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रामपुर प्रखंड में दो दिनों बाद पूरी होगी यूरिया की जरूरत (पेज चार की बॉटम खबर)

हिन्दुस्तान टीम,भभुआPublished By: Newswrap
Wed, 15 Sep 2021 08:10 PM
रामपुर प्रखंड में दो दिनों बाद पूरी होगी यूरिया की जरूरत (पेज चार की बॉटम खबर)

उत्तर प्रदेश से लाकर किसानों से 500 रुपए प्रति बोरी खाद बेच रहे बिचौलिए, बिहार में यूरिया की सरकारी दर है 266 रुपए प्रति बोरी

सभी लाइसेंसी दुकानदारों द्वारा खाद का उठाव नहीं किए जाने हो रही है परेशानी

7784 हेक्टेयर की फसल के लिए चाहिए 9340.8 क्विंटल खाद, मिली 6 हजार

रामपुर। एक संवाददाता

प्रखंड के किसानों की खाद की जरूरतें पूरी नहीं हो पा रही है। जिन किसानों को दस बोरी खाद की जरूरत है, उन्हें दो से तीन बोरी मिल रही है। ऐसे में कुछ खेतों में लगी फसल में खाद का छिड़काव किसान नहीं कर पा रहे हैं। इससे फसल की उपज प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। लेकिन, इस बीच कृषि विभाग ने उम्मीद जताई है कि दो दिनों में खाद का रैक आ जाएगा और दो दिनों बाद किसानों की जरूरत के अनुरूप खाद मिलनी शुरू हो जाएगी। हालांकि मंगलवार को भी बेलांव बाजार में की सिर्फ एक दुकान पर खाद का वितरण किया गया था।

किसानों की माने तो यहां प्रयाप्त खाद नहीं मिलने के कारण बिचौलिए उत्तर प्रदेश से टैक्ट्रर, पिकअप, मैजिक से खाद लाकर करीब 500 रुपए प्रति बोरी के हिसाब से किसानों के हाथों बेच रहे हैं। जबकि बिहार में यूरिया की सरकारी दर 266 रुपया है। इस प्रकार किसानों की मजबूरी व उनकी जरूरतों को देखते हुए वह उनके साथ ठगैती कर रहे हैं। यूपी से खाद लाकर बेचने वाले एक व्यक्ति ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि यूपी में भी महंगे दाम पर खाद बिक रही है। वाहन से लाने पर ढुलाई खर्च भी लग रहा है। अपना मेहनताना भी है। इसलिए 500 रुपए प्रति बोरी खाद बेचना पड़ रहा है।

खाद का उठाव करने में रूचि नहीं ले रहे दुकानदार

यूरिया का रैक आने पर लाइसेंसी दुकानदार खाद का उठाव करने में रूचि नहीं ले रहे हैं। यही कारण है कि मंगलवार को बेलांव बाजार की सिर्फ एक दुकान पर खाद बंटवानी पड़ी। इस बाजार के दुकानदार को एक हजार बोरी खाद आवंटित हुई थी। इस कारण दुकान पर किसानों की काफी भीड़ लगी थी।

जिंक व सल्फर नहीं बिकने पर हो रहा घाटा

खाद का उठाव नहीं किए जाने के पीछे के कारणों के बारे में पता लगाने की कोशिश की गई तो मालूम हुआ कि दुकानदारों को एजेंसी से खाद के साथ जिंक व सल्फर भी बेचने के लिए दिया जाता है। लेकिन, किसानों को देने पर वह ले नहीं पाते हैं, जिससे उनकी पूंजी फंस जाती है। इसलिए वह खाद का उठाव करने से कतरा रहे हैं।

सभी करते उठाव नहीं होती परेशानी

प्रखंड कृषि पदाधिकारी सूर्यकांत प्रसाद ने बताया कि रामपुर प्रखंड में करीब दर्जनभर लाइसेंसधारी खाद बिक्रेता हैं। लेकिन, सभी दुकानदार खाद का उठाव नहीं कर पा रहे हैं। जिन चंद दुकानों पर खाद उपलब्ध रह रही है, वहां यूरिया लेने के लिए किसानों की कतार लग जा रही है। अगर सभी दुकानदार अपने हिस्से की खाद का उठाव करते तो परेशानी होती ही नहीं।

7784 हेक्टेयर में हुई है धान की रोपनी

प्रखंड कृषि पदाधिकारी ने बताया कि रामपुर के किसानों द्वारा 7784 हेक्टेयर भूमि में धान की खेती की गई है। एक हेक्टेयर में लगी फसल के लिए 120 किग्रा खाद की जरूरत होगी। इस हिसाब से करीब 9340.8 क्विंटल खाद की जरूरत है। लेकिन, अब तक प्रखंड के दुकानदारों को करीब छह हजार क्विंटल ही खाद मिली है।

फोटो- 15 सितंबर भभुआ- 10

कैप्शन- रामपुर प्रखंड के बेलांव में एक दुकान पर खाद लेने के लिए किसानों की लगी भीड़।

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