
जलालपुर स्कूल में कमरों की कमी से प्रयोगशाला में चल रही कक्षा
रामपुर प्रखंड के जलालपुर स्थित प्लस टू हाई स्कूल में शिक्षण व्यवस्था गंभीर संकट में है। विद्यालय में केवल तीन कमरों में कक्षाएं संचालित हो रही हैं, जिससे छात्रों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। प्रधानाध्यापक ने कहा कि उन्होंने अतिरिक्त कमरों के निर्माण के लिए कई बार आवेदन दिया है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है।
तीन कमरों में ही फिलहाल संचालित हो रही इंटरमीडिएट कक्षा तक की पढ़ाई, छात्र-छात्राओं को बैठकर पढ़ने में हो रही है परेशानी विज्ञान प्रयोगशाला, जिम, कार्यालय, स्टाफ रूम की अनिवार्यता से घटे शिक्षण कक्ष रामपुर प्रखंड के जलालपुर स्थित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के छात्र हो रहे परेशान (युवा पेज की लीड खबर) भभुआ, नगर संवाददाता। रामपुर प्रखंड के जलालपुर स्थित प्लस टू हाई स्कूल में कमरों की भारी कमी है। इस कारण शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। विद्यालय के छात्र-छात्राओं को मजबूरी में प्रयोगशाला कक्ष में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। प्लस टू स्तर के इस विद्यालय में इंटर तक की पढ़ाई होती है।
लेकिन, आधारभूत संरचना के अभाव में शिक्षण कार्य जैसे-तैसे किया जा रहा है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक हरेंद्र सिंह ने बताया कि वर्तमान में विद्यालय परिसर में कुल 6 से 7 कमरे उपलब्ध हैं। लेकिन, अधिकांश कक्ष शिक्षण कार्य के उपयोग में नहीं हैं। एक कमरे में जिम, दूसरे में लाइव क्लास की व्यवस्था, तीसरे में कार्यालय तथा चौथे में स्टाफ रूम संचालित किया जा रहा है। ऐसे में मात्र तीन कमरे ही ऐसे हैं, जहां नियमित रूप से कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। छात्र की संख्या अधिक होने के कारण इन्हीं तीन कमरों में विभिन्न कक्षाओं को समायोजित करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि कक्षाओं के लिए पर्याप्त कमरे नहीं होने से विद्यालय प्रबंधन को प्रयोगशाला कक्ष को भी कक्षा में तब्दील करना पड़ा है। इससे न केवल प्रयोगात्मक पढ़ाई प्रभावित हो रही है, बल्कि विद्यार्थियों को भी असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। कई बार एक ही समय में अलग-अलग विषयों की कक्षाएं चलाने में भी परेशानी होती है। समस्या समाधान के लिए कई दिए हैं आवेदन प्रधानाध्यापक ने बताया कि कमरों की कमी की समस्या को लेकर उनके द्वारा संबंधित विभागों को आवेदन दिया गया है। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी के साथ-साथ स्थानीय सांसद मनोज कुमार को भी पत्र भेजकर विद्यालय में अतिरिक्त कमरों के निर्माण की मांग की गई है। लेकिन, अभी तक न तो नए कमरों का निर्माण हुआ है और न ही किसी प्रकार की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। इससे विद्यालय के शिक्षक, छात्र और अभिभावक सभी चिंतित हैं। पांच बच्चों को पढ़ने के लिए सिर्फ तीन कमरे विद्यालय में नामांकित छात्र-छात्राओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन संसाधन उसी अनुपात में नहीं बढ़ पाए हैं। प्रधानाध्यापक ने बताया कि फिलहाल 500 से अधिक बच्चे कक्षा 6 से 12 तक में नामांकित है। अभिभावकों का कहना है कि यदि जल्द ही कमरों की व्यवस्था नहीं की गई तो बच्चों की पढ़ाई पर इसका गंभीर असर पड़ेगा। लंबे समय से लंबित है भवन विस्तार की मांग स्थानीय लोगों के अनुसार, प्लस टू हाई स्कूल जलालपुर क्षेत्र का प्रमुख शैक्षणिक संस्थान है। यहां आसपास के कई गांवों से छात्र पढ़ने आते हैं। कमरों की मांग कमी की समस्रूा वर्षों से चली आ रही है। हर साल आश्वासन तो मिलता है, लेकिन धरातल पर कोई ठोस पहल नहीं दिखती। प्रधानाध्यापक का कहना है पहले ऐसे ही आवेदन दिया जाता था, लेकिन अब ई शिक्षा कोष के माध्यम से आवेदन दिया जा रहा है। इस पोर्टल के माध्यम से भी मैं आवेदन दे दूंगा। डीईओ करेंगेसमस्या के समाधान की दिशा में पहल जिला शिक्षा पदाधिकारी राजन कुमार ने बताया कि स्कूल भवन और कमरों के निर्माण के लिए जिला शिक्षा कार्यालय के तकनीकी कोषांग में प्रस्ताव भेजना आवश्यक होता है। यह आवेदन ई-शिक्षा कोष के माध्यम से किया जाता है। जिन विद्यालयों को समस्या है, उन्हें नियमित बैठकों में उपस्थित होकर अपनी बात रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि जलालपुर प्लस टू हाई स्कूल में कमरों की कमी है तो वह प्रधानाध्यापक से बात कर समस्या के समाधान की दिशा में पहल करेंगे। फोटो-15 जनवरी भभुआ- 14 कैप्शन - रामपुर प्रखंड के जलालपुर स्थित पीएम श्री 2 हाई स्कूल के प्रयोगशाला कक्ष में पढ़ाई करते बच्चे।

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