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बड़कागांव के पोखरे का कभी भी मिट सकता है अस्तित्व-

चार एकड़ में फैले पोखरे के चारों तरफ जलकुंभी का जाल बिछा हुआ है चार एकड़ में फैले पोखरे के चारों तरफ जलकुंभी का जाल बिछा हुआ...

बड़कागांव के पोखरे का कभी भी मिट सकता है अस्तित्व-
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हिन्दुस्तान टीम,भभुआFri, 21 Jun 2024 09:15 PM
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चार एकड़ में फैले पोखरे के चारों तरफ जलकुंभी का जाल बिछा हुआ है
पोखरा अतिक्रमण पर किसी प्रशासन और न ही जनप्रतिनिधि का ध्यान नही

रामपुर, एक संवाददाता। स्थानीय प्रखण्ड के बड़कागांव पोखरे का अस्तित्व कभी भी मिट सकता है। कारण की दिनों दिन इसका अतिक्रमण ग्रामीणो द्वारा किया जा रहा है। इसका ही नतीजा है कि इस पोखरे का तीन ओर से अतिक्रमण लोगो द्वारा किया गया है। बचे हुए एक ओर कुछ लोगों द्वारा उपला पाथा जा रहा है। पोखरे के जल की बात करें तो चारों ओर जलकुंभी का जाल बिछा हुआ है। एक ओर सरकार जल छाजन के लिए ताल पोखर की खुदाई कराया जा रहा है। दूसरी ओर कुछ ग्रामीणो के अतिक्रमण से उक्त पोखरे का अस्तित्व खतरें में है। फिर भी किसी प्रशासन और न ही जनप्रतिनिधि का ध्यान आकृष्ट नही हो रहा है। आपको बता दें कि करीब तीन वर्ष पूर्व उक्त पोखरे से अतिक्रमण हटाने के लिए अंचल कार्यालय से नोटिस अतिक्रमणकारियों को भेजा गया था। इसके बाद भी अतिक्रमण मुक्त नहीं हो सका। इसके बाद प्रशासन द्वारा कोई कार्यवाही नहीं किया गया। इसके कारण अतिक्रमणकारियों का हौसला बुलंद है। जिसका परिणाम की अतिक्रमणकारी दिनों दिन पोखरे पर अतिक्रमण करते जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि एक समय इस पोखरे के जल से घरों में भोजन पकता था। अब का आलम है कि इस पोखरे का जल इतना दुषित हो गया है कि लोग अपने-अपने पशुओं को पानी पिलाना उचित नहीं समझते हैं। जबकि उक्त पोखरा करीब चार एकड़ में फैला हुआ है।

फोटो परिचय

21-भभुआ-8-प्रखंड के बड़कागांव पोखरे में निकला जलकुंभी

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