Bhabua News: दुर्व्यहार मामले में सहायक अवर निरीक्षक निलंबित
Bhabua News: भभुआ में जनता दरबार के दौरान एक नागरिक के साथ दुर्व्यवहार करने के मामले में सहायक अवर निरीक्षक परमानंद प्रसाद को निलंबित कर दिया गया। पुलिस अधीक्षक शिखर चौधरी ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्हें मुख्यालय भेजा और जांच के निर्देश दिए। सभी पुलिसकर्मियों को आमजन के साथ दुर्व्यवहार न करने की चेतावनी दी गई।

Bhabua News: जनता दरबार में गाली-ग्लौच, मारपीट और धमकी देने की शिकायत पुलिस अधीक्षक ने निलंबित एएसआई को जिला पुलिस केंद्र में भेजा (पेज तीन) भभुआ, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। करमचट (सबार) थाना में आयोजित जनता दरबार में एक नागरिक के साथ दुर्व्यहार करने के मामले में सहायक अवर निरीक्षक को निलंबित कर दिया गया।
पुलिस अधीक्षक की कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक शिखर चौधरी ने बताया कि करमचट थाना में पदस्थापित सहायक अवर निरीक्षक परमानंद प्रसाद के खिलाफ एक व्यक्ति के साथ जातिसूचक गाली-ग्लौच करने, मारपीट एवं धमकी देने की शिकायत मिली थी। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए मुख्यालय पुलिस केंद्र भभुआ में भेजा गया है।
जांच की प्रक्रिया
एसपी के अनुसार, इस प्रकरण की जांच के लिए भभुआ के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ओम प्रकाश को निर्देशित किया गया है। जांच प्रतिवेदन आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने साफ कहा कि आमजन के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यहार, भेदभाव अथवा अभद्र आचरण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोष्ज्ञी पाए जानेवाले कर्मियों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
अन्य पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई
मालूम हो कि पुलिस प्रशासन द्वारा अवैध वसूली करने के मामले में भी कई पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। वह जेल भेजे गए हैं। वर्दी में रील बनाने पर गृहरक्षक पर कार्रवाई भभुआ। सदर थाना के मुख्य द्वार पर वर्दी में रील बनाना महंगा पड़ गया। उसके खिलाफ पुलिस अधीक्षक शिखर चौधरी ने अनुशासनिक कार्रवाई की है।
सोशल मीडिया पर वीडियो
उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें गृहरक्षक जवान द्वारा ड्यूटी के दौरान वर्दी में वीडियो बनाकर सोशल मीडिया हैंडल पर डाला गया है। अवलोकन करने पर पता चला कि यह वीडियो भभुआ थाना का है। गृहरक्षक जवान की पहचान कुदरा थाना में कार्यरत विकास कुमार के रूप में की गई। उन्होंने कहा कि उक्त गृहरक्षक का व्यवहार पुलिस बल की गरिमा और छवि को धूमिल करना तथा विभागीय गाइडलाइन का उल्लंघन पाया गया। इसलिए उसके खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की गई है।


