किसानों के लिए चलाई जा रही योजनाओं के तहत निगम के शोधित बीज को किसानों के बीज वितरित किया जाता है। इसके लिए प्रदेश के बिहारशरीफ, पूर्णिया, बेगुसराय, भागलपुर, मोतिहारी, मुजफरपुर, हाजीपुर, बक्सर आदि जिलों में बीज निगम द्वारा दस केंद्र बनाया गया है, जहां से सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के माध्यम से क्षेत्र के किसानों को बीज आवंटन किया जाता है।

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि गेहूं की अच्छी खेती के लिए 15 नवंबर से बुआई शुरू कर दी जाती है। बुआई का काम 15 दिसंबर तक चलता है। निगम के प्लांट अभियंता उमेश गुप्ता ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष अधिक बीज वितरण का लक्ष्य रखा गया है। पिछले वर्ष 45 हजार क्विंटल का लक्ष्य था। जबकि इस वर्ष 80 हजार क्विंटल लक्ष्य रखा गया है।

फोटो - 01 नवंबर मोहनियां-1

कैप्शन- कुदरा के बीज निगम परिसर से रविवार को दूसरे जिले में भेजे जा रहे गेहूं के शोधित बीज को ट्रक पर लोड करता मजदूर।

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  • Web Title:Wheat cultivation in Bihar will be done with the treated seeds of Kaimur