Hindi NewsBihar NewsBhabua NewsPost-Election Discussions Heat Up in Bhbua Voter Analytics and Predictions
अरमान मुरझाए नहीं, इसलिए समर्थक अलाप रहे जीत की राग

अरमान मुरझाए नहीं, इसलिए समर्थक अलाप रहे जीत की राग

संक्षेप:

चौक-चौराहों व गांव की चौपाल पर वोट की गणित की सुलझा रहे गुत्थी हर खेमे में बूथवार वोट मिलने का आंकड़ा जुटाने का चल रहा है सिलसिला

Nov 12, 2025 08:41 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, भभुआ
share Share
Follow Us on

चौक-चौराहों व गांव की चौपाल पर वोट की गणित की सुलझा रहे गुत्थी अरमान की नैया को अनुमान के पतवार से खेने की लोग कर रहे हैं चर्चा कहा, शोर मचाने से भले सच उजागर न हो, पर चुप रहने पर मुरझा सकता है हर खेमे में बूथवार वोट मिलने का आंकड़ा जुटाने का चल रहा है सिलसिला (पेज चार की फ्लायर खबर) भभुआ, कार्यालय संवाददाता। कैमूर में मतदान खत्म हो गया है। किसे कितना मत मिला होगा और कौन कितना वोट से जीत सकते हैं पर चर्चा शुरू हो गई है। शहर के चौक-चौराहों और चाय-पानी की दुकानों पर अभी भी खद्दरधारी की मंडली बैठकी लगा रही है।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

यह सिलसिला 14 नवंबर तक जारी रहने की संभावना है। शहर के एकता चौक पर स्थित चाय दुकान पर विभिन्न दलों के कार्यकर्ता व समर्थक बुधवार को प्रत्याशियों को मिले मत पर चर्चा कर रहे थे। शोर मचाने से सच उजागर भले न हो, लेकिन चुप रहने से वह मुरझा सकता है। इसलिए अरमान की नैया अनुमान के पतवार से खेने की कवायद शुरू है। मतदान के बाद से हर खेमे में बूथवार वोट मिलने का आंकड़ा जुटाने का सिलसिला मंगलवार की देर रात तक चला। बुधवार को भी पूरा दिन फलां पार्टी और फलां प्रत्याशी जीतेंगे के शोर से चौक-चौराहा गुलजार रहा। प्रखंड क्षेत्र के हर चौक-चौराहे व गांव की चौपाल में जीत-हार की जुबानी जंग अभी भी जारी है। बुधवार को एकता चौक पर किस प्रत्याशी के जीतने की संभावना सबसे ज्यादा प्रबल है? लड़ाई में कौन किस स्थान पर रहेगा? किस क्षेत्र में कौन भारी रहा? किस प्रखंड में किसके-किसके बीच मुकाबला हुआ? मतदाताओं का कौन सा वर्ग किधर खिसका, किधर शिफ्ट हुआ जैसे अनगिनत सवालों की झड़ी के बीच बेंच के समीक्षकों की बातें सुनकर हर कोई हैरान है। व्यंग्य, बड़बोलेपन, हास्य का चलता रहा दौर हालांकि हर तर्क के खत्म होने का विकल्प 14 नवंबर की मतगणना पर ही आकर ठहरती रही। ब्लॉक गेट के पास चाय दुकान पर सुबह में समीक्षकों का जुटान हुआ तो अचानक माहौल की रंगत बदल गई। जुबानी जंग में व्यंग्य, बड़बोलेपन, हास्य व गर्म मिजाज के साथ बहस परवान चढ़ती रही। हर कोई अपनी बात मनवाने में परेशानी दिखा। वोटों की ऐसी गिनती सुनकर भला कौन दंग न हो जाए। हालांकि बीच-बीच में चाय की चुस्की व पान की गिलौरी बहस को धार देती रही। साइलेंट वोटर खेला कर देले हउवन चाय पी रहे अरविंद बोले, हरियाली बाबा एक बात त माने क पड़ी कि ई बार तोहार पार्टी के ना चली। यह सुन हरियाली बाबा ताव में आ गए। बोले, तोहार त फुलवे मुरझा जाई। हमनिए क नाव पर सवार होके सपना देखत रह जइब। पास में बैठे ढाढ़ी वाले बाबा बोले, भइया ई बार रामभजन क हार्थी भी तेज चाल में चलल बा। ओकरो क कम मत आंक। तब तक बुझावन लाल बोल उठे, त सबसे कमजोर एकबाल भाई के तीर के का समझत हउव? बेरोजगार बाबू बोले, साइलेंट वोटर खेला कर देले हउवन, बाकी तक 14 के पता चली। फोटो- 12 नवंबर भभुआ- 1 कैप्शन- भभुआ शहर के ब्लॉक गेट के पास चाय दुकान पर बुधवार को मतदान व चुनाव परिणाम पर चर्चा करते लोग।