
एकलौते बेटे की मौत के साथ दफन हुए उम्मीद के सपने
सोनहन थाना क्षेत्र के तमाढ़ी गांव के छात्र अभय कुमार की मौत से परिवार की उम्मीदें खत्म हो गई हैं। पिता अजय चौधरी हैदराबाद में काम करते थे ताकि अभय और उसकी बहनें अच्छी शिक्षा प्राप्त कर सकें। अभय की मां...
बेटा-बेटी को पढ़ाकर बेहतर करने के लिए हैदराबाद में पिता करता है काम अभय की पढ़ाई प्रभावित नहीं हो इसलिए अजय ने ऋण पर खरीदी थी बाइक (पेज तीन) भभुआ, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। सोनहन थाना क्षेत्र के तमाढ़ी गांव के छात्र अभय कुमार की मौत के साथ परिजनों की उम्मीद के सपने दफन हो गए। एकलौते बेटे की मौत के साथ ही अजय चौधरी के घर का चिराग बुझ गया। मृतक के पिता अजय हैदराबाद की प्राइवेट कम्पनी में इसलिए काम करते थे, ताकि उनका बेटा-बेटी पढ़ सके। अभय की पढ़ाई में कोई बाधा न आए इसलिए उसके पिता ने ऋण पर बाइक खरीदकर बेटे को कोचिंग पढ़ने जाने के लिए दी थी।

वहअभय को अच्छी शिक्षा दिलाकर अफसर बनाना चाहते थे। परिजनों ने बताया कि अजय चौधरी फिलहाल हैदराबाद में हैं। उन्हें अभय की मौत की खबर दी गई है। वह वहां से विमान सेवा से आ रहे हैं। शाम तक उनके आने की उम्मीद जतायी जा रही है। अजय चौधरी को एक पुत्र के अलावा चार पुत्री भी हैं। अभय से एक बड़ी बहन 20 वर्षीय काजल कुमारी, खुशी, मुस्कान व कृति शामिल हैं। किसी बेटी की शादी नहीं हो सकी है। वह कंपनी की कमाई से बेटा-बेटी को शिक्षा दिलाने व शादी कराने में जुटे थे। अभय की मां राधा देवी का घटना के बाद रो-रोकर बुरा हाल हो गया था। वह सदर अस्पताल में ही रोते-रोते बेहोश हो जा रही थी। उसके होश में आने के बाद परिजन उसे सदर अस्पताल से घर भिजवा दिए। जिला पार्षद विकास सिंह उर्फ लल्लू पटेल ने बताया कि अजय चौधरी का परिवार गरीब है। उन्होंने प्रशासन से पीड़ित परिजनों को मुआवजा देने की मांग की है। फोटो- 27 अगस्त भभुआ- 811 कैप्शन- सड़क दुर्घटना में छात्र की मौत व उसके दो साथियों के घायल होने के बाद बुधवार को सदर अस्पताल में लगी लोगों की भीड़।

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