ऑक्सीजन प्लांट में लटके ताले, बेड तक नहीं हो रही आपूर्ति
सदर अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट की मशीन में खराबी आ गई है, जिससे ऑक्सीजन की आपूर्ति बंद हो गई है। मरीजों को ऑक्सीजन कंस्टेटर और सिलेंडर से दी जा रही है। यह समस्या तीन साल से चल रही है। अस्पताल प्रबंधन ने मशीन ठीक कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग को सूचित किया है।

मशीन में खराबी आने से बंद पड़ा है सदर अस्पताल में स्थापित ऑक्सीजन प्लांट, अधीक्षक ने दी है स्वास्थ्य विभाग को सूचना मरीजों को ऑक्सीजन कंस्टेटर और सिलेंडर से दी जा रही है ऑक्सीजन सदर अस्पताल के 74 बेड पर ऑक्सीजन पहुंचाने की लगी है पाइपलाइन 500 एलपीएम क्षमता है ऑक्सीजन प्लांट की 20 मरीजों को एक साथ मिल सकती है सुविधा (पेज तीन की लीड खबर) भभुआ, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। सदर अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट की मशीन में खराबी आ जाने से उसमें ताले लटक रहे हैं। इस वजह से इस प्लांट से मरीजों के बेड तक ऑक्सीजन की आपूर्ति बंद है।
मरीजों को ऑक्सीजन कंस्टेटर और सिलेंडर से उपलब्ध कराई जा रही है। यह समस्या तीन वर्षों से बनी हुई है। अस्पताल प्रबंधन ने विभाग के वरीय अधिकारी को मशीन ठीक कराने के लिए पत्र लिखा है। लेकिन, अबतक इसे दुरूस्त नहीं किया जा सका है। कोरोना काल में सदर अस्पताल में सरकार ने ऑक्सीजन प्लांट स्थापित कराया था। पाइप लाइन के जरिए मरीजों के 74 बेड तक ऑक्सीजन पहुंचाने की सुविधा उपलब्ध करायी गयी थी। तब ऑक्सीजन प्लांट से मरीजों के बेड तक ऑक्सीजन आपूर्ति होती थी। कोरोना काल में इस प्लांट से ऑक्सीजन देकर अस्पताल प्रबंधन ने कई मरीजों को नई जिन्दगी दी है। लेकिन, अब सांस के मरीज को कंस्टेटर व सिलेंडर के जरिये ऑक्सीजन दी जा रही है। सदर अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट की 500 लीटर की क्षमता है, जिससे 15 से 20मरीजों को एक साथ ऑक्सीजन दी जा सकती है। सदर अस्पताल में भर्ती मरीज व उनके परिजनो का कहना है कि पहले सदर अस्पताल के बेड तक आसानी से ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध हो जा रही थी। लेकिन, अब सिलेंडर और कंस्टेटर से ऑक्सीजन मिल रही है। इस प्लांट से मरीजों को एक साल तक सुविधा मिली। लेकिन, मशीन में खराबी आने के बाद अब यह सुविधा नहीं मिल रही है। 50 मरीजों को रोजाना दी जा रही ऑक्सीजन भभुआ। सदर अस्पताल में रोजाना 50 मरीजों को ऑक्सीजन दी जा रही है। इनमें महिला, पुरुष व बच्चे मरीज शामिल हैं। ऑक्सीजन की जरूरत को कंस्टेटर व सिलेंडर के माध्यम से पूरी की जा रही है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि सदर अस्पताल में 50 ऑक्सीजन कंस्टेटर उपलब्ध है। हर माह 30 से 40ऑक्सीजन सिलेंडर उपयोग होता है। ऑक्सीजन सिलेंडर का सबसे ज्यादा उपयोग सदर अस्पताल के एसएनसीयू और ऑपरेशन थिएटर में होता है। हि.प्र. तीन अस्पतालों के ऑक्सीजन प्लांट खराब भभुआ। कोविड पीड़ितों की जिंदगी बचाने के लिए बिहार सरकार ने कोरोना काल में जिले के भभुआ सदर अस्पताल, मोहनियां के अनुमंडल अस्पताल और रामगढ़ के रेफरल अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया था। लेकिन, वर्तमान में तीनों प्लांट बंद पड़े हैं। ऐसी स्थिति में इन अस्पतालों में कंस्टेटर व सिलेंडर के जरिये मरीजों को ऑक्सीजन की सुविधा दी जा रही है। शहर के 72 वर्षीय सुखारी प्रसाद ने बताया कि वह सांस रोग से परेशान रहते हैं। जब सांस लेने में ज्यादा तकलीफ होती है, तब वह अस्पताल में चिकित्सक के पास आ जाते हैं। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की राय से वह ऑक्सीजन की सुविधा लेते हैं। हि.प्र. कोट सदर अस्पताल में स्थापित ऑक्सीजन प्लांट की मशीन में खराबी आने से बंद पड़ा है। इसकी जानकारी सिविल सर्जन और राज्य मुख्यालय के वरीय अधिकारी को दी गयी है। सदर अस्पताल के मरीजों को कंस्टेटर व सिलेंडर से ऑक्सीजन की सुविधा दी जा रही है। डॉ. विनोद कुमार सिंह, उपाधीक्षक, सदर अस्पताल (भभुआ से उदय प्रकाश) फोटो- 07 मार्च भभुआ- 1 कैप्शन- सदर अस्पताल के इमरजेंसी भवन के पास बंद पड़ा ऑक्सीजन प्लांट।
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