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अखलासपुर में जलापूर्ति योजना फेल, ग्रामीणों को नहीं मिल रहा लाभ

अखलासपुर में जलापूर्ति योजना फेल, ग्रामीणों को नहीं मिल रहा लाभ

संक्षेप:

बोले भभुआ,बोले भभुआ, अखलासपुर में जलापूर्ति योजना फेल, ग्रामीणों को नहीं मिल रहा लाभ दूसरी जलापूर्ति योजना कागजों में,

Dec 11, 2025 08:08 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, भभुआ
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बोले भभुआ, अखलासपुर में जलापूर्ति योजना फेल, ग्रामीणों को नहीं मिल रहा लाभ दूसरी जलापूर्ति योजना कागजों में, टंकी बिना खड़ा टावर बना सवाल समय पर सप्लाई बंद और सालभर पानी की बर्बादी से ग्रामीणों में निराशा भभुआ, नगर संवाददाता। स्थानीय प्रखण्ड के अखलासपुर गांव के पश्चिम दिशा में स्थित पश्चिम पोखरा के किनारे लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा लगाई गई जलापूर्ति योजना ग्रामीणों के लिए राहत बनकर नहीं आ सकी है। लाखों की लागत से लगी यह योजना आज बदहाल स्थिति में है। ग्रामीण बताते हैं कि योजना बनी जरूर, लेकिन इसका वास्तविक लाभ गांव के वासियों तक कभी नहीं पहुंच पाया।

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सप्लाई अनियमित है, पाइप लाइन खराब है और जहां योजना स्थापित है, वहां 12 महीने पानी गिरता रहता है, जिससे लगातार पानी की बर्बादी होती है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि न तो सप्लाई निर्धारित समय पर शुरू होती है और न ही दबाव सही मिल पाता है। पाइप वायरिंग इतनी कमजोर है कि जगह-जगह पानी रिसता है और सप्लाई का अधिकांश हिस्सा रास्ते में ही बह जाता है। योजना के आसपास हमेशा कीचड़ और गंदगी बनी रहती है, जिसे देखकर यह साफ समझ आता है कि रख-रखाव पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। इस योजना के बगल में एक और जलापूर्ति योजना का टावर बनाया गया है। लोहे से निर्मित इस विशाल टावर पर अभी तक पानी की टंकी नहीं लगाई गई है। ग्रामीण बताते हैं कि विभाग इसे डायरेक्ट सप्लाई योजना बताता है, लेकिन यदि यह डायरेक्ट सप्लाई ही है, तो फिर टावर निर्माण की क्या जरूरत थी यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस योजना में सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है और विभाग तथा संवेदक ने बिना जरूरत निर्माण कराकर सरकारी राशि की बर्बादी की है। जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पाता है पानी ग्रामीण लक्ष्मी सिंह, वीरेंद्र सिंह, जोखन सिंह, प्रताप नारायण सिंह, वीरेंद्र तिवारी, राम प्रवेश पाल, प्रमोद कुशवाहा सहित कई स्थानीय लोगों ने बताया कि यह योजना कभी-कभार ही चलती है, जबकि ज्यादातर समय बंद रहती है। चलती भी है तो पानी इधर-उधर फैलता है और जरूरतमंद लोगों तक पहुंचने से पहले ही बेकार हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि योजना से लाभ नहीं, केवल परेशानी ही मिल रही है। ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप कर पाइप लाइन मरम्मत, सप्लाई नियमित करने और अधूरी योजना की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है। गांव में लगातार बढ़ती जल समस्या को देखते हुए लोग चाहते हैं कि यह योजना जल्द से जल्द सुचारू रूप से चले, ताकि गांव को राहत मिल सके। फोटो- 11 दिसंबर भभुआ-01 कैप्शन- अखलासपुर गांव के पश्चिम पोखरा के पास स्थित लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग की जलापूर्ति योजना बोले भभुआ, केवां विद्यालय में नहीं है बाउंड्री, विद्यार्थियों की सुरक्षा पर खतरा ढही बाउंड्री पर ग्रामीणों का कब्जा, पशुपालक फील्ड में रखते हैं गोबर और उपले प्रधानाचार्य ने विभाग को भेजा पत्र, स्थानीय लोगों ने कहा, कभी भी हो सकती है बड़ी दुर्घटना भभुआ, नगर संवाददाता। जिले के चैनपुर प्रखंड के केवां उच्च माध्यमिक विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। विद्यालय नेशनल हाईवे-219 के बिल्कुल किनारे स्थित है, लेकिन यहां चहारदीवारी के अभाव में रोजाना विद्यार्थियों की सुरक्षा जोखिम में पड़ रही है। कई वर्ष पहले बनी बाउंड्री अब टूटकर बिखर चुकी है। सड़क की ओर की दीवार पूरी तरह ढह गई है और फील्ड की ओर लगा मुख्य गेट तिरछा व कमजोर अवस्था में किसी तरह खड़ा है। बाउंड्री न होने से विद्यालय परिसर आम लोगों के उपयोग में बदल गया है। गांव के पशुपालक यहां गोबर फेंकते हैं, जबकि कुछ महिलाएं स्कूल के मैदान में उपले बनाती हैं। परिणामस्वरूप विद्यालय का फील्ड भी कब्जे और अव्यवस्था का शिकार हो चुका है। विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चे जब मैदान में खेलते हैं, तो उनका गेंद अक्सर हाईवे पर चला जाता है। बच्चों को उसे लेने के लिए सड़क पर भागना पड़ता है, जिससे दुर्घटना की प्रबल आशंका हर समय बनी रहती है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने बताया कि बाउंड्री निर्माण और मरम्मत के लिए विभाग को पत्र भेजा गया है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई शुरू नहीं हुई है। वहीं गांव के ग्रामीण रामू बिन्द, सोहन राम, धीरज कुमार, संतोष कुमार, प्रवीण कुमार और शीतल प्रजापति ने कहा कि स्थिति बेहद खतरनाक हो चुकी है। यदि समय रहते प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया, तो किसी भी दिन बच्चों के साथ बड़ी दुर्घटना घटित हो सकती है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से अविलंब मजबूत चहारदीवारी निर्माण की मांग की है, ताकि विद्यालय का वातावरण सुरक्षित बनाया जा सके और बच्चे भयमुक्त होकर पढ़ाई और खेलकूद कर सकें। फोटो- 11 दिसंबर भभुआ-02 कैप्शन- नेशनल हाईवे 219 के किनारे बना उच्च माध्यमिक विद्यालय केवां की टूटी हुई बाउंड्री