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हिंदी न्यूज़ बिहार भभुआपानी के अभाव में अब तक 30 फीसदी हो सकी धान की रोपनी (पेज चार)

पानी के अभाव में अब तक 30 फीसदी हो सकी धान की रोपनी (पेज चार)

हिन्दुस्तान टीम,भभुआNewswrap
Wed, 14 Jul 2021 09:20 PM
पानी के अभाव में अब तक 30 फीसदी हो सकी धान की रोपनी (पेज चार)

खेतीबारी पर निर्भर है रामपुर प्रखंड की 90 फीसदी आबादी, बढ़ने लगी है चिंता

मौसम ने दगा दिया तो नहर ने भी छोड़ दिया साथ, अब बिन पानी कैसे हो रोपनी

रामपुर। एक संवाददाता

कैमूर जिला मुख्यालय से पूरब व दक्षिण भाग में रामपुर प्रखंड है, जहां की करीब 90 फीसदी आबादी कृषि पर निर्भर है। लेकिन, इस वर्ष जब मौसम ने दगा दिया तो नहर ने भी किसानों का साथ छोड़ दिया। ऐसे में धान की रोपनी प्रभावित हो गई है। कृषि विभाग के अधिकारी का अधिकारी का कहना है कि अब तक रामपुर प्रखंड में करीब 30 फीसदी ही धान की रोपनी हो सकी है। जबकि अब तक करीब शत-प्रतिशत रोपनी हो जाना चाहिए थी। क्योंकि धान की रोपनी का उत्तम समय 15 जुलाई तक है।

कृषि अधिकारी कहते हैं कि अगर 15 जुलाई के बाद रोपनी होती हैं तो जाड़े के मौसम में धान का बाली निकलने में परेशानी होगी। अगर बाली निकली भी उसके दाने सम्पुष्ट नहीं हो पाते हैं। विदित हो कि रामपुर प्रखंड को दो भागों में बांटा गया है। प्रखंड के दक्षिणी हिस्से में पहाड़ी व उत्तरी भाग में मैदानी क्षेत्र है। दक्षिणी भाग के खेतों की सिंचाई दुर्गावती जलाशय परियोजना से निकली बायी तट नहर और उत्तरी भाग के खेतों की सिंचाई सोन उच्च स्तरीय मुख्य नहर तथा इससे निकली वितरणियों से होती है।

अब स्थिति यह है कि इन नहरों का पानी टेल तक नहीं पहुंच रहा है, जिससे धान की रोपनी प्रभावित हो रही है। इसको लेकर किसान परेशान हैं। लोहदी के किसान शोभनाथ दुबे व चुनमुन दुबे ने बताया कि हमलोगों के क्षेत्र में फसल की सिंचाई दुर्गावती जलाशय परियोजना से निकली बायी तट नहर से होती है। पानी नहीं आने से कई एकड़ खेत में धान की रोपनी नहीं हो सकी है। बारिश भी बंद है। अब खेतों में दरारें पड़ने लगी है। नर्सरी में लगे बिचड़े व रोपे गए धान के पौधों की पत्तियां पीली होने लगी हैं।

किसानों ने बताया कि साधन संपन्न किसान तो मोटर व डीजल पंप चलाकर फसल की सिंचाई कर रहे हैं, लेकिन साधनविहीन किसान कभी आसमान तो कभी नहर की ओर निहार रहे हैं। आकाश में बादल मंडराता देख बारिश की आस लगा रहे हैं। लेकिन, बादल छंटने के बाद मायूस हो जा रहे हैं। गम्हरियां के किसान नंदन सिंह ने बताया कि सोन उच्च स्तरीय मुख्य नहर व इससे निकली वितरणी में पर्याप्त पानी नहीं आने के कारण टेल तक पानी नहीं पहुंच रहा है। इससे धान की रोपनी प्रभावित हो रही है। कहीं -कहीं तो पानी के लिए मारपीट की नौबत आ जा रही है।

प्रखंड कृषि पदाधिकारी सूर्यकांत प्रसाद ने बताया कि रामपुर प्रखंड में 7879 हेक्टेयर में धान की खेती करने का लक्ष्य रखा गया है। लेकिन, अब तक करीब 30 फीसदी ही धान की रोपनी हुई है। इसका कारण बारिश नहीं होने व नहरों का पानी टेल नहीं पहुंचना है। उन्होंने बताया कि धान की रोपनी का उत्तम समय 15 जुलाई तक ही है। इसके बाद धान की रोपनी होती है तो फसल प्रभावित होगी।

फोटो- 14 जुलाई भभुआ- 13

कैप्शन- रामपुर प्रखंड के करिगाईं गांव के बधार में धान की रोपनी करती महिलाएं।

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