
भारतमाला में कैमूर के किसानों का 6.41 करोड़ भुगतान लंबित
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पेज चार की लीड खबर भारतमाला में कैमूर के किसानों का 6.41 करोड़ भुगतान लंबित पौने पांच करोड़ एनएचआई के जीएम व डेढ़ करोड़ पीडी स्तर पर है लंबित किसानों को अधिग्रहित भूमि की अब तक एक अरब पांच करोड़ का भुगतान ग्राफिक्स 1.75 अरब रुपये करीब मुआबजे की राशि किसानों को करनी है भुगतान 1.05 रुपये लगभग कैमूर के किसानों को अबतक किया गया है भुगतान भभुआ, हिन्दुस्तान संवाददाता। भारतमाला परियोजना के तहत कैमूर जिले में हो रहे वाराणसी-कोलकत्ता एक्सप्रेस-वे निर्माण के लिए अधिग्रहित भूमि की किसानों को राशि भुगतान की गति धीमी चल रही है। किसानों का जीएम स्तर पर मुआबजा भुगतान की राशि चार करोड़ 92 लाख, 56 हजार 545 एवं परियोजना निदेशक के स्तर पर करीब एक करोड़ 48 लाख, 56 हजार 545 लंबित पड़ा हुआ है।

वहीं एनएचआई के द्वारा जिले के किसानों को अब तक एक अरब पांच करोड़ दस लाख 51 हजार 241 रुपये मुआबजे की राशि भुगतान किया गया है। प्रशासनिक सूत्रों की माने तो भारत माला परियोजना के तहत कैमूर जिले में करीब 72-73 मौजों में किसानों के भूमि का अधिग्रहण किया गया है। अधिग्रहति भूमि की कुल करीब एक अबर 75 करोड़ की राशि किसानों को भुगतान करना है। हांलाकि सरकार एवं जिला प्रशासन किसानों को अधिग्रहित भूमि की मुआबजा की राशि भुगतान करने की प्रक्रिया तीब्र गति से क्रियान्वित कर रहा है। विभागीय अफसरों की माने तो मुआबजे की राशि भुगतान करने के लिए कागजी प्रक्रिया पूरी करने के उदेश्य से जिला प्रशासन के द्वारा कई चरणों में पंचायत व गांव स्तर पर शिविर लगाया गया। जिला व प्रखंड स्तरों पर आयोजित शिविरों में पटना के प्रमंडीय आयुक्त शिविरों में खुद उपस्थित होकर किसानों की समस्याओं को सूना और उसके निदान के लिए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन भी दिया। बता दें कि अधिग्रहित भूमि की उचित मुआबजे की मांग को लेकर काफी दिनों तक कैमूर के किसानों ने आंदोलन किया। कलेक्ट्रेट से लेकर निर्माण कंपनी के बेस कैंप किसानों ने कई बार धरना-प्रदर्शन किया। किसानों के आंदोलन में देश के किसान नेता राकेश टिकैत भी शामिल हुए। हांलाकि प्रशासन ने सख्ती के साथ अधिग्रहित भूमि को एनचआई को कब्जे में दिलाकर एक्सप्रेस-वे निर्माण का कार्य प्रारंभ करा दिया है। फिलहाल जिले में वाराणसी-कोलकत्ता एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। कैमूर के इन गांवों से गुजरेगी एक्सप्रेस-वे भभुआ। वाराणसी-कोलकत्ता एक्सप्रेस-वे कैमूर जिले के दर्जनों गांवों से होकर गुजरेगी। जिला प्रशासन द्वारा मिली जानकारी के अनुसार एक्सप्रेस-वे चांद प्रखंड के गोई गांव के पास कैमूर जिले में प्रवेश करेगी। इसके बाद जिगना, सिहोरिया, खाटी, बघैला, पिपरिया, मोरवा, चैनपुर के सिरबिट, खखरा, मसोई, सिकंन्दरपुर, मानपुर, दुलहरा, भभुआ प्रखंड के मानिकपुर, देवर्जी कला, बेतरी, कुड़ासन, सारंगपुर, पलका, सीवों, कुशडिहरा, माधवपुर, धरवार, सेमरा, भगवानपुर के ओरा, ददरा, मेहदवार, रामपुर के दुबौली, पसाई, बसुहारी, सोनरा, अकोढ़ी, पछेहरा, गंगापुर, बसिनी, ठकुरहट, सबार व निसिजा होते हुए रोहतास जिले के चैनपुर प्रखंड में प्रवेश करेगी। चार राज्यों को जोड़ेगी यह एक्सप्रेस-वे भभुआ। भारत माला परियोजना के तहत बनने वाली गंगा एक्सप्रेस-वे चार राज्यों को जोड़ेगी। जानकार सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस एक्सप्रेस-वे का निर्माण हो जाने से उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड व बंगाल जुड जाएगा, जहां से आने-जाने वाले यात्रियों का सफर आसान हो जाएगा। यात्रि कम समय में अपनी यात्रा पूरी कर सकेंगे। मालवाहक वाहन भी समय से अपने गनतब्य स्थानों पर पहुंच जाएंगे। इतना ही नहीं इस महत्वाकांक्षी एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य पूरा होने से यूपी-बिहार, झारखंड व बंगाल के बीच कनेक्टिविटी होगी। यह एक्सप्रेस-वे वाराणसी से रांची-कोलकत्ता तक जाएगी जो बिहार में कैमूर-रोहतास के दक्षिणवर्ती इलाकों से गुजरेगी। फोटो-11 दिसम्बर भभुआ-09 कैप्शन-जिले के रामपुर प्रखण्ड के करगाई सीवान से गुजर रही एक्सप्रेसवे का हो रहा मिट्ी निर्माण कार्य

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