भीषण गर्मी से कैमूर झुलसा, 44 डिग्री तक पहुंचा पारा, दिनभर बेहाल रहे लोग
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पेज चार की लीड खबर भीषण गर्मी से कैमूर झुलसा, 44 डिग्री तक पहुंचा पारा, दिनभर बेहाल रहे लोग तेज धूप और पछुआ हवा ने बढ़ाई तपिश, बच्चों, बुजुर्गों व मवेशियों को हुई परेशानी दोपहर में सड़कें हुईं सुनसान, शाम तक गर्म हवाओं का असर रहा कायम भभुआ, नगर संवाददाता। कैमूर जिले में रविवार को भीषण गर्मी ने लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। सुबह से ही तेज धूप और गर्म पछुआ हवा के कारण लोग बेहाल नजर आए। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में अधिकतम तापमान 43 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे लोगों को झुलसा देने वाली गर्मी का सामना करना पड़ा।
गर्मी का प्रभाव
सुबह के समय हल्के बादलों की आवाजाही जरूर दिखी, लेकिन इससे गर्मी पर कोई खास असर नहीं पड़ा। नौ बजे के बाद सूर्य की तपिश तेज होती गई और दोपहर तक हालात और कठिन हो गए। सुबह के समय तापमान 37 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया। पश्चिमी दिशा से चल रही पछुआ हवा ने वातावरण को और अधिक गर्म बना दिया। हवा की गति सात से 25 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच रही, जबकि कई बार इसके तेज झोंके 36 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गए। जिले के बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर सुबह से ही लोगों की आवाजाही सामान्य दिनों की तुलना में कम नजर आई। गर्मी से बचने के लिए लोग सिर पर गमछा और छाता लेकर निकलते दिखे। जिले के अस्पतालों और दवा दुकानों पर भी गर्मी से जुड़ी समस्याओं को लेकर लोगों की चिंता बढ़ी रही।
दोपहर की गर्मी
दोپहर 12 बजे के बाद जिले में गर्मी ने विकराल रूप ले लिया। आसमान पूरी तरह साफ होने के कारण सूर्य की किरणें सीधे धरती पर पड़ती रहीं और तापमान 43 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा। गर्म पछुआ हवा 25 से 29 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलती रही, जबकि हवा के झोंके 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने से तपिश और अधिक महसूस हुई। तेज धूप के कारण सड़कों पर सन्नाटा पसर गया और बाजारों में भीड़ कम हो गई। आवश्यक कार्य से बाहर निकले लोग जल्द से जल्द घर लौटने की कोशिश करते दिखे। मजदूरों, रिक्शा चालकों और खुले स्थानों पर काम करने वालों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ी।
बच्चों और बुजुर्गों पर असर
भीषण गर्मी का असर बच्चों, बुजुर्गों और मवेशियों पर भी साफ तौर पर देखने को मिला। दोपहर के समय अधिकांश बच्चे घरों में ही रहने को मजबूर दिखे। बुजुर्गों को भी गर्मी के कारण घरों से बाहर निकलने में परेशानी हुई। पशुपालकों ने मवेशियों को धूप से बचाने के लिए छांव और पानी की व्यवस्था की। खेतों और खुले स्थानों पर काम कर रहे किसानों व मजदूरों को भी कठिन हालात का सामना करना पड़ा। कम आर्द्रता के कारण उमस भले कम रही, लेकिन शरीर को झुलसाने वाली गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी।
शाम की राहत
शाम छह बजे के बाद तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई और यह 35 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया, लेकिन गर्म हवाओं का असर देर शाम तक कायम रहा। मौसम जानकारों के अनुसार अगले कुछ दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है। ऐसे में लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचने, अधिक पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और धूप से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है। फोटो परिचय 17-भभुआ-03-शहर की मुख्य सड़क पर कड़ी घुप में ओढ़नी से मुंह बांधकर जाती छात्राएं
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